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बैंक का पैसा प्रशासन के पास
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 09 Feb 2017 12:11 AM IST
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बिजनौर में प्रशासन ने तीन फरवरी को चेकिंग के दौरान पकड़े गए इलाहाबाद बैंक के 80 लाख रुपये अब तक वापस नहीं किए हैं। इसके चलते बैंक में कैश का टोटा हो गया है। अपना कैश लेने के लिए बैंक अफसर व कर्मचारी प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
जिस समय कैश पकड़ा गया, बैंक कर्मचारी उसे मेरठ से बिजनौर सिटी ब्रांच ला रहे थे। इस कैश को जब्त कर जिला कोषागार की कस्टडी में दे दिया गया था। औपचारिकता के बाद इस राशि को अगले दिन छोड़ने की बात कही गई थी। इस मामले की जांच आयकर विभाग कर रहा है। बैंक कर्मचारियों के मुताबिक, आयकर विभाग वाले किसी न किसी मामले में जांच के लिए कागज मांग लेते हैं। इधर, बैंक का रुपया होने के बाद भी उपभोक्ताओं को नहीं बांटा जा रहा है। एक दिन तो बैंक के सामने ‘नो कैश’ का बोर्ड टंगा रहा। इससे ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला आयकर अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, मामले की पूरी जांच की जा रही है। इस मामले में मेरठ व मुरादाबाद के अधिकारियों को भी रिपोर्टिंग की जा रही है। इलाहाबाद बैंक प्रबंधक आशीष कुमार के अनुसार, कैश कम होने से उपभोक्ताओं को भी कम बांटा जा रहा है।
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जिस समय कैश पकड़ा गया, बैंक कर्मचारी उसे मेरठ से बिजनौर सिटी ब्रांच ला रहे थे। इस कैश को जब्त कर जिला कोषागार की कस्टडी में दे दिया गया था। औपचारिकता के बाद इस राशि को अगले दिन छोड़ने की बात कही गई थी। इस मामले की जांच आयकर विभाग कर रहा है। बैंक कर्मचारियों के मुताबिक, आयकर विभाग वाले किसी न किसी मामले में जांच के लिए कागज मांग लेते हैं। इधर, बैंक का रुपया होने के बाद भी उपभोक्ताओं को नहीं बांटा जा रहा है। एक दिन तो बैंक के सामने ‘नो कैश’ का बोर्ड टंगा रहा। इससे ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला आयकर अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, मामले की पूरी जांच की जा रही है। इस मामले में मेरठ व मुरादाबाद के अधिकारियों को भी रिपोर्टिंग की जा रही है। इलाहाबाद बैंक प्रबंधक आशीष कुमार के अनुसार, कैश कम होने से उपभोक्ताओं को भी कम बांटा जा रहा है।
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