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खैर की लकड़ी तस्कर की जमानत निरस्त
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:52 PM IST
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बिजनौर । एडीजे संदीप जैन ने बेशकीमती खैर की लकड़ी की तस्करी के आरोपी फरमान की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
वनकर्मियों को तीन फरवरी 2018 की शाम साढ़े छह बजे सूचना मिली कि कुछ लोग आरक्षित वन क्षेत्र जाफराबाद में बोलेरो पिकअप में खैर की लकड़ी भर रहे हैं। सूचना मिलने पर बीट प्रभारी चंदनवीर अपने वनकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तो फरमान निवासी ग्राम मोबिन नगर थाना कोतवाली देहात को बोलेरो पिकअप और वहां से खैर की बेशकीमती लकड़ी चार हिरन के सींग के साथ पकड़ लिया। उसके बाकी साथी उठाकर वहां से फरार हो गए। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान वन विभाग के अधिवक्ता मोहम्मद नईम द्वारा फरमान पहले भी अवैध रूप से पेड़ों का कटान करता रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही दस मुकदमे दर्ज हैं। 19 जनवरी 2018 को उसे सेशन न्यायालय द्वारा इस शर्त पर जमानत पर रिहा किया गया था कि वह पुन: अपराध नहीं करेगा। उसने वादाखिलाफी करते हुए पुन: खैर की लकड़ी का कटान कर उसकी तस्करी का प्रयास किया है। उसे जमानत नहीं दी जाए। अदालत ने उचित आधार न पाते हुए फरमान की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
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वनकर्मियों को तीन फरवरी 2018 की शाम साढ़े छह बजे सूचना मिली कि कुछ लोग आरक्षित वन क्षेत्र जाफराबाद में बोलेरो पिकअप में खैर की लकड़ी भर रहे हैं। सूचना मिलने पर बीट प्रभारी चंदनवीर अपने वनकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तो फरमान निवासी ग्राम मोबिन नगर थाना कोतवाली देहात को बोलेरो पिकअप और वहां से खैर की बेशकीमती लकड़ी चार हिरन के सींग के साथ पकड़ लिया। उसके बाकी साथी उठाकर वहां से फरार हो गए। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान वन विभाग के अधिवक्ता मोहम्मद नईम द्वारा फरमान पहले भी अवैध रूप से पेड़ों का कटान करता रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही दस मुकदमे दर्ज हैं। 19 जनवरी 2018 को उसे सेशन न्यायालय द्वारा इस शर्त पर जमानत पर रिहा किया गया था कि वह पुन: अपराध नहीं करेगा। उसने वादाखिलाफी करते हुए पुन: खैर की लकड़ी का कटान कर उसकी तस्करी का प्रयास किया है। उसे जमानत नहीं दी जाए। अदालत ने उचित आधार न पाते हुए फरमान की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।