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बिजनौर जिले में लगातार चौथे साल नहीं बढ़े सर्किल रेट
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बिजनौर जिले में लगातार चौथे साल नहीं बढ़े सर्किल रेट
बिजनौर। प्रशासन ने जमीनों के सर्किल दाम में लगातार चौथे साल वृद्घि नहीं की है। जनता को राहत देने के लिए ऐसा किया गया है। आशियाना बनाने व अन्य कामों के लिए जमीन खरीदने वालों को इससे राहत मिली है। उन्हें पुराने सर्किल रेट पर ही स्टांप ड्यूटी देनी होगी।
प्रशासन द्वारा जमीनों के सर्किल रेट तय किए जाते हैं। हर साल सर्किल रेट में संशोधन होता है। सर्किल रेट बढ़ाने के लिए सर्वे को डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाती है। जमीन को जो सर्किल रेट होता है, उसी हिसाब से जमीन, मकान, दुकान आदि खरीदने वालों को स्टांप देना होता है। सर्किल रेट जितना बढ़ता है स्टांप भी उतना ही बढ़ जाता है। आमतौर पर जमीन के सर्किल रेट और वास्तविक दाम में काफी अंतर होता है। स्टांप ड्यूटी के रूप में सरकार को राजस्व मिलता है। प्रशासन द्वारा आखिरी बार साल 2017 में सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई थी। नोटबंदी के असर से जमीनों पर छाई मंदी की मार को देखते हुए बाद में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए थे। तब से अब तक सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं की गई है।
इस बार भी सर्किल रेट तय करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में समिति बनी थी लेकिन जनता और व्यापारियों ने इसमें वृद्धि न करने की मांग की थी। इसे देखते हुए सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। सहायक आयुक्त स्टांप अजय त्रिपाठी के अनुसार सर्किल रेट को पूर्व की तरह रखा गया है, कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। जनहित में यह फैसला लिया गया है।
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बिजनौर। प्रशासन ने जमीनों के सर्किल दाम में लगातार चौथे साल वृद्घि नहीं की है। जनता को राहत देने के लिए ऐसा किया गया है। आशियाना बनाने व अन्य कामों के लिए जमीन खरीदने वालों को इससे राहत मिली है। उन्हें पुराने सर्किल रेट पर ही स्टांप ड्यूटी देनी होगी।
प्रशासन द्वारा जमीनों के सर्किल रेट तय किए जाते हैं। हर साल सर्किल रेट में संशोधन होता है। सर्किल रेट बढ़ाने के लिए सर्वे को डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाती है। जमीन को जो सर्किल रेट होता है, उसी हिसाब से जमीन, मकान, दुकान आदि खरीदने वालों को स्टांप देना होता है। सर्किल रेट जितना बढ़ता है स्टांप भी उतना ही बढ़ जाता है। आमतौर पर जमीन के सर्किल रेट और वास्तविक दाम में काफी अंतर होता है। स्टांप ड्यूटी के रूप में सरकार को राजस्व मिलता है। प्रशासन द्वारा आखिरी बार साल 2017 में सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई थी। नोटबंदी के असर से जमीनों पर छाई मंदी की मार को देखते हुए बाद में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए थे। तब से अब तक सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं की गई है।
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इस बार भी सर्किल रेट तय करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में समिति बनी थी लेकिन जनता और व्यापारियों ने इसमें वृद्धि न करने की मांग की थी। इसे देखते हुए सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। सहायक आयुक्त स्टांप अजय त्रिपाठी के अनुसार सर्किल रेट को पूर्व की तरह रखा गया है, कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। जनहित में यह फैसला लिया गया है।
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