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राकेश हत्या में आदित्य सहित सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:46 AM IST
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स्योहारा। कुख्यात बदमाश आदित्य गैंग के मुकेश हत्याकांड के पैरोकार राकेश की हत्या के मामले में मेरठ जेल में बंद आदित्य, उसकी बहन मोनिका समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस की कई टीम गैंग के सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
गांव रानानंगला निवासी राकेश की बृहस्पतिवार शाम गांव बेरखेड़ा में बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। राकेश हत्याकांड में कुख्यात बदमाश आदित्य गैंग का नाम सामने आया है। आदित्य ने 14 अक्तूबर 2017 को राकेश के भाई मुकेश को पुलिस को मुखबिरी करने के शक में गोलियों से भून डाला था। राकेश मुकेश हत्याकांड की पैरवी कर रहा था। इस बात पर ही आदित्य गैंग ने राकेश का कत्ल किया है। मेरठ जेल में बंद आदित्य ने राकेश की हत्या की जिम्मेदारी गैंग को जेल से दी थी। इस मामले में जेल में बंद आदित्य, उसकी बहन मोनिका, चाचा जयवीर, जयवीर के बेटे शुभम, दूसरे चचेरे भाई राहुल, आदित्य के भाई बिट्टू व रोबिन के खिलाफ राकेश की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस की तीन टीम गैंग के सदस्यों को दबोचने के लिए निकल गई है। आदित्य की बहन मोनिका पर पहले से ही आदित्य की मदद करने के आरोप लगते रहे है। आदित्य के गैंग की कमान मोनिका के हाथ में रहती है। आदित्य की फरारी के दौरान भी मोनिका ही गैंग को चला रही थी। अब आदित्य जेल से ही गैंग को चला रहा है। स्योहारा एसओ अरिहंत सिद्धार्थ के अनुसार पुलिस की तीन टीम गैंग के सदस्यों को दबोचने के लिए लगाई गई हैं। आदित्य गैंग से कौन कौन बदमाश जुड़े थे यह भी पता किया जा रहा है।
अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए गांव वाले
राकेश की हत्या के बाद गांव राना नंगला व बेरखेड़ा में सन्नाटा पसरा हुआ है। कोई भी गांव वाला अपनी जुबान खोलने को तैयार नहीं है। राकेश की हत्या के दौरान आदित्य के गैंग के सदस्य जुबान खोलने वालों को जान से मारने की धमकी देकर गए है। राकेश का पोस्टमार्टम होने के बाद शुक्रवार दोपहर उसका अंतिम संस्कार किया गया। डर की वजह से करीबी रिश्तेदारों को छोड़कर कोई भी गांव वाला अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। सांत्वना देने के लिए भी गांव वाले अपने घरों से बाहर नहीं निकले।
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आदित्य और राहुल को लाड़ करती है श्यामा देवी
राकेश की मां श्यामा देवी को क्या मालूम था कि जिस आदित्य को वे घर में बना सामान खिलाती थीं एक दिन वह ही उसके बेटों की जान लेगा। 75 साल की श्यामा देवी का राकेश की हत्या के बाद रो रोकर बुरा हाल है। श्यामा देवी के मुताबिक आदित्य की दादी गुरदासपुर की रहने वाली थीं। 40 साल पहले पिता की संपत्ति पर काबिज होकर गांव रानानंगला में रहने आई थीं। आदित्य का उनके परिवार से गहरा लगाव रहा है। आदित्य गलत संगत में पड़कर बदमाश बन गया था। श्यामा देवी मामी होने के नाते आदित्य का बड़ा ख्याल रखती थी। आदित्य जब भी गांव आता था तो उसे अपने हाथों से खाना खिलाती थीं और दूध पिलाती थीं। घर में खाने का जो भी सामान रखा रहता था उसे लड़ झगड़कर आदित्य ले लेता था। आदित्य के साथ राहुल को भी वे दूध पिलाती थीं। उन्हें क्या पता था कि दोनों एक दिन उसके बेटों की जान के दुश्मन बन जाएंगे।
गांवों में दहशत का माहौल
राकेश की हत्या से आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल है। गांव वालों के मुताबिक अगर पिछले दिनों पुलिस आदित्य को मुठभेड़ में मार गिराती तो राकेश की हत्या नहीं होती। गांव वालों को डर है कि आदित्य का गैंग अभी न जाने कितने लोगों की जान लेगा। गैंग में न जाने कितने लोग हैं।
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गांव रानानंगला निवासी राकेश की बृहस्पतिवार शाम गांव बेरखेड़ा में बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। राकेश हत्याकांड में कुख्यात बदमाश आदित्य गैंग का नाम सामने आया है। आदित्य ने 14 अक्तूबर 2017 को राकेश के भाई मुकेश को पुलिस को मुखबिरी करने के शक में गोलियों से भून डाला था। राकेश मुकेश हत्याकांड की पैरवी कर रहा था। इस बात पर ही आदित्य गैंग ने राकेश का कत्ल किया है। मेरठ जेल में बंद आदित्य ने राकेश की हत्या की जिम्मेदारी गैंग को जेल से दी थी। इस मामले में जेल में बंद आदित्य, उसकी बहन मोनिका, चाचा जयवीर, जयवीर के बेटे शुभम, दूसरे चचेरे भाई राहुल, आदित्य के भाई बिट्टू व रोबिन के खिलाफ राकेश की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस की तीन टीम गैंग के सदस्यों को दबोचने के लिए निकल गई है। आदित्य की बहन मोनिका पर पहले से ही आदित्य की मदद करने के आरोप लगते रहे है। आदित्य के गैंग की कमान मोनिका के हाथ में रहती है। आदित्य की फरारी के दौरान भी मोनिका ही गैंग को चला रही थी। अब आदित्य जेल से ही गैंग को चला रहा है। स्योहारा एसओ अरिहंत सिद्धार्थ के अनुसार पुलिस की तीन टीम गैंग के सदस्यों को दबोचने के लिए लगाई गई हैं। आदित्य गैंग से कौन कौन बदमाश जुड़े थे यह भी पता किया जा रहा है।
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अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए गांव वाले
राकेश की हत्या के बाद गांव राना नंगला व बेरखेड़ा में सन्नाटा पसरा हुआ है। कोई भी गांव वाला अपनी जुबान खोलने को तैयार नहीं है। राकेश की हत्या के दौरान आदित्य के गैंग के सदस्य जुबान खोलने वालों को जान से मारने की धमकी देकर गए है। राकेश का पोस्टमार्टम होने के बाद शुक्रवार दोपहर उसका अंतिम संस्कार किया गया। डर की वजह से करीबी रिश्तेदारों को छोड़कर कोई भी गांव वाला अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। सांत्वना देने के लिए भी गांव वाले अपने घरों से बाहर नहीं निकले।
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आदित्य और राहुल को लाड़ करती है श्यामा देवी
राकेश की मां श्यामा देवी को क्या मालूम था कि जिस आदित्य को वे घर में बना सामान खिलाती थीं एक दिन वह ही उसके बेटों की जान लेगा। 75 साल की श्यामा देवी का राकेश की हत्या के बाद रो रोकर बुरा हाल है। श्यामा देवी के मुताबिक आदित्य की दादी गुरदासपुर की रहने वाली थीं। 40 साल पहले पिता की संपत्ति पर काबिज होकर गांव रानानंगला में रहने आई थीं। आदित्य का उनके परिवार से गहरा लगाव रहा है। आदित्य गलत संगत में पड़कर बदमाश बन गया था। श्यामा देवी मामी होने के नाते आदित्य का बड़ा ख्याल रखती थी। आदित्य जब भी गांव आता था तो उसे अपने हाथों से खाना खिलाती थीं और दूध पिलाती थीं। घर में खाने का जो भी सामान रखा रहता था उसे लड़ झगड़कर आदित्य ले लेता था। आदित्य के साथ राहुल को भी वे दूध पिलाती थीं। उन्हें क्या पता था कि दोनों एक दिन उसके बेटों की जान के दुश्मन बन जाएंगे।
गांवों में दहशत का माहौल
राकेश की हत्या से आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल है। गांव वालों के मुताबिक अगर पिछले दिनों पुलिस आदित्य को मुठभेड़ में मार गिराती तो राकेश की हत्या नहीं होती। गांव वालों को डर है कि आदित्य का गैंग अभी न जाने कितने लोगों की जान लेगा। गैंग में न जाने कितने लोग हैं।