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फसल अवशेष जलाने पर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी

Sun, 29 Nov 2020 12:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 29 Nov 2020 12:11 AM IST
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Chief Secretary expressed displeasure over burning crop residue
फसल अवशेष जलाने पर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी
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बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय के अनुसार जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर अपर मुख्य सचिव कृषि व मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई है। डीएम ने फसल अवशेष जलाने को रोकने में उदासीनता दिखाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

डीएम के अनुसार सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। डीसीओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि इस प्रकार की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए कृषकों को क्षेत्रीय कार्मिकों एवं गन्ना मिल के माध्यम से जागरूक किया जाए। फसल अवशेष प्रबंधन की विभिन्न विधाओं का प्रयोग करते हुए फसल अवशेष का इन सीटू प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। गन्ना समितियों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे फसल अवशेष को खेत में आसानी से मिलाया जा सके तथा इसके अलावा वेस्ट डी कंपोजर आदि की मदद से फसल अवशेष को खेत में ही सड़ा कर उसकी खाद बनाई जा सके। गन्ने की पत्ती को निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों को भी दान करने के निर्देश थे। अपर मुख्य सचिव कृषि एवं मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गहरा रोष व्यक्त करते हुए संबंधित क्षेत्रीय कार्मिक/अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने डीसीओ यशपाल सिंह से कहा फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी द्वारा की जा रही है। इसे रोकने के लिए जन जागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
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