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कक्षा नौ से शुरू कर दी थी राजनीति
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:36 AM IST
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बिजनौर। भाजपा विधायक लोकेेंद्र चौहान कक्षा नौ से छात्र जीवन से ही सक्रिय राजनीति में सक्रिय हो गए थे। उनकी गिनती जिले के कद्दावर नेताओं में होती थी। भाजपा में बड़े नेताओं के करीबी होने के साथ-साथ वे संघ के पदाधिकारियों के भी प्रिय थे। हिंदूवादी मामलों को उठाने में हमेशा आगे रहते थे। वे तीन बार चुनाव लड़े। पहले चुनाव में पराजित होने के बाद भी संगठन के कामों में जुटे रहे। पिछले दो बार से लगातार विधायक बन रहे थे। उनकी आरएसएस व भाजपा दोनों में गहरी पैठ थी। उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा विधान मंडल दल का कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य में न होने या व्यस्त होने पर लोकेंद्र चौहान के हस्ताक्षर से भी विकास कार्यों के लिए विकास निधि जारी होती थी।
आरएसएस में शुरू से ही सक्रिय रहे लोकेेंद्र चौहान ने धामपुर से छात्र राजनीति की शुरूआत की। वे कक्षा नौ से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर छात्रों की आवाज उठाने लगे। युवाओं में उन्होंने संगठन की मजबूत पकड़ बनाई। उनकी मेहनत को देखते हुए वे संगठन के नेताओं की पहली पसंद बन गए। उन्हें संगठन का जिला संयोजक, मंडल विभाग प्रमुख व प्रदेश सहमंत्री भी बनाया गया। बाद में भाजपा में शामिल हो गए। वर्ष 2000 में भाजपा युवा मोर्च के जिलाध्यक्ष बने। बाद में जिला महामंत्री बने। 2007 में धामपुर विधानसभा से टिकट मिला, लेकिन वे चुनाव हार गए। संगठन के लिए उनकी मेहनत को देखते हुए उन्हें 2009 में उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया गया। जिलाध्यक्ष रहते हुए ही उन्हें 2012 के चुनाव में नूरपुर विधानसभा से उतारा गया। वे चुनाव जीत गए। विधायक बनने के बाद भी उन्हें फिर से जिलाध्यक्ष की कमान दी गई। वे संगठन को मजबूत बनाने में लगे रहे। लोकेेंद्र चौहान के केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह व उनके बेटे पंकज सिंह से बहुत करीबी रिश्ते रहे। उन्होंने हिंदूवादी मुद्दों को उठाया। 2016 में हुए पेद्दा कांड में उन्होंने हिंदुओं के पक्ष को मजबूती से रखा। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में फिर से चुनाव जीतकर अपनी धाक जमाई। लोकेंद्र चौहान ने विधायक रहते हुए भी आरएसएस के पदाधिकारियों से दूरी नहीं बनाई। आरएसएस नेताओं के वे करीबी बने रहे। उनकी पकड़ के चलते ही उन्हें यूपी भाजपा विधान मंडल दल का कोषाध्यक्ष बनाया गया था। विकास कार्यों की निधि निकालने के लिए कागजात पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा लोकेंद्र चौहान के हस्ताक्षर भी मान्य थे। लोकेंद्र चौहान को संगठन द्वारा पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रस्तावक भी बनाया गया था। इसी महीने उन्हें भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी का पदेन स्थायी सदस्य भी बनाया गया था।
प्रोफाइल
जन्म : 30-12-78
छात्र राजनीति : तहसील प्रमुख, जिला संयोजक, मंडल विभाग प्रमुख, प्रदेश सहमंत्री।
2000-भाजपा के युवा जिलाध्यक्ष।
2007-धामपुर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी।
2009-जिलाध्यक्ष बने।
2012-भाजपा के टिकट पर विधायक बने।
2017-दोबारा विधायक बने।
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आरएसएस में शुरू से ही सक्रिय रहे लोकेेंद्र चौहान ने धामपुर से छात्र राजनीति की शुरूआत की। वे कक्षा नौ से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर छात्रों की आवाज उठाने लगे। युवाओं में उन्होंने संगठन की मजबूत पकड़ बनाई। उनकी मेहनत को देखते हुए वे संगठन के नेताओं की पहली पसंद बन गए। उन्हें संगठन का जिला संयोजक, मंडल विभाग प्रमुख व प्रदेश सहमंत्री भी बनाया गया। बाद में भाजपा में शामिल हो गए। वर्ष 2000 में भाजपा युवा मोर्च के जिलाध्यक्ष बने। बाद में जिला महामंत्री बने। 2007 में धामपुर विधानसभा से टिकट मिला, लेकिन वे चुनाव हार गए। संगठन के लिए उनकी मेहनत को देखते हुए उन्हें 2009 में उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया गया। जिलाध्यक्ष रहते हुए ही उन्हें 2012 के चुनाव में नूरपुर विधानसभा से उतारा गया। वे चुनाव जीत गए। विधायक बनने के बाद भी उन्हें फिर से जिलाध्यक्ष की कमान दी गई। वे संगठन को मजबूत बनाने में लगे रहे। लोकेेंद्र चौहान के केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह व उनके बेटे पंकज सिंह से बहुत करीबी रिश्ते रहे। उन्होंने हिंदूवादी मुद्दों को उठाया। 2016 में हुए पेद्दा कांड में उन्होंने हिंदुओं के पक्ष को मजबूती से रखा। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में फिर से चुनाव जीतकर अपनी धाक जमाई। लोकेंद्र चौहान ने विधायक रहते हुए भी आरएसएस के पदाधिकारियों से दूरी नहीं बनाई। आरएसएस नेताओं के वे करीबी बने रहे। उनकी पकड़ के चलते ही उन्हें यूपी भाजपा विधान मंडल दल का कोषाध्यक्ष बनाया गया था। विकास कार्यों की निधि निकालने के लिए कागजात पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा लोकेंद्र चौहान के हस्ताक्षर भी मान्य थे। लोकेंद्र चौहान को संगठन द्वारा पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रस्तावक भी बनाया गया था। इसी महीने उन्हें भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी का पदेन स्थायी सदस्य भी बनाया गया था।
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प्रोफाइल
जन्म : 30-12-78
छात्र राजनीति : तहसील प्रमुख, जिला संयोजक, मंडल विभाग प्रमुख, प्रदेश सहमंत्री।
2000-भाजपा के युवा जिलाध्यक्ष।
2007-धामपुर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी।
2009-जिलाध्यक्ष बने।
2012-भाजपा के टिकट पर विधायक बने।
2017-दोबारा विधायक बने।