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मारपीट में पिता-पुत्रों को सजा सुनाई
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:29 AM IST
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मारपीट में पिता-पुत्रों को सजा सुनाई
बिजनौर। एडीजे राजकुमार बंसल ने थाना मंडावर के ग्राम फजलपुर में दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष में एक पक्ष के तीन आरोपियों को सजा सुनाई है। दूसरे पक्ष के आरोपियों को दोष सिद्ध न होने पर बरी कर दिया है।
थाना मंडावर के गांव फजलपुर निवासी ताराचंद ने रिपोर्ट में कहा था कि वह भुईयार अनुसूचित जाति का है। 19 मई 2011 को उसके घर में घुसकर उसके गांव के ओमपाल, उसके भाई मदन व पिता दाताराम ने उसे जान से मारने की नीयत से मारना पीटना शुरू कर दिया। उसे बचाने उसका बेटा सुशील व बेटी सुमन आए तो उन्हें भी लाठी-डंडों से मारा पीटा और घर में आग लगा दी। इस मामले में अदालत ने मारपीट का दोषी पाते हुए ओमपाल व मदन को एक एक वर्ष की व उनके पिता दाताराम को छह माह की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से ओमपल द्वारा कराई गई रिपोर्ट में मारपीट के लिए ताराचंद, सुशील, जयपाल व नरेश को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने दोष सिद्ध न होने पर इन चारों आरोपियों को बरी कर दिया है।
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बिजनौर। एडीजे राजकुमार बंसल ने थाना मंडावर के ग्राम फजलपुर में दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष में एक पक्ष के तीन आरोपियों को सजा सुनाई है। दूसरे पक्ष के आरोपियों को दोष सिद्ध न होने पर बरी कर दिया है।
थाना मंडावर के गांव फजलपुर निवासी ताराचंद ने रिपोर्ट में कहा था कि वह भुईयार अनुसूचित जाति का है। 19 मई 2011 को उसके घर में घुसकर उसके गांव के ओमपाल, उसके भाई मदन व पिता दाताराम ने उसे जान से मारने की नीयत से मारना पीटना शुरू कर दिया। उसे बचाने उसका बेटा सुशील व बेटी सुमन आए तो उन्हें भी लाठी-डंडों से मारा पीटा और घर में आग लगा दी। इस मामले में अदालत ने मारपीट का दोषी पाते हुए ओमपाल व मदन को एक एक वर्ष की व उनके पिता दाताराम को छह माह की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से ओमपल द्वारा कराई गई रिपोर्ट में मारपीट के लिए ताराचंद, सुशील, जयपाल व नरेश को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने दोष सिद्ध न होने पर इन चारों आरोपियों को बरी कर दिया है।
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