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गन्ना किसानों को ऑनलाइन भरने होंगे घोषणापत्र
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गन्ना किसानों को ऑनलाइन भरने होंगे घोषणापत्र
नूरपुर। गन्ना किसानों को इस वर्ष घोषणा पत्र ऑनलाइन भरने होंगे। घोषणापत्र न भरने वाले किसानों का सट्टा बंद हो जाएगा और वह मिल में गन्ना सप्लाई नहीं कर पाएंगे। किसान 30 सितंबर तक सायबर कैफे अथवा गन्ना समिति जाकर घोषणापत्र भरवा सकते हैं।
किसानों को प्रत्येक वर्ष गन्ना सर्वे के बाद घोषणापत्र भरना होता है। पिछले वर्ष तक घोषणापत्र का प्रारूप समिति कर्मचारियों द्वारा किसानों को दे दिया जाता था, जिसे किसान भरकर समिति में जमा करा देते थे। इस वर्ष शासन से घोषणा पत्र भरे जाने की व्यवस्था बदल दी गई है। गन्ना समिति के सचिव मनोज कुमार टोंक ने बताया कि इस वर्ष घोषणा पत्र ऑनलाइन भरे जाएंगे। घोषणा पत्र भरने के लिए किसानों को आधार कार्ड व बैंक की पासबुक साथ लानी होगी। गन्ना समिति में घोषणा पत्र भरने के लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि किसान अपनी जमीन का रकबा बैंक खाता नंबर एवं सट्टे संबंधी किसी भी समस्या का 30 सितंबर से पहले समिति आकर निस्तारण करा सकते हैं। इसके बाद गन्ना विभाग की वेबसाइट लॉक हो जाएगी और घोषणा पत्र न भरने वाले किसानों का सट्टा स्वत: ही बंद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि समिति कर्मचारियों व खुद उनके द्वारा गांव-गांव में गोष्ठी कर किसानों को घोषणा पत्र भरवाने व सट्टे सम्बंधी समस्या का निस्तारण कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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नूरपुर। गन्ना किसानों को इस वर्ष घोषणा पत्र ऑनलाइन भरने होंगे। घोषणापत्र न भरने वाले किसानों का सट्टा बंद हो जाएगा और वह मिल में गन्ना सप्लाई नहीं कर पाएंगे। किसान 30 सितंबर तक सायबर कैफे अथवा गन्ना समिति जाकर घोषणापत्र भरवा सकते हैं।
किसानों को प्रत्येक वर्ष गन्ना सर्वे के बाद घोषणापत्र भरना होता है। पिछले वर्ष तक घोषणापत्र का प्रारूप समिति कर्मचारियों द्वारा किसानों को दे दिया जाता था, जिसे किसान भरकर समिति में जमा करा देते थे। इस वर्ष शासन से घोषणा पत्र भरे जाने की व्यवस्था बदल दी गई है। गन्ना समिति के सचिव मनोज कुमार टोंक ने बताया कि इस वर्ष घोषणा पत्र ऑनलाइन भरे जाएंगे। घोषणा पत्र भरने के लिए किसानों को आधार कार्ड व बैंक की पासबुक साथ लानी होगी। गन्ना समिति में घोषणा पत्र भरने के लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि किसान अपनी जमीन का रकबा बैंक खाता नंबर एवं सट्टे संबंधी किसी भी समस्या का 30 सितंबर से पहले समिति आकर निस्तारण करा सकते हैं। इसके बाद गन्ना विभाग की वेबसाइट लॉक हो जाएगी और घोषणा पत्र न भरने वाले किसानों का सट्टा स्वत: ही बंद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि समिति कर्मचारियों व खुद उनके द्वारा गांव-गांव में गोष्ठी कर किसानों को घोषणा पत्र भरवाने व सट्टे सम्बंधी समस्या का निस्तारण कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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