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Bijnor News: विरोधी की मजबूती के साथ कमजोरी ढूंढ रहे प्रत्याशी
Wed, 26 Apr 2023 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 26 Apr 2023 01:01 AM IST
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- बिजनौर सीट पर आसान नहीं किसी भी प्रत्याशी के लिए जीत की राह
- नाराजगी और विरोध से उलझ रहे सभी के समीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नगर पालिका बिजनौर सीट पर भले ही भाजपा, सपा, रालोद, बसपा जैसे बडे़ दल जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक यहां तस्वीर साफ नहीं है। फिलहाल भाजपा जहां रालोद और बसपा के मुस्लिम क्षेत्रों में मजबूत होने में सपा की कमजोरी ढूंढ रही है, वहीं सपा बसपा हिंदू वोटों में सेंधमारी की आस लगाए बैठी हैं। इसी तरह रालोद प्रत्याशी अपने काम से हिंदू के साथ मुस्लिम वोट मिलाकर जीत का समीकरण बनाने का दावा कर रहे हैं। दावा तो बसपा प्रत्याशी भी जीत का कर रहे हैं, लेकिन यह दावा धरातल पर कितना उतरेगा, यह चुनाव परिणाम ही बताएंगे।
बिजनौर नगर पालिका भाजपा के लिए नाक का सवाल बनती जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष हो या विधायक और प्रभारी मंत्री तक चुनाव में जुटे हुए हैं। यहां तक की दो से ज्यादा ब्लॉक प्रमुख तक इसमें लगे हैं। सभी के दावे भले ही कुछ भी हों, लेकिन जीत के समीकरण फिलहाल उलझे हुए हैं। भाजपा अपने समीकरण रालोद की मजबूती में तलाश रही है। राजनीति के जानकारों की मानें तो बिजनौर सदर सीट पर 70 हजार से ज्यादा हिंदू हैं, वहीं 55 हजार से ज्यादा वोट मुस्लिमों के हैं। सपा दावा कर रही है कि मुस्लिम क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ जीत की राह आसान करेगी, साथ ही हिंदुओं में वैश्य समेत कई वर्गों में उनकी पैठ बन रही है। रालोद प्रत्याशी भी हिंदू और मुस्लिम गठजोड़ में जीत को देख रहे हैं। वहीं बसपा का अपने परंपरागत दलित वोटों के साथ ही मुस्लिम मतों में जीत का गणित लगाया जा रहा है।
इसी सप्ताह बिजनौर आ सकते हैं सीएम योगी
बिजनौर जिले में शहरी सरकार में भाजपा की पैठ बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले चुनावों की बात करें तो जिले में हल्दौर, धामपुर और अफजलगढ़ सीट पर ही भाजपा जीत हासिल कर सकी थी। इस बार सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। पार्टी सूत्रों की माने तो इसी सप्ताह के अंत तक सीएम योगी आदित्यनाथ प्रचार के लिए बिजनौर पहुंच सकते हैं।
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- नाराजगी और विरोध से उलझ रहे सभी के समीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नगर पालिका बिजनौर सीट पर भले ही भाजपा, सपा, रालोद, बसपा जैसे बडे़ दल जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक यहां तस्वीर साफ नहीं है। फिलहाल भाजपा जहां रालोद और बसपा के मुस्लिम क्षेत्रों में मजबूत होने में सपा की कमजोरी ढूंढ रही है, वहीं सपा बसपा हिंदू वोटों में सेंधमारी की आस लगाए बैठी हैं। इसी तरह रालोद प्रत्याशी अपने काम से हिंदू के साथ मुस्लिम वोट मिलाकर जीत का समीकरण बनाने का दावा कर रहे हैं। दावा तो बसपा प्रत्याशी भी जीत का कर रहे हैं, लेकिन यह दावा धरातल पर कितना उतरेगा, यह चुनाव परिणाम ही बताएंगे।
बिजनौर नगर पालिका भाजपा के लिए नाक का सवाल बनती जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष हो या विधायक और प्रभारी मंत्री तक चुनाव में जुटे हुए हैं। यहां तक की दो से ज्यादा ब्लॉक प्रमुख तक इसमें लगे हैं। सभी के दावे भले ही कुछ भी हों, लेकिन जीत के समीकरण फिलहाल उलझे हुए हैं। भाजपा अपने समीकरण रालोद की मजबूती में तलाश रही है। राजनीति के जानकारों की मानें तो बिजनौर सदर सीट पर 70 हजार से ज्यादा हिंदू हैं, वहीं 55 हजार से ज्यादा वोट मुस्लिमों के हैं। सपा दावा कर रही है कि मुस्लिम क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ जीत की राह आसान करेगी, साथ ही हिंदुओं में वैश्य समेत कई वर्गों में उनकी पैठ बन रही है। रालोद प्रत्याशी भी हिंदू और मुस्लिम गठजोड़ में जीत को देख रहे हैं। वहीं बसपा का अपने परंपरागत दलित वोटों के साथ ही मुस्लिम मतों में जीत का गणित लगाया जा रहा है।
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इसी सप्ताह बिजनौर आ सकते हैं सीएम योगी
बिजनौर जिले में शहरी सरकार में भाजपा की पैठ बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले चुनावों की बात करें तो जिले में हल्दौर, धामपुर और अफजलगढ़ सीट पर ही भाजपा जीत हासिल कर सकी थी। इस बार सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। पार्टी सूत्रों की माने तो इसी सप्ताह के अंत तक सीएम योगी आदित्यनाथ प्रचार के लिए बिजनौर पहुंच सकते हैं।
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