फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   वन विभाग की नाक के नीचे ढाई करोड़ में बेच दी सेंचुरी की 168 बीघा जमीन

वन विभाग की नाक के नीचे ढाई करोड़ में बेच दी सेंचुरी की 168 बीघा जमीन

Tue, 19 Sep 2017 12:08 AM IST
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
वन विभाग की नाक के नीचे ढाई करोड़ में बेच दी सेंचुरी की 168 बीघा जमीन
बिजनौर। रामपुर ठकरा को खाली कराने के लिए वन विभाग और प्रशासन ने भले ही पूरे जोर लगा रखे हों, लेकिन ठगों के चंगुल से वे और बाकी किसान नहीं बच पाए। हरियाणा के करनाल के तीन भाइयों ने वन विभाग की 168 बीघा जमीन ढाई करोड़ में तीन लोगों को बेच दी। मेरठ में डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर ने भी जमीन खरीदी। इस खरीदारी पर स्टांप ड्यूटी भी दी गई, लेकिन किसी को कानोंकान इसकी भनक तक नहीं लगी। अब जमीन खरीदने वालों ने वन विभाग के खिलाफ हाईकोर्ट में केस डाला है।
विज्ञापन

गांव रामपुर ठकरा को खाली कराने की कवायद वन विभाग कई साल से करता रहा है। हालांकि मामला कोर्ट में चलने के कारण लंबा खींच गया। गांववाले भी अपनी जमीन बचाने में लगे रहे। वन विभाग के अधिकारी गांव वालों पर ही नजरें गड़ाए रहे और वन विभाग की जमीन को हरियाणा के भूमाफिया ने अपनी बताकर बेच दिया। भू-माफिया ने वन विभाग की 168 बीघा जमीन का करीब ढाई करोड़ में बेच दिया। एक बार में 108 व दूसरी बार में 60 बीघा जमी बेची गई। पिछले साल यह जमीन बेची गई थी। जमीन मथुरा निवासी बलधारी सिंह, मदनपाल व मेरठ जिले के उपक्रीड़ा अधिकारी लक्ष्यराज त्यागी ने खरीदी। लक्ष्यराज त्यागी बिजनौर के ही रहने वाले हैं। जमीन हरियाणा के करनाल निवासी भाइयों पवन, जयपाल और कर्मवीर ने वन विभाग की जमीन उनको बेची। जमीन का बैनामा व दाखिल खारिज का भी किया गया तथा सरकार को स्टांप ड्यूटी तक दी गई, लेकिन इस दौरान तीनों भाइयों ने किसी को जरा भी भनक नहीं लगने दी कि वे वन विभाग की जमीन बेच रहे हैं। बलधारी सिंह का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों ने जमीन पर अपना कोई बोर्ड तक नहीं लगा रखा है। जमीन खरीदने के समय किसी ने उन्हें नहीं बताया कि जमीन वन विभाग की है। लक्ष्यराज त्यागी का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट ने उनका केस स्वीकृत कर लिया है। केस कोर्ट में होने के बाद भी वन विभाग के अधिकारियों ने मनमानी करते हुए उनकी जमीन पर अपना कब्जा ले लिया है।
विज्ञापन

मचान किए खाली
प्रशासनिक टीम के आने का पता चलने पर गांव वालों में खलबली मच गई। उन्होंने खेतों में बने मचानों से अपने बिस्तर, चारपाई व अन्य सामान ढोने शुरू कर दिए। महिलाएं भी इस काम में लगी रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed