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प्रत्याशियों को सता रहा विभीषणों का डर
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कई सीटों पर मुसीबत बढ़ा सकता है भितरघात
बिजनौर। भाजपा और गठबंधन में टिकट को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। जिन्हें टिकट मिला, वो खुश तो हैं, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर नाराज हुए दावेदारों से भितरघात का डर भी सता रहा है। भाजपा और सपा, रालोद की बात करें तो इनमें कई ने खुलकर विरोध जताया है तो कुछ अपने विरोध को जाहिर नहीं कर रहे हैं। इन दलों में अब जिला स्तर के पदाधिकारी ऐसे नाराज नेताओं को मनाने का प्रयास कर रहे हैं।
जिले में टिकट बंटवारे से पहले सभी दलों में दावेदारों की लिस्ट बहुत लंबी थी। इनमें कई पुराने पदाधिकारी थे तो कई नए चेहरे भी शामिल थे। ऐसे में टिकट बंटवारे के बाद कई की नाराजगी लगभग तय मानी जा रही थी। भाजपा ने जब टिकट की घोषणा की तो कुछ सीटों पर विरोध का असर आने की संभावना थी, लेकिन एक या दो सीट पर ही टिकट नहीं मिलने से कुछ पदाधिकारी नाराज नजर आए। इससे पहले विरोध बढ़ता, नाराज नेताओं को मनाने का काम शुरू हो गया। इसके बाद मामला शांत हो गया। हालांकि अभी भी यह बताना मुश्किल है कि सभी की नाराजगी पूरी तरह दूर हो गई।
अब हाल ही में सपा ने भी सात सीटों पर टिकट बांट दिए। टिकट का बंटवारा होते ही कई सीटों पर पुतले फूंकने और विरोध की फोटो, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। चांदपुर पर 24 घंटे में ही टिकट बदल दिया गया। अब लखनऊ में नाराज नेताओं को मनाने पर मंथन चल रहा है। ऐसे में इस बात की आशंका का डर भी बढ़ रहा है कि टिकट न मिलने वाले कुछ नेता भितरघात भी कर सकते हैं। इस डर को देखते हुए पार्टी के जिला स्तर के नेताओं ने ऐसे नाराज नेताओं को चिह्नित करना शुरू भी कर दिया है, ताकि समय रहते उन्हें मनाया जा सके।
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बिजनौर। भाजपा और गठबंधन में टिकट को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। जिन्हें टिकट मिला, वो खुश तो हैं, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर नाराज हुए दावेदारों से भितरघात का डर भी सता रहा है। भाजपा और सपा, रालोद की बात करें तो इनमें कई ने खुलकर विरोध जताया है तो कुछ अपने विरोध को जाहिर नहीं कर रहे हैं। इन दलों में अब जिला स्तर के पदाधिकारी ऐसे नाराज नेताओं को मनाने का प्रयास कर रहे हैं।
जिले में टिकट बंटवारे से पहले सभी दलों में दावेदारों की लिस्ट बहुत लंबी थी। इनमें कई पुराने पदाधिकारी थे तो कई नए चेहरे भी शामिल थे। ऐसे में टिकट बंटवारे के बाद कई की नाराजगी लगभग तय मानी जा रही थी। भाजपा ने जब टिकट की घोषणा की तो कुछ सीटों पर विरोध का असर आने की संभावना थी, लेकिन एक या दो सीट पर ही टिकट नहीं मिलने से कुछ पदाधिकारी नाराज नजर आए। इससे पहले विरोध बढ़ता, नाराज नेताओं को मनाने का काम शुरू हो गया। इसके बाद मामला शांत हो गया। हालांकि अभी भी यह बताना मुश्किल है कि सभी की नाराजगी पूरी तरह दूर हो गई।
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अब हाल ही में सपा ने भी सात सीटों पर टिकट बांट दिए। टिकट का बंटवारा होते ही कई सीटों पर पुतले फूंकने और विरोध की फोटो, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। चांदपुर पर 24 घंटे में ही टिकट बदल दिया गया। अब लखनऊ में नाराज नेताओं को मनाने पर मंथन चल रहा है। ऐसे में इस बात की आशंका का डर भी बढ़ रहा है कि टिकट न मिलने वाले कुछ नेता भितरघात भी कर सकते हैं। इस डर को देखते हुए पार्टी के जिला स्तर के नेताओं ने ऐसे नाराज नेताओं को चिह्नित करना शुरू भी कर दिया है, ताकि समय रहते उन्हें मनाया जा सके।
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