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सूबे को दहलाने की थी साजिश
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 24 Apr 2017 01:06 AM IST
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मुफ्ती फैजान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुंबई से दबोचा गया नहटौर का नाजिम उमर और बढ़ापुर की मोती मस्जिद का पेश इनाम मुफ्ती फैजान यूपी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को दहलाने के लिए बम बनाने की फिराक में लगे थे। इसके लिए दोनों साथियों के साथ मिलकर धन का इंतजाम करने में जुटे थे। मुफ्ती फैजान को बम बनाने के साथ अन्य असलहों का इंतजाम करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
नहटौर का नाजिम उर्फ उमर व बढ़ापुर की मोती मस्जिद का पेश इमाम दोनों ही आतंक की दुनिया में रम गए थे। नाजिम ने आतंकी सगंठन आईएस के इशारे पर नया आतंकी गुट बना लिया था।
इस गुट में नाजिम और मुफ्ती फैजान के अलावा जालंधर पंजाब का गाजी बाबा, बिहार नरकटियागंज के एहतेशाम समेत कई लोग शामिल थे। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, गुट से जुड़े आतंकी अक्सर जालंधर गाजी बाबा से मिलने जाते थे।
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जालंधर को इस गुट ने अपना ठिकाना बना लिया। आतंकी गुट की महत्वपूर्ण बैठक भी जालंधर में होती थी। वहां से ही सारे बड़े निर्णय लिए जाते थे। सूत्रों की मानें तो आईएस के इशारे पर काम करने वाला यह गुट यूपी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को दहलाना चाहता था। इस काम के लिए बम बनाने की तैयारी की जा रही है।
बम बनाने के साथ अन्य असलहों का इंतजाम करने को भी उसे ही कहा गया था। इसके लिए आतंकी गुट इन दिनों धन का इंतजाम कर रहा था। इस काम में नाजिम और बाकी आतंकी लगे थे।
साथ ही ये वेस्ट यूपी में स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। कई युवा इनके संपर्क में थे। मुफ्ती फैजान कई साल तक देवबंद व हैदराबाद में रहा है। इसके अलावा भी फैजान का देश के कई शहरों में खूब आना-जाना था।
फैजान किन बाहरी लोगों के संपर्क में था, यह खंगालने में एटीएस की टीम जुटी हुई है। सूत्रों की मानें तो पकड़े गए आतंकियों ने एटीएस की पूछताछ में सारी बातें उगल दी हैं। ये इस बात का खुलासा नहीं कर रहे हैं कि बम विस्फोट कहां और कब करना था।
इस आंतकी गुट के निशाने पर यूपी के अलावा देश के कई महत्वपूर्ण स्थान थे। एसपी अजय साहनी के मुताबिक, यह पता चला है कि बिजनौर से पकड़े गए आतंकियों का गुट बम बनाने की कोशिश कर रहा था।
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नहटौर का नाजिम उर्फ उमर व बढ़ापुर की मोती मस्जिद का पेश इमाम दोनों ही आतंक की दुनिया में रम गए थे। नाजिम ने आतंकी सगंठन आईएस के इशारे पर नया आतंकी गुट बना लिया था।
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इस गुट में नाजिम और मुफ्ती फैजान के अलावा जालंधर पंजाब का गाजी बाबा, बिहार नरकटियागंज के एहतेशाम समेत कई लोग शामिल थे। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, गुट से जुड़े आतंकी अक्सर जालंधर गाजी बाबा से मिलने जाते थे।
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जालंधर को इस गुट ने अपना ठिकाना बना लिया। आतंकी गुट की महत्वपूर्ण बैठक भी जालंधर में होती थी। वहां से ही सारे बड़े निर्णय लिए जाते थे। सूत्रों की मानें तो आईएस के इशारे पर काम करने वाला यह गुट यूपी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को दहलाना चाहता था। इस काम के लिए बम बनाने की तैयारी की जा रही है।
बम बनाने के साथ अन्य असलहों का इंतजाम करने को भी उसे ही कहा गया था। इसके लिए आतंकी गुट इन दिनों धन का इंतजाम कर रहा था। इस काम में नाजिम और बाकी आतंकी लगे थे।
साथ ही ये वेस्ट यूपी में स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। कई युवा इनके संपर्क में थे। मुफ्ती फैजान कई साल तक देवबंद व हैदराबाद में रहा है। इसके अलावा भी फैजान का देश के कई शहरों में खूब आना-जाना था।
फैजान किन बाहरी लोगों के संपर्क में था, यह खंगालने में एटीएस की टीम जुटी हुई है। सूत्रों की मानें तो पकड़े गए आतंकियों ने एटीएस की पूछताछ में सारी बातें उगल दी हैं। ये इस बात का खुलासा नहीं कर रहे हैं कि बम विस्फोट कहां और कब करना था।
इस आंतकी गुट के निशाने पर यूपी के अलावा देश के कई महत्वपूर्ण स्थान थे। एसपी अजय साहनी के मुताबिक, यह पता चला है कि बिजनौर से पकड़े गए आतंकियों का गुट बम बनाने की कोशिश कर रहा था।