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अब प्राइमरी स्कूल के पास मिला घायल मोर
Updated Fri, 20 Apr 2018 01:51 AM IST
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ढबारसी। राष्ट्रीय पक्षी मोर के घायल होने का सिलसिला नहीं रुक रहा है। आम के बागों के बाद गुरुवार को सुतारी कला गांव के प्राइमरी स्कूल के पास एक घायल मोर मिला। सूचना पर पहुंची 100 डायल पुलिस ने घायल मोर को लेकर पशु चिकित्सा केंद्र ढबारसी पहुंची। जहां मोर को भर्ती कर दिया। वन विभाग की देखरेख में मोर का इलाज चल रहा है। अब तक ढबारसी क्षेत्र में पांच घायल मोरों की मौत हो चुकी है।
सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव सुतारी कला निवासी पंकज ने गुरुवार को 100 डायल को फोन करके गांव के प्राइमरी स्कूल के पास घायल मोर के पड़े होने की सूचना दी। जानकारी मिलने पर 100 डायल पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने वन विभाग से संपर्क किया। बाद में घायल मोर को लेकर पशु चिकित्सा केंद्र ढबारसी पहुंच गई। मोर को डाक्टरों के हवाले कर दिया। जहां वन विभाग की देखरेख में डा. तेजपाल सिंह ने घायल मोर का इलाज शुरू कर दिया है। अभी तक घायल मिले पांच मोर ढबारसी क्षेत्र में पाए गए थे।
वन विभाग की चेतानी का असर तो नहीं
ढबारसी। लगातार पांच मोरों की मौत के बाद वन विभाग ने आम के बागों में कीटनाशक के छिड़काव की मनाही कर रखी है। साथ ही चेतावनी दी है कि जिस बाग में मोर घायल मिलेगा उसके बाग के मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसे में ग्रामीणों को शक है कि घायल मोर को स्कूल पर छोड़ा गया होगा।
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सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव सुतारी कला निवासी पंकज ने गुरुवार को 100 डायल को फोन करके गांव के प्राइमरी स्कूल के पास घायल मोर के पड़े होने की सूचना दी। जानकारी मिलने पर 100 डायल पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने वन विभाग से संपर्क किया। बाद में घायल मोर को लेकर पशु चिकित्सा केंद्र ढबारसी पहुंच गई। मोर को डाक्टरों के हवाले कर दिया। जहां वन विभाग की देखरेख में डा. तेजपाल सिंह ने घायल मोर का इलाज शुरू कर दिया है। अभी तक घायल मिले पांच मोर ढबारसी क्षेत्र में पाए गए थे।
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वन विभाग की चेतानी का असर तो नहीं
ढबारसी। लगातार पांच मोरों की मौत के बाद वन विभाग ने आम के बागों में कीटनाशक के छिड़काव की मनाही कर रखी है। साथ ही चेतावनी दी है कि जिस बाग में मोर घायल मिलेगा उसके बाग के मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसे में ग्रामीणों को शक है कि घायल मोर को स्कूल पर छोड़ा गया होगा।
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