{"_id":"5bb5026f867a557fe0599a5a","slug":"101538589295-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाजिया दहेज हत्याकांड में पति व ससुर को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नाजिया दहेज हत्याकांड में पति व ससुर को आजीवन कारावास
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पति व ससुर को आजीवन कारावास
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार ने नाजिया दहेज हत्याकांड में मृतका के पति और ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के मोहल्ला खत्रियान स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी नसीमा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री नाजिया की शादी थाना चांदपुर के गांव कमालपुर निवासी शेरबाज उर्फ शादाब से 14 दिसंबर 2014 को हुई थी। शादी के बाद से ही नाजिया को कम दहेज लाने का ताना देकर प्रताड़ित किया जाता था। उसका पति बाइक की मांग करता था। नौ अप्रैल 2015 को रात 10:30 बजे नाजिया के पति शेरबाज ने अपनी पत्नी के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क दिया। सास गुलशना और ननद के कहने पर ससुर शकील, देवर शहजाद ने माचिस से आग लगाकर उसे जला दिया था। गंभीर रूप से झुलसी नाजिया की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में सास व ननद व देवर सुनवाई के दौरान फरार होने के कारण उनकी फाइल अलग कर दी गई। पति शेरबाज और ससुर शकील के खिलाफ सुनवाई पूरी हुई और दोनों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार ने नाजिया दहेज हत्याकांड में मृतका के पति और ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के मोहल्ला खत्रियान स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी नसीमा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री नाजिया की शादी थाना चांदपुर के गांव कमालपुर निवासी शेरबाज उर्फ शादाब से 14 दिसंबर 2014 को हुई थी। शादी के बाद से ही नाजिया को कम दहेज लाने का ताना देकर प्रताड़ित किया जाता था। उसका पति बाइक की मांग करता था। नौ अप्रैल 2015 को रात 10:30 बजे नाजिया के पति शेरबाज ने अपनी पत्नी के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क दिया। सास गुलशना और ननद के कहने पर ससुर शकील, देवर शहजाद ने माचिस से आग लगाकर उसे जला दिया था। गंभीर रूप से झुलसी नाजिया की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में सास व ननद व देवर सुनवाई के दौरान फरार होने के कारण उनकी फाइल अलग कर दी गई। पति शेरबाज और ससुर शकील के खिलाफ सुनवाई पूरी हुई और दोनों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।