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अगले सप्ताह तक तय हो जाएंगे जिले में नए सर्किल रेट
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एक अगस्त से बढ़ जाएंगे सर्किल रेट
बिजनौर। अगले सप्ताह तक जिले में नए सर्किल रेट तय हो जाएंगे। रेट तय करने की औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। अंतिम घोषणा किए जाने के बाद आपत्तियां मांगना बाकी रह गया है। सर्किल रेट में बदलाव के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। करीब 30 से 40 फीसदी इजाफा होने का अनुमान है। एक अगस्त से नए सर्किल रेट की व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। दरअसल पांच साल से सर्किल रेट जस के तस बने हुए हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह अध्यक्षता में गठित हुई टीम ने सर्किल रेट की बढ़ोतरी को किया गया सर्वे का काम पूरा कर लिया है। यह टीम कई दौर की बैठकें कर चुकी हैं। सर्वे के लिए नगर पालिका, बीडीओ और राजस्व समेत अन्य संस्थाओं का भी सहयोग लिया गया है। नए सर्किल रेट का निर्धारण अगले सप्ताह तक तय हो जाएगा। बता दें कि प्रशासन की ओर से जमीनों के सर्किल रेट तय किए जाते हैं। हर साल सर्किल रेट में संशोधन होता है। सर्किल रेट बढ़ाने के लिए सर्वे को डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाती है। सर्किल रेट के अनुसार ही कृषि भूमि, मकान, दुकान आदि खरीदने वालों को स्टांप ड्यूटी लगानी पड़ती है। सर्किल रेट बढ़ने से स्टांप का खर्च भी बढ़ जाता है। आमतौर पर जमीन के सर्किल रेट और वास्तविक दाम में काफी अंतर होता है। स्टांप ड्यूटी के रूप में सरकार को राजस्व मिलता है।
2017 के बाद नहीं हुआ बदलाव
जिले में आखिरी बार साल 2017 में सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई थी। पहले नोटबंदी का असर और बाद में कोरोना की वजह से सर्किल रेट में बदलाव किया जाना उचित नहीं समझा गया था। मंदी से जमीन की खरीद फरोख्त पर भी असर पड़ा था। अब सर्किल रेट बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। बाकायदा निर्धारण हो चुका है। एक अगस्त से रेट बढ़ जाएंगे। हालांकि अभी घोषणा करने के बाद आपत्तियां मांगी जाएंगी। जिस पर सुनवाई के बाद सर्किल रेट पर प्रशासन की मुहर लगनी है।
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राजस्व में होगी बढ़ोतरी
सर्किल रेट बढ़ जाने के बाद मकान, दुकान या प्लॉट और खेती की जमीन खरीदना भी महंगा हो जाएगा। बैनामा कराते हुए अधिक कीमत के स्टांप लगाने होंगे। तीस से चालीस फीसदी इजाफा होने का अनुमान है। सर्किल रेट बढ़ने से प्रशासन के राजस्व में बढ़ोतरी होगी तो वहीं कॉलोनाइजर के प्लॉट भी महंगे हो जाएंगे। जिले में एक वर्ष में स्टांप से 326 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित करने का लक्ष्य है। नए सर्किल रेट के बाद इस लक्ष्य के करीब पहुंचने की उम्मीद बढ़ जाएगी।
वर्तमान में ये हैं सर्किल रेट प्रति वर्ग के अनुसार
क्षेत्र अकृषक भूमि की दर वाणिज्यक भवन का मूल्य
चांदपुर की चुंगी से रोडवेज वर्कशॉप 15000 44000
रेलवे फाटक से चक्कर रोड तक 30000 56000
शक्ति चौराहे से सेंट मेरी स्कूल तक 30000 65000
सैंट मैरी चक्कर रोड से खन्ना पेट्रोल पंप 20000 41000
खन्ना पेट्रोल पंप से वीएसडी स्कूल तक 13000 30500
नुमाइश ग्राउंड चौराहे से पेट्रोल पंप तक 28000 56000
पेट्रोल पंप से व्यंजन वाटिका 10000 23000
रामलीला चौराहे से चक्कर रोड तक झालू रोड 17000 38000
व्यंजन वाटिका से खेड़की मोड़ 9000 20000
चक्कर रोड से रेलवे फाटक झालू रोड 7000 20000
जिला अस्पताल से चक्कर रोड 15000 32000
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वर्जन...
इस सप्ताह के अंत तक नए सर्किल रेट सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। एक सप्ताह का समय आपत्ति लेने का रहेगा। इसके बाद एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू होंगे। तीन महीनों के सर्वे, बैठक के बाद प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
- अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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बिजनौर। अगले सप्ताह तक जिले में नए सर्किल रेट तय हो जाएंगे। रेट तय करने की औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। अंतिम घोषणा किए जाने के बाद आपत्तियां मांगना बाकी रह गया है। सर्किल रेट में बदलाव के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। करीब 30 से 40 फीसदी इजाफा होने का अनुमान है। एक अगस्त से नए सर्किल रेट की व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। दरअसल पांच साल से सर्किल रेट जस के तस बने हुए हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह अध्यक्षता में गठित हुई टीम ने सर्किल रेट की बढ़ोतरी को किया गया सर्वे का काम पूरा कर लिया है। यह टीम कई दौर की बैठकें कर चुकी हैं। सर्वे के लिए नगर पालिका, बीडीओ और राजस्व समेत अन्य संस्थाओं का भी सहयोग लिया गया है। नए सर्किल रेट का निर्धारण अगले सप्ताह तक तय हो जाएगा। बता दें कि प्रशासन की ओर से जमीनों के सर्किल रेट तय किए जाते हैं। हर साल सर्किल रेट में संशोधन होता है। सर्किल रेट बढ़ाने के लिए सर्वे को डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाती है। सर्किल रेट के अनुसार ही कृषि भूमि, मकान, दुकान आदि खरीदने वालों को स्टांप ड्यूटी लगानी पड़ती है। सर्किल रेट बढ़ने से स्टांप का खर्च भी बढ़ जाता है। आमतौर पर जमीन के सर्किल रेट और वास्तविक दाम में काफी अंतर होता है। स्टांप ड्यूटी के रूप में सरकार को राजस्व मिलता है।
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2017 के बाद नहीं हुआ बदलाव
जिले में आखिरी बार साल 2017 में सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई थी। पहले नोटबंदी का असर और बाद में कोरोना की वजह से सर्किल रेट में बदलाव किया जाना उचित नहीं समझा गया था। मंदी से जमीन की खरीद फरोख्त पर भी असर पड़ा था। अब सर्किल रेट बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। बाकायदा निर्धारण हो चुका है। एक अगस्त से रेट बढ़ जाएंगे। हालांकि अभी घोषणा करने के बाद आपत्तियां मांगी जाएंगी। जिस पर सुनवाई के बाद सर्किल रेट पर प्रशासन की मुहर लगनी है।
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राजस्व में होगी बढ़ोतरी
सर्किल रेट बढ़ जाने के बाद मकान, दुकान या प्लॉट और खेती की जमीन खरीदना भी महंगा हो जाएगा। बैनामा कराते हुए अधिक कीमत के स्टांप लगाने होंगे। तीस से चालीस फीसदी इजाफा होने का अनुमान है। सर्किल रेट बढ़ने से प्रशासन के राजस्व में बढ़ोतरी होगी तो वहीं कॉलोनाइजर के प्लॉट भी महंगे हो जाएंगे। जिले में एक वर्ष में स्टांप से 326 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित करने का लक्ष्य है। नए सर्किल रेट के बाद इस लक्ष्य के करीब पहुंचने की उम्मीद बढ़ जाएगी।
वर्तमान में ये हैं सर्किल रेट प्रति वर्ग के अनुसार
क्षेत्र अकृषक भूमि की दर वाणिज्यक भवन का मूल्य
चांदपुर की चुंगी से रोडवेज वर्कशॉप 15000 44000
रेलवे फाटक से चक्कर रोड तक 30000 56000
शक्ति चौराहे से सेंट मेरी स्कूल तक 30000 65000
सैंट मैरी चक्कर रोड से खन्ना पेट्रोल पंप 20000 41000
खन्ना पेट्रोल पंप से वीएसडी स्कूल तक 13000 30500
नुमाइश ग्राउंड चौराहे से पेट्रोल पंप तक 28000 56000
पेट्रोल पंप से व्यंजन वाटिका 10000 23000
रामलीला चौराहे से चक्कर रोड तक झालू रोड 17000 38000
व्यंजन वाटिका से खेड़की मोड़ 9000 20000
चक्कर रोड से रेलवे फाटक झालू रोड 7000 20000
जिला अस्पताल से चक्कर रोड 15000 32000
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वर्जन...
इस सप्ताह के अंत तक नए सर्किल रेट सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। एक सप्ताह का समय आपत्ति लेने का रहेगा। इसके बाद एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू होंगे। तीन महीनों के सर्वे, बैठक के बाद प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
- अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व