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समितियों का गठन, कोरोना से बचाव
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समितियों का गठन, कोरोना से बचाव
बिजनौर। जिले में 454 नवगठित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक बृहस्पतिवार को हुई। इसी के साथ नवनिर्वाचित प्रधानों के हाथ में सत्ता की चाबी आ गई है। अब पंचायतों में ग्राम प्रधान स्वतंत्रता से काम कर सकेंगे। पहली बैठक में छह ग्राम समितियों का गठन तथा कोरोना से बचाव एजेंडा रहा।
जिले में 1123 पंचायत हैं। पंचायतों में प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव हुए। जिनका परिणाम दो मई को आ गया था। परंतु कोरोना प्रकोप के कारण नवनिर्वाचित प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य को 25 मई व 26 मई को शपथ दिलाई गई थी। तकनीकी कारणों से सभी प्रधान शपथ नहीं ले सके हैं। केवल 454 प्रधानों ने ही शपथ ली है। शासन से 27 मई को नवगठित पंचायतों की पहली बैठक तय थी। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि नवगठित पंचायतों की पहली बैठक सभी 454 पंचायतों में हो गई है। इसी के साथ नवनिर्वाचित प्रधान स्वतंत्र रूप से गांव की सत्ता में आ गए हैं। पंचायतों में नियोजन एवं विकास समिति, शिक्षा समिति, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति, प्रशासनिक समिति, जल प्रबंधन समिति तथा निर्माण कार्य समिति का गठन हो गया है। कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन के क्रियान्वयन पर भी बैठकों में चर्चा हुई है।
आज से माना जाएगा पंचायतों का कार्यकाल
डीपीआरओ ने बताया कि पंचायत राज अधिनियम के अनुसार ग्राम पंचायतों का कार्यकाल नवगठित पंचायतों की पहली बैठक से शुरू माना जाता है। जिले की पंचायतों का कार्यकाल 27 मई से शुरू माना जाएगा। पंचायतों में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन प्रधान तथा ग्राम समितियां संयुक्त रूप से करेंगी। नहटौर ब्लॉक में 18, स्योहारा ब्लॉक में 30, नजीबाबाद ब्लॉक में 49, जलीलपुर ब्लॉक में 48, कोतवाली ब्लॉक में 93, मौहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में 32, हल्दौर ब्लॉक में 27, अफजलगढ़ ब्लॉक में 41, धामपुर ब्लॉक में 46, नूरपुर ब्लॉक में 47 तथा किरतपुर ब्लॉक में 23 ग्राम पंचायतों की पहली बैठक हुई है।
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बिजनौर। जिले में 454 नवगठित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक बृहस्पतिवार को हुई। इसी के साथ नवनिर्वाचित प्रधानों के हाथ में सत्ता की चाबी आ गई है। अब पंचायतों में ग्राम प्रधान स्वतंत्रता से काम कर सकेंगे। पहली बैठक में छह ग्राम समितियों का गठन तथा कोरोना से बचाव एजेंडा रहा।
जिले में 1123 पंचायत हैं। पंचायतों में प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव हुए। जिनका परिणाम दो मई को आ गया था। परंतु कोरोना प्रकोप के कारण नवनिर्वाचित प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य को 25 मई व 26 मई को शपथ दिलाई गई थी। तकनीकी कारणों से सभी प्रधान शपथ नहीं ले सके हैं। केवल 454 प्रधानों ने ही शपथ ली है। शासन से 27 मई को नवगठित पंचायतों की पहली बैठक तय थी। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि नवगठित पंचायतों की पहली बैठक सभी 454 पंचायतों में हो गई है। इसी के साथ नवनिर्वाचित प्रधान स्वतंत्र रूप से गांव की सत्ता में आ गए हैं। पंचायतों में नियोजन एवं विकास समिति, शिक्षा समिति, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति, प्रशासनिक समिति, जल प्रबंधन समिति तथा निर्माण कार्य समिति का गठन हो गया है। कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन के क्रियान्वयन पर भी बैठकों में चर्चा हुई है।
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आज से माना जाएगा पंचायतों का कार्यकाल
डीपीआरओ ने बताया कि पंचायत राज अधिनियम के अनुसार ग्राम पंचायतों का कार्यकाल नवगठित पंचायतों की पहली बैठक से शुरू माना जाता है। जिले की पंचायतों का कार्यकाल 27 मई से शुरू माना जाएगा। पंचायतों में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन प्रधान तथा ग्राम समितियां संयुक्त रूप से करेंगी। नहटौर ब्लॉक में 18, स्योहारा ब्लॉक में 30, नजीबाबाद ब्लॉक में 49, जलीलपुर ब्लॉक में 48, कोतवाली ब्लॉक में 93, मौहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में 32, हल्दौर ब्लॉक में 27, अफजलगढ़ ब्लॉक में 41, धामपुर ब्लॉक में 46, नूरपुर ब्लॉक में 47 तथा किरतपुर ब्लॉक में 23 ग्राम पंचायतों की पहली बैठक हुई है।
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