{"_id":"58388edc4f1c1b313513c529","slug":"cashier-in-the-game-vouchers-bank-uproar","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैशियर ने वाउचर में किया खेल, बैंक में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैशियर ने वाउचर में किया खेल, बैंक में हंगामा
ब्यूरो\ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
धामपुर पीएनबी के न खुलने पर खातेधारकों को बुलानी पड़ी पुलिस।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धामपुर में पंजाब नेशनल बैंक की मंडी शाखा में काली कमाई को सफेद बनाने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ शुक्रवार को जमकर हंगामा किया गया। आरोप है कि यह कैशियर व्यापारियों, नेताओं और अन्य लोगों के 500 और 1000 रुपये के बड़े नोटों को एडजस्ट कराकर काली कमाई की मोटी रकम को सफेद कर रहा है।
बैंक प्रबंधक ने भी कैशियर के खिलाफ सर्किल हैड को रिपोर्ट भेज दी है और विभागीय जांच कराने का आश्वासन दिया है। छोटे नोटों को जमा करने के बावजूद वाउचर में फेरबदल कर 500 के बड़े नोटों की एंट्री करने के आरोप में एक व्यापारी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि नोटबंदी के बाद से ही अधिकांश बैंकों में 500-1000 के बंद नोटों को 30 से 35 प्रतिशत की कमीशन पर एडजस्ट करने की चर्चाएं रही हैं। ऐसे ही मामले को लेकर शुक्रवार को नगर की पीएनबी मंडी शाखा में उस समय हंगामा हो गया जब बड़ी मंडी निवासी मै. राजीव कुमार मनोज कुमार की फर्म में स्वामी विवेक कुमार अग्रवाल ने अपने केस का खुलासा बैंक मैनेजर के सामने किया।
विज्ञापन
विवेक कुमार के मुताबिक 24 नवंबर को उसने अपने खाते में एक लाख रुपए की रकम छोटे नोटों (100 रुपए के नोटों के 400, 50 के 400 नोट और 10 के 4000 नोट) माध्यम से एक वाउचर में डिटेल भरकर जमा की। कैशियर की ओर से रसीद देने के बाद देर रात उसके मोबाइल पर एक मैसेज आने के बाद पचास-पचास हजार रुपये जमा होने के दो मैसेज आए।
व्यापारी ने बताया कि मैसेज पढ़कर उसके होश उड़ गए क्योंकि उसने एक लाख रुपये एक साथ जमा किए थे। जबकि वाउचर डिटेल 50000-50000 रुपये की दो बार दर्शायी गई। शक होने पर उसने बैंक में आकर छानबीन की तो पता चला कि कैशियर ने छोटे नोटों की बजाय दूसरे वाउचर पर 500 के नोटों की डिटेल से रकम जमा दिखाई। इस गड़बड़ी का पता चलते ही हंगामा शुरू हो गया। व्यापारियों और अन्य उपभोक्ताओं ने कैशियर पर काली कमाई को एडजस्ट करने का आरोप लगाकर शाखा प्रबंधक दिनेश आर्य को भी जमकर खरीखोटी सुनाई।
सूचना पर कोतवाल मुनीश चंद शर्मा पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। मैनेजर ने कोतवाल को बताया कि उनके बैंक के कैशियर नरेश कुमार की घटिया मानसिकता के कारण उन्हें अपमानित होना पड़ रहा है। वह बैंक में जब से लेकर अब तक के सभी वाउचरों की डिटेल और कंप्यूटर में फीड 1000, 500 के नोटों की डिटेल का मिलान करेंगे। उन्हें लगता है कि कैशियर ने गड़बड़ी की है।
इस मामले में उन्होंने बरेली सर्किल हैड एके वाही को भी अवगत करा दिया है। मैनेजर ने बताया कि शनिवार को कैशियर नरेश कुमार अवकाश पर है। उनके किसी रिश्तेदारी में कोई कार्यक्रम है। अवकाश से आने पर कैशियर से विभागीय स्तर पर जांच शुरू की जाएगी। उधर, कोतवाल मुनीश चंद शर्मा ने मैनेजर से कहा कि वह आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई कराएं। इसके बाद भ्रष्टाचार संबंधी आरोप सही पाए गए तो उसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। अन्य बैंकों में भी ऐसा गोलमाल हो सकता है।
विज्ञापन
बैंक प्रबंधक ने भी कैशियर के खिलाफ सर्किल हैड को रिपोर्ट भेज दी है और विभागीय जांच कराने का आश्वासन दिया है। छोटे नोटों को जमा करने के बावजूद वाउचर में फेरबदल कर 500 के बड़े नोटों की एंट्री करने के आरोप में एक व्यापारी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
बता दें कि नोटबंदी के बाद से ही अधिकांश बैंकों में 500-1000 के बंद नोटों को 30 से 35 प्रतिशत की कमीशन पर एडजस्ट करने की चर्चाएं रही हैं। ऐसे ही मामले को लेकर शुक्रवार को नगर की पीएनबी मंडी शाखा में उस समय हंगामा हो गया जब बड़ी मंडी निवासी मै. राजीव कुमार मनोज कुमार की फर्म में स्वामी विवेक कुमार अग्रवाल ने अपने केस का खुलासा बैंक मैनेजर के सामने किया।
विज्ञापन
विवेक कुमार के मुताबिक 24 नवंबर को उसने अपने खाते में एक लाख रुपए की रकम छोटे नोटों (100 रुपए के नोटों के 400, 50 के 400 नोट और 10 के 4000 नोट) माध्यम से एक वाउचर में डिटेल भरकर जमा की। कैशियर की ओर से रसीद देने के बाद देर रात उसके मोबाइल पर एक मैसेज आने के बाद पचास-पचास हजार रुपये जमा होने के दो मैसेज आए।
व्यापारी ने बताया कि मैसेज पढ़कर उसके होश उड़ गए क्योंकि उसने एक लाख रुपये एक साथ जमा किए थे। जबकि वाउचर डिटेल 50000-50000 रुपये की दो बार दर्शायी गई। शक होने पर उसने बैंक में आकर छानबीन की तो पता चला कि कैशियर ने छोटे नोटों की बजाय दूसरे वाउचर पर 500 के नोटों की डिटेल से रकम जमा दिखाई। इस गड़बड़ी का पता चलते ही हंगामा शुरू हो गया। व्यापारियों और अन्य उपभोक्ताओं ने कैशियर पर काली कमाई को एडजस्ट करने का आरोप लगाकर शाखा प्रबंधक दिनेश आर्य को भी जमकर खरीखोटी सुनाई।
सूचना पर कोतवाल मुनीश चंद शर्मा पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। मैनेजर ने कोतवाल को बताया कि उनके बैंक के कैशियर नरेश कुमार की घटिया मानसिकता के कारण उन्हें अपमानित होना पड़ रहा है। वह बैंक में जब से लेकर अब तक के सभी वाउचरों की डिटेल और कंप्यूटर में फीड 1000, 500 के नोटों की डिटेल का मिलान करेंगे। उन्हें लगता है कि कैशियर ने गड़बड़ी की है।
इस मामले में उन्होंने बरेली सर्किल हैड एके वाही को भी अवगत करा दिया है। मैनेजर ने बताया कि शनिवार को कैशियर नरेश कुमार अवकाश पर है। उनके किसी रिश्तेदारी में कोई कार्यक्रम है। अवकाश से आने पर कैशियर से विभागीय स्तर पर जांच शुरू की जाएगी। उधर, कोतवाल मुनीश चंद शर्मा ने मैनेजर से कहा कि वह आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई कराएं। इसके बाद भ्रष्टाचार संबंधी आरोप सही पाए गए तो उसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। अन्य बैंकों में भी ऐसा गोलमाल हो सकता है।