फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   En el encuentro, el premio Shubham y Mohit heridos.

मुठभेड़ में इनामी शुभम और मोहित घायल

Sun, 21 Oct 2018 12:01 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
अमर उजाला/बिजनौर Updated Sun, 21 Oct 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
En el encuentro, el premio Shubham y Mohit heridos.
जिला अस्पताल मे घायल मोहित और शुभम को देखते एसपी उमेश कुमार। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में  चांदपुर पुलिस, स्वॉट सर्विलांस टीम के साथ मुठभेड़ में पचास हजार का ईनामी बदमाश शुभम और 25 हजार का इनामी बदमाश उसका साथी मोहित घायल हो गए। स्वाट टीम के सिपाही अरविंद भी गोली लगने से घायल हुए। जलीलपुर क्षेत्र के सुजातपुर खादर उर्फ खद्दन के जंगल में बदमाशों के साथ टीम की यह मुठभेड़ हुई। घटना की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। दोनों घायल बदमाश और सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र के रामबाग घेर निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम और हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव कुम्हारपुरा निवासी 25 हजार के इनामी बदमाश मोहित ने जिले की पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। दोनों बदमाश लूट की ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने दोनों को दबोचने के लिए कई बार जाल बिछाया। पर वे   हाथ नहीं आए। शनिवार की शाम करीब छह बजे पुलिस को सूचना मिली की शुभम अपने साथी मोहित के साथ चांदपुर क्षेत्र के जलीलपुर इलाके में सुजातपुर खादर उर्फ खद्दन के    जंगल में छिपा है।चांदपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विरेंद्र सिंह, स्वॉट टीम के प्रभारी सतेंद्र भड़ाना, दरोगा राजीव सिंह और सर्विलांस टीम प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने अपनी टीम के साथ सुजातपुर खादर उर्फ खद्दन के जंगल की घेराबंदी की। जंगल में छिपे दोनों बदमाशों ने पुलिस पर गोली चलाई। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ में शुभम व उसका साथी मोहित घायल हो गए। स्वॉट टीम के सिपाही अरविंद के भी कंधे में गोली लगी। दोनों बदमाशों के पास से तीन तमंचे, बड़ी तादाद में कारतूस बरामद हुए हैं। बदमाशों के पास एक बैग भी मिला है।
विज्ञापन


बड़ा बदमाश बनना चाहता था शुभम
शुभम आदित्य की तरह बड़ा बदमाश बनना चाहता था। उसने लूट की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। शुभम का सपना जरायम की दुनिया में नाम कमाने का था। वह बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में लग रहा था। पुलिस ने चौतरफा शुभम की घेराबंदी कर रखी थी। घायल होने के बाद शुभम व मोहित टूट गए थे। वे कई दिनों से शांत पड़े थे। दोनों की बाइक कई दिन पहले फिसल गई थी और दोनों घायल हो गए थे। तब से दोनों चोरी छिपे अपना उपचार भी करा रहे थे और जंगलों में पनाह लेते घूम रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस दबिश के दौरान छत से कूदा शुभम का रिश्तेदार
हल्दौर में  50 हजार के इनामी बदमाश शुभम को पकड़ने के लिए पुलिस व एसओजी ने उसकी बहन के घर दबिश दी। पुलिस ने शुभम की बहन के ससुर प्रवीण चौधरी को पकड़ने की कोशिश की तो वह घबराकर मकान की छत से कूद गया। परिजन जब घायल प्रवीण चौधरी को गाड़ी से बिजनौर ले जाने लगे तो एसओजी ने रास्ते से ही उसे अपने कब्जे में लेकर अपने साथ ले गई और जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
कोतवाली शहर बिजनौर के रामबाग निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम व उसके साथ 25 हजार के इनामी बदमाश हल्दौर के गांव कुम्हारपुरा निवासी मोहित ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है। पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी ये पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहे हैं। पुलिस शुभम की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाने के लिए उसके रिश्तेदारों को उठा रही है। शुभम की बहन की शादी गांव करनपुर गावड़ी निवासी प्रवीण चौधरी के पुत्र नीरज कुमार के साथ हुई है। शनिवार की सुबह करीब नौ बजे पुलिस व एसओजी की टीम ने गांव करनपुर गांवड़ी में उसकी बहन की ससुराल में दबिश दी। एसओजी टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने उसकी बहन के घर को चारों ओर से घेर लिया। बहन का ससुर प्रवीण चौधरी (55) अपने आपको घिरता देख एकमंजिला मकान की छत से नीचे कूद गया। इससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। गांव में पुलिस आने की सूचना पाकर ग्रामीणों की मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस की इस कार्रवाई से गांव वाले भड़क गए। गांव वालों को गुस्से में देखकर टीम खाली हाथ लौट आई। परिजन घायल प्रवीण चौधरी को उपचार के लिए बोलेरो से बिजनौर ले जा रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार बिजनौर-नूरपुर हाईवे पर स्थित गांव शरीफपुर की नहर की पुलिया के पास पीछे से आई एसओजी टीम बोलेरो गाड़ी व प्रवीण को कब्जे में लेकर अपने साथ बिजनौर ले गई।
गांव में पुलिस द्वारा आए दिन दबिश देने से ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली के प्रति आक्रोश पैदा हो गया। सोमपाल सिंह, पीतम सिंह, योगेश कुमार, बबीता, कुसुम, ब्रजेश देवी, संगीता देवी, शांति देवी, रेखा देवी आदि आक्रोशित ग्रामीणों ने   मौके पर पुलिस पर विभिन्न आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। गांववालों का कहना है कि पुलिस निर्दोष लोगों का उत्पीड़न कर रही है। उनका कहना है कि शुभम की   तलाश में कुछ दिन पूर्व पुलिस       ने उसकी बहन के नौकर को   पूछताछ के लिए उठाया था। ग्रामीण आए दिन पुलिस द्वारा गांव में दबिश देने से परेशान है। पैजनियां पुलिस चौकी प्रभारी परवेंद्र सिंह तोमर ने एसओजी टीम द्वारा प्रवीण सिंह को पूछताछ के लिए अपने साथ ले    जाने की पुष्टि की है।

जेलर को मारना चाहता था शुभम  
बिजनौर। 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम के निशाने पर जेलर आकाश शर्मा थे। कुख्यात बदमाश आदित्य ने शुभम को जेलर का खात्मा करने की जिम्मदारी दी थी। दोनों बदमाश के बीच जेलर को ठिकाने लगाने की बात भी हो चुकी थी। शुभम जेलर को ठिकाने लगाने की फिराक में था। शुभम व कुख्यात बदमाश आदित्य की दोस्ती बिजनौर जेल में हुई थी। तब से शुभम आदित्य के गैंग  से जुड़ा था। आदित्य जेलर आकाश शर्मा व जिले के एक विधायक को ठिकाने लगाना चाहता था। मेरठ जेल से हरदोई जेल जाते    समय आदित्य के कपड़ों से मिले पत्र में भी इस बात का खुलासा हुआ है। शुभम के मुठभेड़ के  दौरान पकड़े जाने पर बताया कि उसका अगला     टारगेट जेलर आकाश शर्मा थे। आदित्य ने ही जेलर को ठिकाने लगाने की   उसे जिम्मेदारी दी थी। आदित्य व उसके बीच जेलर का खात्मा करने के  लिए बात हो चुकी थी। वह कई दिनों से जेलर को ठिकाने लगाने की फिराक   में लगा था पर जेलर उसके हत्थे नही चढ़ रहा था। जेलर से दुश्मनी के बारे   में शुभम ने कहा कि जेल में बंद रहने के दौरान जेलर आदित्य व उन्हें    परेशान करते थे। वे जेलर को ठिकाने लगाने में लगे थे, ताकि आगे को    पकड़े जाने पर जेलर जेल में उन्हें परेशान न करे।

मददगारों की तलाश में जुटी पुलिस
मुठभेड़ के दौरान पुलिस को शुभम   व मोहित के पास से एक बाइक भी मिली है।  पुलिस के मुताबिक    बाइक लूटी हुई है। बाइक कहां से लूटी थी ये बदमाशों से पता किया जा रहा है। पुलिस दोंनों बदमाशों से उनके मददगारों का पता लगाने में भी जुटी है। फरारी के दौरान कौन   उनकी मदद करता था। कौन युवक उसके गैंग से जुडे़ थे। शुभम के    सिर पर किसका हाथ था, पुलिस ये सब पता लगाने में जुटी है।


19 साल की उम्र में रखा था जरायम की दुनिया में कदम
बिजनौर। 50 हजार का इनामी बदमाश शुभम ने 19 साल की उम्र में ही जरायम की दुनिया में कदम रख दिया था। शुभम पर शुरू में पांच हजार का इनाम घोषित हुआ था। तब वह बाइक लूट में पुलिस के हाथ लग गया था। अब शुभम 50 हजार का इनामी बदमाश बन गया था। बिजनौर के राम बाग घेर निवासी शुभम दो साल पहले अपराध की दुनिया में नाम उभरा था। तब शुभम छोटी मोटी घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वह बाइक लूट में पकड़ा गया था। जेल जाने पर उसकी जेल में कुख्यात बदमाश आदित्य से पहचान हुई और वह आदित्य के गैंग से जुड़ गया। शुभम जेल से बाहर आने पर    चेन लूट व अन्य छोटी मोटी घटनाओं को अंजाम देने लगा, पर किसी को उस पर शक नहीं था। एक माह पहले तक शुभम अपने घर पर आराम से रह रहा था। शुभम ने इसके बाद ताबड़तोड़ लूट की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा दी। तब वह पुलिस की नजर में आया और 50 हजार का इनामी बदमाश बन गया। शुभम व मोहित में पहले से दोस्ती है। शुभम क  े पिता भोबिन बताते हैं कि शुभम के पास मोहित खूब आता जाता था। दोनों ने मिलकर लूट की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। शुभम की इन हरकतों से परेशान हैं। शुभम के पकड़े जाने से जिले की पुलिस ने राहत की सांस ली है। शुभम को पकड़ने के लिए पुलिस की 25   टीम गठित की गईं थीं, पर वह हाथ नहीं आ रहा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed