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रोज बारूद के ढेर पर खेलते हैं बच्चे
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 25 Feb 2016 12:00 AM IST
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बिजनौर में प्रशासन की लापरवाही के चलते एक और किशोर को अपनी जान गंवानी पड़ी और दूसरे की हालत गंभीर है। नगरपालिका प्रशासन द्वारा सड़क किनारे डाले गए विस्फोट के मलबे पर बच्चे अनजाने में रोज अपनी जान पर खेल रहे थे। प्रशासन ने विस्फोट के मलबे के वेस्टेज को नष्ट कराने की जहमत तक नहीं उठाई और सड़क किनारे डालकर पल्ला झाड़ दिया।
मोहल्ला शाहचंदन में 16 फरवरी को आतिशबाज यामीन के मकान में विस्फोट हुआ था। विस्फोट छह लोगों की जान चली गई थी, तीन मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे।
घटना के समय यह आशंका जताई जा रही थी कि मलबे के कुछ जिंदा आतिशबाजी हो सकती है। लेकिन पालिका व जिला प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ध्वस्त मकान के मलबे आनन फानन में मुहल्ला शाहचंदन में ही सड़क किनारे डलवा दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों की माने, तो उसी दिन से मुहल्ले के बच्चे व किशोर मलबे के आस-पास खेलते थे। बच्चे वही से आतिशबाजी ढूंढते थे। मुहल्ले वालों ने कई बार पालिका के सफाई कर्मियों का ध्यान इस ओर दिलाया तथा इस मलबे को कहीं ओर डलवाने की की बात कही। बुधवार को दोनों किशोर मलबे से बारूद व आतिशबाजी ढूढ़ रहे थे।
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उन्हें क्या था, पता कि वह अपनी मौत का सामान ढूंढ रहे हैं। लोगों की माने, तो धमाका इतना तेज था कि घटनास्थल के आस-पास के लोग अनहोनी की आशंका से घरों से बाहर निकल आए।
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मोहल्ला शाहचंदन में 16 फरवरी को आतिशबाज यामीन के मकान में विस्फोट हुआ था। विस्फोट छह लोगों की जान चली गई थी, तीन मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे।
घटना के समय यह आशंका जताई जा रही थी कि मलबे के कुछ जिंदा आतिशबाजी हो सकती है। लेकिन पालिका व जिला प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ध्वस्त मकान के मलबे आनन फानन में मुहल्ला शाहचंदन में ही सड़क किनारे डलवा दिया।
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प्रत्यक्षदर्शियों की माने, तो उसी दिन से मुहल्ले के बच्चे व किशोर मलबे के आस-पास खेलते थे। बच्चे वही से आतिशबाजी ढूंढते थे। मुहल्ले वालों ने कई बार पालिका के सफाई कर्मियों का ध्यान इस ओर दिलाया तथा इस मलबे को कहीं ओर डलवाने की की बात कही। बुधवार को दोनों किशोर मलबे से बारूद व आतिशबाजी ढूढ़ रहे थे।
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उन्हें क्या था, पता कि वह अपनी मौत का सामान ढूंढ रहे हैं। लोगों की माने, तो धमाका इतना तेज था कि घटनास्थल के आस-पास के लोग अनहोनी की आशंका से घरों से बाहर निकल आए।