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सीओ से मिलकर महिलाओं ने दुखड़ा सुनाया
Updated Sun, 20 Aug 2017 01:35 AM IST
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नजीबाबाद। अनुसूचित जाति के जरूरतमंद परिवार की महिलाओं को सरकार से आर्थिक मदद दिलाने का प्रलोभन देकर ठगी गई रकम वापस न करने पर पीड़ित महिलाओं ने सीओ से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव बरमपुर निवासी कई महिलाएं तहसील पहुंचीं। महिलाओं ने सीओ महेश कुमार को शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि गांव के ही दंपति ने हरिद्वार निवासी एक समाजसेवी महिला से परिचय होने की बात कही थी। बताया कि समाजसेवी महिला अनुसूचित जाति के जरूरतमंद परिवार की महिलाओं को सरकार से 25-25 हजार आर्थिक मदद दिला सकती हैं। शिकायती पत्र में कहा गया कि बरमपुर निवासी दंपति ने प्रत्येक महिला को मदद दिलाने के एवज में पांच-पांच हजार रुपये खर्च होने की बात कही थी।
महिलाओं ने सीओ को बताया कि वे सरकार से आर्थिक मदद मिलने के प्रलोभन में फंस गईं और उन्होंने दंपति व हरिद्वार की कथित समाजसेवी महिला को अक्तूबर 2015 को पांच-पांच हजार रुपये जमा करा दिए। महिलाओं का कहना है कि जब एक वर्ष तक भी उन्हें सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली, तो उन्होंने जमा धनराशि वापस मांगी। गतवर्ष हरिद्वार निवासी महिला ने नजीबाबाद तहसील आकर धनराशि वापस देने का आश्वासन दिया था। महिलाओं का कहना है कि अब न तो उन्हें धनराशि वापस मिल रही है, बल्कि उन्हें धमकाया जा रहा है। महिलाओं किरतपुर पुलिस के एक एसआई पर आरोपियों की मदद करने और न्याय की गुहार कर रहीं महिलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। सीओ से मिली महिलाओं में क्रांति, सुशीला, उर्मिला, बबीता, किरन, हेमलता, ब्रह्मवती, प्रवेश, राखी, नीलावती, सुनीता, जग्गो, प्रकाशवती, मायावती, शशि, नीतू, बाला, संगीता शामिल रहीं।
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शनिवार को किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव बरमपुर निवासी कई महिलाएं तहसील पहुंचीं। महिलाओं ने सीओ महेश कुमार को शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि गांव के ही दंपति ने हरिद्वार निवासी एक समाजसेवी महिला से परिचय होने की बात कही थी। बताया कि समाजसेवी महिला अनुसूचित जाति के जरूरतमंद परिवार की महिलाओं को सरकार से 25-25 हजार आर्थिक मदद दिला सकती हैं। शिकायती पत्र में कहा गया कि बरमपुर निवासी दंपति ने प्रत्येक महिला को मदद दिलाने के एवज में पांच-पांच हजार रुपये खर्च होने की बात कही थी।
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महिलाओं ने सीओ को बताया कि वे सरकार से आर्थिक मदद मिलने के प्रलोभन में फंस गईं और उन्होंने दंपति व हरिद्वार की कथित समाजसेवी महिला को अक्तूबर 2015 को पांच-पांच हजार रुपये जमा करा दिए। महिलाओं का कहना है कि जब एक वर्ष तक भी उन्हें सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली, तो उन्होंने जमा धनराशि वापस मांगी। गतवर्ष हरिद्वार निवासी महिला ने नजीबाबाद तहसील आकर धनराशि वापस देने का आश्वासन दिया था। महिलाओं का कहना है कि अब न तो उन्हें धनराशि वापस मिल रही है, बल्कि उन्हें धमकाया जा रहा है। महिलाओं किरतपुर पुलिस के एक एसआई पर आरोपियों की मदद करने और न्याय की गुहार कर रहीं महिलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। सीओ से मिली महिलाओं में क्रांति, सुशीला, उर्मिला, बबीता, किरन, हेमलता, ब्रह्मवती, प्रवेश, राखी, नीलावती, सुनीता, जग्गो, प्रकाशवती, मायावती, शशि, नीतू, बाला, संगीता शामिल रहीं।
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