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Bijnor News: नेशनल हाईवे के परियोजना निदेशक और प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज
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- बरेली के दो कांवड़ियों का हरिद्वार-काशीपुर हाईवे से पूर्वी गंगा नहर में गिरने का मामला
- हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे के अधिकारियों और एनएच की टीम को बनाया आरोपी
- आरोप, डायवर्जन के लिए नहीं लगाए गए थे संकेतक और बैरीकेडिंग, इसलिए हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे के परियोजना निदेशक और प्रबंधक समेत टीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दरअसल, हाईवे से गुजर रहे बरेली निवासी दो कांवड़ियों के बाइक समेत नहर में गिर जाने के मामले में एनएच अफसरों को जिम्मेदार बताते हुए आरोपी बनाया गया है। हाईवे पर डायवर्जन के संकेतक और बैरीकेड नहीं लगाए जाने का आरोप है।
बरेली जनपद के थाना भोजीपुरा के गांव कोडमपुर निवासी मिहिलाल ने अपने बेटे प्रदीप और उसके साथी सुरेंद्र के हरिद्वार जाते समय नहर में गिरने की घटना के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण इकाई को जिम्मेदार ठहराया है। मिहिलाल ने हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे के परियोजना निदेशक मोहम्मद सरफराजुर रहमान, प्रबंधक अमित शर्मा और एनएचएआई की क्षेत्रीय निर्माण इकाई की टीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस रिपोर्ट में गति अवरोधक, दिशा सूचक और नहर के किनारे रेलिंग नहीं लगे होने से दुर्घटना का कारण बताया है।
ये था मामला
बरेली के गांव कोडमपुर से 16 शिवभक्तों का जत्था गंगाजल लेने के लिए शुक्रवार की रात नौ बजे बाइक से हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। देर रात लगभग एक बजे प्रदीप और सुरेंद्र की बाइक संकेतक न होने की वजह से नहर पुल में गिर गई। अभी तक दोनों कांवड़ियों का पता नहीं चल सका है। एनडीआरएफ टीआरएफ गोताखोरों की टीम कई किलोमीटर तक नहर को खंगाल रहीं हैं। हालांकि नहर से उनकी बाइक को बरामद कर लिया गया है।
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नहर में डूबे कांवड़ियां के पिता की तहरीर पर नेशनल हाईवे के परियोजना निदेशक और प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नजीबाबाद के पास हाईवे की फोरलेन सड़क है। नहर पुल पर यह सिंगल रोड हो जाती है। कोई संकेतक नहीं था। - संजीव वाजेपयी, एएसपी सिटी
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- हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे के अधिकारियों और एनएच की टीम को बनाया आरोपी
- आरोप, डायवर्जन के लिए नहीं लगाए गए थे संकेतक और बैरीकेडिंग, इसलिए हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे के परियोजना निदेशक और प्रबंधक समेत टीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दरअसल, हाईवे से गुजर रहे बरेली निवासी दो कांवड़ियों के बाइक समेत नहर में गिर जाने के मामले में एनएच अफसरों को जिम्मेदार बताते हुए आरोपी बनाया गया है। हाईवे पर डायवर्जन के संकेतक और बैरीकेड नहीं लगाए जाने का आरोप है।
बरेली जनपद के थाना भोजीपुरा के गांव कोडमपुर निवासी मिहिलाल ने अपने बेटे प्रदीप और उसके साथी सुरेंद्र के हरिद्वार जाते समय नहर में गिरने की घटना के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण इकाई को जिम्मेदार ठहराया है। मिहिलाल ने हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे के परियोजना निदेशक मोहम्मद सरफराजुर रहमान, प्रबंधक अमित शर्मा और एनएचएआई की क्षेत्रीय निर्माण इकाई की टीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस रिपोर्ट में गति अवरोधक, दिशा सूचक और नहर के किनारे रेलिंग नहीं लगे होने से दुर्घटना का कारण बताया है।
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ये था मामला
बरेली के गांव कोडमपुर से 16 शिवभक्तों का जत्था गंगाजल लेने के लिए शुक्रवार की रात नौ बजे बाइक से हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। देर रात लगभग एक बजे प्रदीप और सुरेंद्र की बाइक संकेतक न होने की वजह से नहर पुल में गिर गई। अभी तक दोनों कांवड़ियों का पता नहीं चल सका है। एनडीआरएफ टीआरएफ गोताखोरों की टीम कई किलोमीटर तक नहर को खंगाल रहीं हैं। हालांकि नहर से उनकी बाइक को बरामद कर लिया गया है।
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नहर में डूबे कांवड़ियां के पिता की तहरीर पर नेशनल हाईवे के परियोजना निदेशक और प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नजीबाबाद के पास हाईवे की फोरलेन सड़क है। नहर पुल पर यह सिंगल रोड हो जाती है। कोई संकेतक नहीं था। - संजीव वाजेपयी, एएसपी सिटी