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Bijnor News: रामपुर ठकरा में 395 बीघा जमीन पर काबिज किसानों को कोर्ट ने माना अतिक्रमणकारी

Fri, 29 Sep 2023 11:34 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Sep 2023 11:34 PM IST
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Court considered farmers occupying 395 bigha land in Rampur Thakra as encroachers.
- किसानों ने दायर किया था वाद, कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निरस्त किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। लघु वाद न्यायाधीश शिवानंद गुप्ता ने ग्राम रामपुर ठाकरा में 395 बीघा जमीन पर काबिज किसानों को अतिक्रमणकारी माना है। कोर्ट ने कहा है कि सरकारी अभिलेख और राज्यपाल के नोटिफिकेशन से इस संपत्ति का स्वामी किसान अपने को साबित नहीं कर पाए। इसलिए स्थाई निषेधाज्ञा निषेध के लिए दायर उनके वाद को निरस्त किया जाता है।
रामपुर ठाकरा निवासी रामफल, गंगाराम, फूल सिंह ,तेज प्रकाश, पवन कुमार सहित 23 लोगों ने सिविल न्यायालय में वाद दायर किया था। जिसमें गया कि वे लोग रामपुर ठाकरा में विवादित जमीन पर पूर्वजों के समय से ही काबिज हैं। यहां पर उनके घर बने हुए हैं, सरकारी नल, सड़कें और शिव मंदिर है। काबिज लोगों में अधिकांश किसान है, उनकी जमीन को अपनी बताकर वन विभाग उन्हें बेदखल करना चाहता है। इसके लिए वन विभाग ने उन्हें नोटिस दिया है, जबकि वह जमीन के स्वामी है।
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अदालत से प्रार्थना की गई थी कि वह शासन, प्रशासन, वन विभाग को उन्हें इस जमीन से बेदखल करने से रोके तथा उनके पक्ष में स्थाई निषेधाज्ञा निषेध जारी की जाए। उधर सरकारी पक्ष की ओर से कहा गया था कि यह जमीन सरकारी तथा वन विभाग की है। इस पर काबिज लोगों की हैसियत अतिक्रमणकारियों की तरह की है। शासन ने रामपुर ठाकरा की 395 बीघा जमीन को 28 फरवरी सन 1969 में आरक्षित वन भूमि घोषित किया है। जमीन पर काबिज लोगों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है।
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शासकीय अधिवक्ता हुकुम सिंह चौहान के अनुसार इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट द्वारा दिए निर्णय में कहा गया है कि जिन्होंने कोर्ट में वाद दाखिल किया है वह अपना इस जमीन पर स्वामित्व साबित नहीं कर सके हैं। ऐसे में जमीन सरकारी वन विभाग की है। इसलिए उनका वाद निरस्त किया जाता है।
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