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गाय के दूध से सुधारेंगे अति कुपोषित बच्चों की सेहत
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गाय के दूध से सुधारेंगे अति कुपोषित बच्चों की सेहत
बिजनौर। अब अतिकुपोषित बच्चों की सेहत को गाय के दूध से ठीक किया जाएगा। ऐसे बच्चे के परिवार में गाय पालने की जगह और साधन होंगे तो उन्हें सरकारी गौशाला से गाय नि:शुल्क दिलाई जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्र व परिषदीय स्कूल की खाली पड़ी जमीन में किचन गार्डन बनाया जाएगा।
बच्चों से कुपोषण को खत्म करने के लिए सितंबर को पोषण माह के रूप में मनाया जाता है। इसमें कुपोषित बच्चों को उनके वजन व लंबाई के आधार पर चिह्नित किया जाता है। बाद में केंद्रों पर उनकी सेहत की देखभाल की जाती है और उनके माता पिता को भी बच्चों की सेहत के प्रति सजग किया जाता है। इस साल कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पोषण सप्ताह मनाया जाएगा। जिले में वर्तमान में चार हजार 906 बच्चे अतिकुपोषित व 29 हजार 191 बच्चे कुपोषित श्रेणी के हैं। अति कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करना कड़ी चुनौती होता है। अति कुपोषित बच्चों के लिए गाय के दूध से पोषण की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी डीएम को निर्देश दिए हैं। अति कुपोषित बच्चों के परिजनों को सरकार द्वारा बनाई गई गौशाला से गाय दिलाई जाएंगी। ये परिवार इन गायों को बाद में बेच नहीं पाएंगे। इसके अलावा परिषदीय स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की खाली पड़ी जमीनों पर किचन गार्डन बनाने को कहा है। यहां पर हरी सब्जी बोई जाएंगी। गाय के भरण पोषण के लिए सरकार की ओर से 900 रुपये महीना दिए जाने के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप पोषण माह मनाया जाएगा। गाय देने के बारे में अभी ज्यादा स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देशों के अनुसार ही काम होगा।
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बिजनौर। अब अतिकुपोषित बच्चों की सेहत को गाय के दूध से ठीक किया जाएगा। ऐसे बच्चे के परिवार में गाय पालने की जगह और साधन होंगे तो उन्हें सरकारी गौशाला से गाय नि:शुल्क दिलाई जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्र व परिषदीय स्कूल की खाली पड़ी जमीन में किचन गार्डन बनाया जाएगा।
बच्चों से कुपोषण को खत्म करने के लिए सितंबर को पोषण माह के रूप में मनाया जाता है। इसमें कुपोषित बच्चों को उनके वजन व लंबाई के आधार पर चिह्नित किया जाता है। बाद में केंद्रों पर उनकी सेहत की देखभाल की जाती है और उनके माता पिता को भी बच्चों की सेहत के प्रति सजग किया जाता है। इस साल कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पोषण सप्ताह मनाया जाएगा। जिले में वर्तमान में चार हजार 906 बच्चे अतिकुपोषित व 29 हजार 191 बच्चे कुपोषित श्रेणी के हैं। अति कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करना कड़ी चुनौती होता है। अति कुपोषित बच्चों के लिए गाय के दूध से पोषण की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी डीएम को निर्देश दिए हैं। अति कुपोषित बच्चों के परिजनों को सरकार द्वारा बनाई गई गौशाला से गाय दिलाई जाएंगी। ये परिवार इन गायों को बाद में बेच नहीं पाएंगे। इसके अलावा परिषदीय स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की खाली पड़ी जमीनों पर किचन गार्डन बनाने को कहा है। यहां पर हरी सब्जी बोई जाएंगी। गाय के भरण पोषण के लिए सरकार की ओर से 900 रुपये महीना दिए जाने के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप पोषण माह मनाया जाएगा। गाय देने के बारे में अभी ज्यादा स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देशों के अनुसार ही काम होगा।
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