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हत्याकांड में शहजाद को आजीवन कारावास
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हत्याकांड में शहजाद को आजीवन कारावास
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने जुल्फकार हत्याकांड में आरोपी शहजाद उर्फ पप्पू को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोप सिद्ध न होने पर मृतक की पत्नी मेहरोजा को बरी कर दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार थाना किरतपुर के गांव रंघड़पुरा निवासी मेहरोजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पति जुल्फकार और अपने पति के साथ देहरादून में रहती थी। वह अपने पति और बच्चों के साथ ईद मनाने गांव आए थे। 19 जुलाई 2015 की शाम उसके पति जुल्फकार घूमने के लिए कहकर गए थे। देर रात तक वे नहीं आए तो चिंता होने पर उसने अपने पति जुल्फकार के मोबाइल पर फोन किया तो उन्होंने कहा कि वह परेशान न हो वह गांव में ही हैं। रात 12 बजे तक पति के नहीं आने पर उसने यह बात अपने परिवार वालों को बताई। परिवार वालों ने गांव वालों के साथ उसके पति की तलाश की। उन लोगों को सुबह लगभग आठ बजे जुल्फकार का शव ईदगाह के पास मिला। जुल्फकार के सीने में गोली लगी थी। पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई कि शहजाद के जुल्फकार की पत्नी से अवैध संबंध थे। शहजाद निवासी राजोपुर ने मेहरोजा के चाचा सत्तार की जमीन ठेके पर ले रखी थी। शहजाद सत्तार के घर रहकर खेतीबाड़ी का काम करता था। इस दौरान उसके मेहरोजा से अवैध संबंध हो गए थे। ठेका समाप्त होने के बाद भी शहजाद का सत्तार के घर पर आना जाना लगा रहा। इसका पता चलने पर जुल्फकार अपनी पत्नी मेहरोजा को देहरादून अपने साथ ले गया था। ईद पर वह पत्नी और बच्चों के साथ घर आया था। अवैध संबंधों का विरोध करने पर उसकी शहजाद से गहमागहमी हुई थी। इसके बाद शहजाद ने गोली मारकर जुल्फकार की हत्या की गई। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश में जुल्फकार की पत्नी मेहरोजा भी शामिल थी। पुलिस ने इस मामले में शहजाद की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोका बरामद किया था। पुलिस ने शहजाद और उसकी प्रेमिका मेहरोजा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मामले में सिर्फ शहजाद को ही सजा सुनाई है। जबकि मेहरोजा को बरी कर दिया गया है।
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बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने जुल्फकार हत्याकांड में आरोपी शहजाद उर्फ पप्पू को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोप सिद्ध न होने पर मृतक की पत्नी मेहरोजा को बरी कर दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार थाना किरतपुर के गांव रंघड़पुरा निवासी मेहरोजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पति जुल्फकार और अपने पति के साथ देहरादून में रहती थी। वह अपने पति और बच्चों के साथ ईद मनाने गांव आए थे। 19 जुलाई 2015 की शाम उसके पति जुल्फकार घूमने के लिए कहकर गए थे। देर रात तक वे नहीं आए तो चिंता होने पर उसने अपने पति जुल्फकार के मोबाइल पर फोन किया तो उन्होंने कहा कि वह परेशान न हो वह गांव में ही हैं। रात 12 बजे तक पति के नहीं आने पर उसने यह बात अपने परिवार वालों को बताई। परिवार वालों ने गांव वालों के साथ उसके पति की तलाश की। उन लोगों को सुबह लगभग आठ बजे जुल्फकार का शव ईदगाह के पास मिला। जुल्फकार के सीने में गोली लगी थी। पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई कि शहजाद के जुल्फकार की पत्नी से अवैध संबंध थे। शहजाद निवासी राजोपुर ने मेहरोजा के चाचा सत्तार की जमीन ठेके पर ले रखी थी। शहजाद सत्तार के घर रहकर खेतीबाड़ी का काम करता था। इस दौरान उसके मेहरोजा से अवैध संबंध हो गए थे। ठेका समाप्त होने के बाद भी शहजाद का सत्तार के घर पर आना जाना लगा रहा। इसका पता चलने पर जुल्फकार अपनी पत्नी मेहरोजा को देहरादून अपने साथ ले गया था। ईद पर वह पत्नी और बच्चों के साथ घर आया था। अवैध संबंधों का विरोध करने पर उसकी शहजाद से गहमागहमी हुई थी। इसके बाद शहजाद ने गोली मारकर जुल्फकार की हत्या की गई। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश में जुल्फकार की पत्नी मेहरोजा भी शामिल थी। पुलिस ने इस मामले में शहजाद की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोका बरामद किया था। पुलिस ने शहजाद और उसकी प्रेमिका मेहरोजा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मामले में सिर्फ शहजाद को ही सजा सुनाई है। जबकि मेहरोजा को बरी कर दिया गया है।
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