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पशुओं की नस्ल सुधार के लिए 100 गांवों में चलेगा अभियान

Sat, 23 Nov 2019 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2019 12:12 AM IST
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Campaign will be run in 100 villages to improve the breed of animals
बिजनौर। पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए जिले के दस गांवों में बड़े स्तर पर कृत्रिम गर्भाधान अभियान चलाया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान से पैदा हुए पशु अधिक दूध देंगे। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होगी। अभियान के लिए जिले में 100 गांवों का चयन किया जाएगा।
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किसानों की आमदनी साल 2022 तक दोगुनी करने के लिए अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं। पशुपालन व डेयरी व्यवसाय से जोड़कर भी किसानों की आमदनी दोगुनी की जा सकती है। इस पर काफी कम किया जा रहा है। किसानों के घर मे दुधारू पशु तो हैं लेकिन वे ज्यादा दूध नहीं देते हैं। पशुओं बीमार भी एकदम होते हैं। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के अभियान के तहत जिले में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिले के 100 गांवों का अभियान के तहत चयन किया गया है। इन किसानों के सभी पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत पशुपालन विभाग की ओर से होने वाले कृत्रिम गर्भाधान में 35 रुपए सरकारी शुल्क लिया जाता है। लेकिन अभियान में चयनित गांवों में नि:शुल्क गर्भाधान किया जाएगा।
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अधिक दूध देंगे पशु
इन गांवों में गायों के लिए जर्सी, एचएफ के अलावा देसी प्रजाति का सीमन भी होगा। भैंस के लिए मुर्रा नस्ल का सीमन होगा। कृत्रिम गर्भाधान से पैदा हुए उन्नत नस्ल के पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होगी और वे दूध भी अधिक देंगे।
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ये गांव हुए चयनित
योजना में तरिकमपुर रूपचंद, मायापुरी, हरचंदपुर, शौक़तपुर, पूंडरी खुर्द, अल्लादीन पुर भोगी, बसेड़ा नारायण, बादशाहपुर, नाथडोई, हाफिजाबाद, मानपुीर शिवपुरी, मुकरपुरी, चकराजमाल, जहाँगीरपुर खास, झिलमिला, हरगनपुर, रोशनपुर प्रताप, हुसैनाबाद, मिर्जापुर चोहर, साहुवाला, बुढ़नपुर, गाजीपुर, बुडगरा, भोजपुर, देहलवाला, शेरगढ़,हरेवली, इस्लामनगर, जलीलपुर आदि गांवों को शामिल किया गया है।
किसानों को होगा फायदा
जिले में सभी किसान परिवारों में पशु पाले जाते हैं। शहरों के पास के किसान शहर में दूध बेचते हैं जबकि गांवों के किसान पराग व अन्य निजी डेरी में दूध बेचते हैं। लेकिन अब भी किसानों को अच्छी प्रजाति के पशु लेने के लिए दूसरे जिलों का रुख करना होता है। पशुओं के नस्ल में कृत्रिम गर्भाधान से उनकी नस्ल सुधरेगी। किसान को अच्छी नस्ल के पशु लेने को अधिक पैसे नहीं खर्च करने होंगे। यह योजना किसानों के लिए बहुत लाभदायक साबित होगी।

कर लिया गांवों का चयन
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. भूपेंद्र सिंह के अनुसार राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत गांवों का चयन कर लिया गया है। चयनित गांवों के किसानों के पशुओं का नि:शुल्क कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा।
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