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Bijnor News: नजीबाबाद चीनी मिल के गन्ना पेराई सत्र का समापन
Thu, 11 Apr 2024 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 11 Apr 2024 01:03 AM IST
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नजीबाबाद। किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद के गन्ना पेराई सत्र का 10 अप्रैल को समापन हो गया। प्रधान प्रबंधक सुखबीर सिंह ने चीनी मिल के सकुशल समापन पर अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों को शुभकामनाएं दीं।
जिले में गन्ने का उत्पादन कम होने के कारण इस बार पेराई सत्र का समापन भी समय से पहले हो रहा है। अप्रैल के अंत में बंद होने वाली चीनी मिल अप्रैल के पहले सप्ताह से ही बंद हो गई। बुंदकी और धामपुर चीनी मिल के बाद बुधवार को नजीबाबाद चीनी मिल के पेराई सत्र का भी समापन हो गया।
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सुखवीर सिंह और सीसीओ डॉ.एसएस ढाका ने बताया कि नजीबाबाद चीनी मिल ने इस वर्ष 35 लाख 63 हजार 55 क्विंटल गन्ने की पेराई कर 10.91 प्रतिशत रिकवरी हासिल की। चीनी मिल क्षेत्र के 202 हेक्टेयर गन्ना रेडरॉट रोग से प्रभावित हुआ। जिस कारण गत वर्ष के सापेक्ष इस बार चीनी मिल कम गन्ना पेराई कर सकी। वर्ष 2022-23 के पेराई सत्र में चीनी मिल ने 38 लाख 82 हजार आठ सौ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी।
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सीसीओ डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि इस वर्ष चीनी मिल का 50 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य था। क्षेत्र में रेडरॉट और बारिश व बाढ़ से किसानों का काफी गन्ना बर्बाद हुआ। जिस कारण मिल और किसानों दोनों का काफी नुकसान पहुंचा।
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जिले में गन्ने का उत्पादन कम होने के कारण इस बार पेराई सत्र का समापन भी समय से पहले हो रहा है। अप्रैल के अंत में बंद होने वाली चीनी मिल अप्रैल के पहले सप्ताह से ही बंद हो गई। बुंदकी और धामपुर चीनी मिल के बाद बुधवार को नजीबाबाद चीनी मिल के पेराई सत्र का भी समापन हो गया।
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चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सुखवीर सिंह और सीसीओ डॉ.एसएस ढाका ने बताया कि नजीबाबाद चीनी मिल ने इस वर्ष 35 लाख 63 हजार 55 क्विंटल गन्ने की पेराई कर 10.91 प्रतिशत रिकवरी हासिल की। चीनी मिल क्षेत्र के 202 हेक्टेयर गन्ना रेडरॉट रोग से प्रभावित हुआ। जिस कारण गत वर्ष के सापेक्ष इस बार चीनी मिल कम गन्ना पेराई कर सकी। वर्ष 2022-23 के पेराई सत्र में चीनी मिल ने 38 लाख 82 हजार आठ सौ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी।
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सीसीओ डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि इस वर्ष चीनी मिल का 50 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य था। क्षेत्र में रेडरॉट और बारिश व बाढ़ से किसानों का काफी गन्ना बर्बाद हुआ। जिस कारण मिल और किसानों दोनों का काफी नुकसान पहुंचा।