फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Cooperative societies laggy in recovering dues

सहकारी समितियां बकाया वसूलने में फिसड्डी

Sat, 01 Jan 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jan 2022 11:54 PM IST
विज्ञापन
Cooperative societies laggy in recovering dues
बिजनौर। जिले की सहकारी समितियां बकाया वसूलयाबी में फिसड्डी साबित हो रही हैं। सहकारी समिति झालू ने सबसे कम वसूली की है। एक सहकारी समिति के सचिव के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अन्य के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
विज्ञापन

जिले में 96 सहकारी समितियों में 176081 सक्रिय सदस्य हैं। समितियां किसानों को खाद बीज नगद व उधार देती है। ऋण वसूली की जिम्मेदारी समिति की होती है। सहायक निबंधक सहकारी समितियां प्रदीप सिंह ने बताया कि कि सहकारी समितियों पर एक जुलाई 2021 तक 21992.82 लाख बकाया है। समितियों ने लक्ष्य के विपरीत 5238.60 लाख रुपये की वसूली की है, जो मात्र 23.81 प्रतिशत है। किसानों पर अब भी 17401.66 लाख रुपये की देनदारी है। शासन ने सहकारी समिति कासमपुर गढ़ी के सचिव को समिति कार्यों में दिलचस्पी नहीं लेने के कारण निलंबित कर दिया है। अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।
विज्ञापन

------
सबसे खराब वसूली वाली टॉप पांच समिति
जिले में सहकारी समिति झालू ने सबसे कम लक्ष्य की मात्र साढ़े तीन प्रतिशत वसूली की है। इसके बाद क्रमश: स्याऊ ने 08.42 प्रतिशत, पीपलसाना ने 08.45 प्रतिशत, नूरपुर पूर्व ने 10.55 प्रतिशत तथा पुंडरी खुर्द समिति ने 11016 प्रतिशत लक्ष्य के विपरीत वसूली की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
सबसे अधिक वसूली वाली टॉप पांच समिति
बकाया वसूलने में बूढ़ा नंगला समिति लक्ष्य के विपरीत 98.35 वसूली करके सबसे आगे है। इसके बाद सहसपुर ने 61.31 प्रतिशत, काजीपुर ने 56.36 प्रतिशत, नांगल जीतपुर ने 54.57 प्रतिशत तथा हकीकतपुरसहसू समिति ने 51.48 प्रतिशत वसूली की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed