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सीडी इंटर कालेज हल्दौर के प्रधानाचार्य का फरमान पांच व दस रूपए के सिक्के छात्रों से फीस में न ले
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:11 AM IST
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बिजनौर। सीडी इंटर कॉलेज हल्दौर के प्रधानाचार्य ने छात्रों की फीस में पांच व दस रुपये के सिक्केे नहीं लेने का फरमान जारी करके छात्रों व शिक्षकों की परेशानी बढ़ा दी है। शिक्षकों को चेतावनी दी गई है कि आगामी फीस में छात्रों से लिया गया पांच व दस रुपये का एक भी सिक्का कार्यालय में जमा नहीं किया जाएगा।
अब सीडी इंटर कॉलेज हल्दौर में छात्रों से मासिक फीस में पांच व दस रुपये के सिक्के नहीं लिए जाएंगे। छात्रों से कह दिया गया है कि कोई भी छात्र फीस में सिक्के नहीं लाए। प्रधानाचार्य की ओर से 19 सितंबर के निकाले आदेश में शिक्षकों को भी यह निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों से फीस में पांच व दस रुपये के सिक्के नहीं लें। प्रधानाचार्य का कहना है कि पांच व दस रुपये के सिक्के बैंकों द्वारा मान्य नहीं है। बैंक सिक्के जमा नही कर रहे हैं। प्रधानाचार्य के इस फरमान से जहां शिक्षक व अभिभावक आश्चर्यचकित हैं वही छात्र भी परेशान हैं। इस बारे में डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि देश में जो मुद्रा चलन में है , उसे लेने से मना नहीं किया जा सकता है। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य के पांच व दस रुपये के सिक्के नहीं लेने के आदेश को अनाधिकार चेष्टा बताया है। मामले की जांच कराई जाएगी। लीड बैँक अधिकारी अजय कुमार का कहना है कि बैंक को आदेश हैं कि एक बार में वह एक हजार रुपये के सिक्के स्वीकार करें।
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अब सीडी इंटर कॉलेज हल्दौर में छात्रों से मासिक फीस में पांच व दस रुपये के सिक्के नहीं लिए जाएंगे। छात्रों से कह दिया गया है कि कोई भी छात्र फीस में सिक्के नहीं लाए। प्रधानाचार्य की ओर से 19 सितंबर के निकाले आदेश में शिक्षकों को भी यह निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों से फीस में पांच व दस रुपये के सिक्के नहीं लें। प्रधानाचार्य का कहना है कि पांच व दस रुपये के सिक्के बैंकों द्वारा मान्य नहीं है। बैंक सिक्के जमा नही कर रहे हैं। प्रधानाचार्य के इस फरमान से जहां शिक्षक व अभिभावक आश्चर्यचकित हैं वही छात्र भी परेशान हैं। इस बारे में डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि देश में जो मुद्रा चलन में है , उसे लेने से मना नहीं किया जा सकता है। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य के पांच व दस रुपये के सिक्के नहीं लेने के आदेश को अनाधिकार चेष्टा बताया है। मामले की जांच कराई जाएगी। लीड बैँक अधिकारी अजय कुमार का कहना है कि बैंक को आदेश हैं कि एक बार में वह एक हजार रुपये के सिक्के स्वीकार करें।
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