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Bijnor News: नहर की पटरी टूटी, 100 बीघा फसल डूबी
Wed, 10 Dec 2025 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 10 Dec 2025 01:19 AM IST
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छाछरीमोड़ क्षेत्र के गांव टूंगरी के जंगल में नहर की पटरी टूटने से खेतों में भरा पानी। संवाद
- फोटो : 1
छाछरी मोड़। हीमपुर दीपा क्षेत्र के गांव टूंगरी के जंगल में नहर की पटरी टूटने से किसानों की लगभग 100 बीघा गेहूं की फसल पानी में डूब गई। बार-बार नहर की पटरी टूटने से किसानों में सिंचाई विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
मंगलवार को बकैना माइनर की पटरी टूटने से गांव टूंगरी के किसानों विपिन छिल्लर, अजय, विजय सिंह, रमेश सिंह, राजीव, निकुल, भीम सिंह आदि की गेहूं की लगभग 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हो गया है।
मामले में किसानों का कहना है कि सिंचाई खंड बिजनौर के अधिकारियों की लापरवाही से नहर की पटरियां बार-बार टूट जाती हैं। आरोप है कि नहर की सिल्ट सफाई में खानापूर्ति की जाती है। यही नहर की पटरी टूटने का कारण है। मामले में उच्च अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी सुनवाई अमल में नहीं लाई जाती है। किसानों ने जिला अधिकारी से इस और ध्यान देने की मांग की है।
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उधर, एसडीओ ताबिश अहमद का कहना है कि मौके पर विभागीय कर्मचारियों को भेज दिया गया है ताकि टूटी पटरी की मरम्मत की जा सके। उन्होंने नहर की सिल्ट सफाई में लापरवाही के आरोपों को गलत बताया है।
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मंगलवार को बकैना माइनर की पटरी टूटने से गांव टूंगरी के किसानों विपिन छिल्लर, अजय, विजय सिंह, रमेश सिंह, राजीव, निकुल, भीम सिंह आदि की गेहूं की लगभग 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हो गया है।
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मामले में किसानों का कहना है कि सिंचाई खंड बिजनौर के अधिकारियों की लापरवाही से नहर की पटरियां बार-बार टूट जाती हैं। आरोप है कि नहर की सिल्ट सफाई में खानापूर्ति की जाती है। यही नहर की पटरी टूटने का कारण है। मामले में उच्च अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी सुनवाई अमल में नहीं लाई जाती है। किसानों ने जिला अधिकारी से इस और ध्यान देने की मांग की है।
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उधर, एसडीओ ताबिश अहमद का कहना है कि मौके पर विभागीय कर्मचारियों को भेज दिया गया है ताकि टूटी पटरी की मरम्मत की जा सके। उन्होंने नहर की सिल्ट सफाई में लापरवाही के आरोपों को गलत बताया है।