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आंगनबाड़ी केंद्रों में अब जमीन पर नहीं पढे़ंगे बच्चे
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सतीश शर्मा
धामपुर। अब आंगनबाड़ी केंद्रों के पंजीकृत बच्चे टाटपट्टी पर नहीं पढ़ेंगे। जो आंगनबाड़ी केंद्र प्राइमरी स्कूलों के कैंपस में संचालित हो रहे है। उन केंद्रों के बच्चे अब प्राइमरी स्कूलों के बच्चों की तरह ही मेज और कुर्सियों पर बैठकर पढ़ाई करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन केंद्रों पर फर्नीचर उपलब्ध कराने की कवायद शुरू हो गई है।
जिले में करीब 2153 प्राइमरी स्कूल है। इनमें से करीब 1200 से अधिक स्कूलों में आंगनबाड़ी सेंटर संचालित है। धामपुर विकास क्षेत्र में कुल 298 आंगनबाड़ी केंद्रों में से करीब 130 केंद्र प्राइमरी स्कूलों के कैंपस में चल रहे हैं। नहटौर विकास क्षेत्र में कुुल 227 सेंटर में 225 सक्रिय है। इनमें से 100 सेंटर प्राइमरी स्कूलों के कैंपस में चल रहे है। नहटौर विकास क्षेत्र की प्रभारी सीडीपीओ शोभा वर्मा और धामपुर की प्रभारी सीडीपीओ ने बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि प्राइमरी स्कूलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को फर्नीचर उपलब्ध कराया जायेगा। लेकिन यह कब होगा, इसकी जानकारी नहीं है। यह तो उन्हें जानकारी मिली है। प्राइमरी स्कूलो के कैँपस में चल रहे सेंटरों पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्राइमरी स्कूलों की तरह से फर्नीचर( कुर्सी और मेज) की व्यवस्था होगी। पर कब होगी। इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
वहीं दूसरी ओर बेसिक शिक्षा परिषद के सूत्रों का कहना है कि सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर फर्नीचर उपलब्ध कराने को विभाग को आदेेश पत्र प्राप्त हो गया है। सरकार से बजट का आवंटन होने के साथ ही केंद्रों पर फर्नीचर उपलब्ध कराने का काम शुुरू कर दिया जाएगा।
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आंगनबाड़ी केंद्रों से मांगी जा रही बच्चों की संख्या
बीएसए जयकरन सिंह यादव का कहना है कि विभाग को इस बाबत आदेश प्राप्त हो गया है। अब जो भी आंगनबाड़ी केंद्र प्राइमरी स्कूलों के परिसर में संचालित हो रहे है। उन सभी केंद्रों के बच्चे अब कुर्सी मेज पर बैठकर पढेंगे। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई। विभाग स्तर से बच्चों की संख्या मांगी जा रही है। जैसे ही सरकार से बजट का आवंटन होगा। तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों पर फर्नीचर की व्यवस्था करा दी जाएगी।
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धामपुर। अब आंगनबाड़ी केंद्रों के पंजीकृत बच्चे टाटपट्टी पर नहीं पढ़ेंगे। जो आंगनबाड़ी केंद्र प्राइमरी स्कूलों के कैंपस में संचालित हो रहे है। उन केंद्रों के बच्चे अब प्राइमरी स्कूलों के बच्चों की तरह ही मेज और कुर्सियों पर बैठकर पढ़ाई करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन केंद्रों पर फर्नीचर उपलब्ध कराने की कवायद शुरू हो गई है।
जिले में करीब 2153 प्राइमरी स्कूल है। इनमें से करीब 1200 से अधिक स्कूलों में आंगनबाड़ी सेंटर संचालित है। धामपुर विकास क्षेत्र में कुल 298 आंगनबाड़ी केंद्रों में से करीब 130 केंद्र प्राइमरी स्कूलों के कैंपस में चल रहे हैं। नहटौर विकास क्षेत्र में कुुल 227 सेंटर में 225 सक्रिय है। इनमें से 100 सेंटर प्राइमरी स्कूलों के कैंपस में चल रहे है। नहटौर विकास क्षेत्र की प्रभारी सीडीपीओ शोभा वर्मा और धामपुर की प्रभारी सीडीपीओ ने बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि प्राइमरी स्कूलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को फर्नीचर उपलब्ध कराया जायेगा। लेकिन यह कब होगा, इसकी जानकारी नहीं है। यह तो उन्हें जानकारी मिली है। प्राइमरी स्कूलो के कैँपस में चल रहे सेंटरों पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्राइमरी स्कूलों की तरह से फर्नीचर( कुर्सी और मेज) की व्यवस्था होगी। पर कब होगी। इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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वहीं दूसरी ओर बेसिक शिक्षा परिषद के सूत्रों का कहना है कि सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर फर्नीचर उपलब्ध कराने को विभाग को आदेेश पत्र प्राप्त हो गया है। सरकार से बजट का आवंटन होने के साथ ही केंद्रों पर फर्नीचर उपलब्ध कराने का काम शुुरू कर दिया जाएगा।
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आंगनबाड़ी केंद्रों से मांगी जा रही बच्चों की संख्या
बीएसए जयकरन सिंह यादव का कहना है कि विभाग को इस बाबत आदेश प्राप्त हो गया है। अब जो भी आंगनबाड़ी केंद्र प्राइमरी स्कूलों के परिसर में संचालित हो रहे है। उन सभी केंद्रों के बच्चे अब कुर्सी मेज पर बैठकर पढेंगे। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई। विभाग स्तर से बच्चों की संख्या मांगी जा रही है। जैसे ही सरकार से बजट का आवंटन होगा। तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों पर फर्नीचर की व्यवस्था करा दी जाएगी।