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Bijnor News: मृतकों को पक्षकार बनाकर, दूसरों को दे दी जमीन
Fri, 05 Dec 2025 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 05 Dec 2025 12:28 AM IST
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बिजनौर। यूं तो चकबंदी विभाग अभी तक हवाई चक और सालों तक मुकदमे फाइनल न करने के लिए बदनाम है, पर अब एक और नया कारनामा सामने आया है। नगीना तहसील के गांव करौंदा पचदू में मृतकों को पक्षकार बनाकर उनकी जमीन दूसरों को दे दी गई। मामला खुला तो डीडीसी चकबंदी ने सीओ चकबंदी के आदेश पर रोक ला दी। वहीं डीएम से पीड़ितों ने शिकायत की है।
गांव करौंदा पचदू में बीस साल पहले ही चकबंदी पूरी हो गई थी। वर्ष 2024 में बंदोबस्त अधिकारी विजय कुमार ने एक बंटवारे का आदेश किया। इसमें मोहम्मद युसुफ खातेदार थे। उनका 280 एयर का अंश निर्धारण किया गया। यह आदेश डीडीसी के यहां निगरानी में विचाराधीन था। चकबंदी विभाग के अधिकारियों का खेल इसके बाद शुरू हुआ।
डीएम से की गई शिकायत में मोहम्मद युसुफ और अब्दुल कबीर ने बताया कि सीओ चकबंदी नगीना अरुण यादव की ओर से बंदोबस्त अधिकारी के आदेश के अनुपालन में 21 नवंबर 2025 को एक आदेश किया। इसमें करीब दस से 15 चक प्रभावित कर दिए गए जो चकबंदी की तर्ज पर हुए। मोहम्मद युसुफ जिसका 280 एयर अंश निर्धारित किया था, उसके चक में 134 एयर कम कर दिए गए। इस 134 एयर के अंश को पहले आबादी घोषित किया जा चुका था।
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इसके अलावा अब्दुल कदीर को भी पक्षकार बनाया और उसकी जमीन भी कम हो गई। अब्दुल कदीर की काफी समय पहले मृत्यु हो चुकी थी। खतौनी में उसके वारिशों के नाम थे, जिन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी। इसमे कमाल बात यह भी रही कि इनका कोई विवाद भी नहीं था।
इसी तरह आसमा खातून की चार बीघा और इरफान अहमद अंसारी की एक बीघा जमीन कम हो गई। इस आदेश से गांव के ही दो लोगों को लाभ मिला और उनके अंश बढ़ा दिए गए। यह मामला जब डीडीसी चकबंदी के पास पहुंचा तो उन्होंने इस आदेश पर तत्काल रोक लगा दी। वहीं चकबंदी विभाग में यह प्रकरण अब चर्चा का विषय बन गया है।
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गांव करौंदा पचदू में बीस साल पहले ही चकबंदी पूरी हो गई थी। वर्ष 2024 में बंदोबस्त अधिकारी विजय कुमार ने एक बंटवारे का आदेश किया। इसमें मोहम्मद युसुफ खातेदार थे। उनका 280 एयर का अंश निर्धारण किया गया। यह आदेश डीडीसी के यहां निगरानी में विचाराधीन था। चकबंदी विभाग के अधिकारियों का खेल इसके बाद शुरू हुआ।
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डीएम से की गई शिकायत में मोहम्मद युसुफ और अब्दुल कबीर ने बताया कि सीओ चकबंदी नगीना अरुण यादव की ओर से बंदोबस्त अधिकारी के आदेश के अनुपालन में 21 नवंबर 2025 को एक आदेश किया। इसमें करीब दस से 15 चक प्रभावित कर दिए गए जो चकबंदी की तर्ज पर हुए। मोहम्मद युसुफ जिसका 280 एयर अंश निर्धारित किया था, उसके चक में 134 एयर कम कर दिए गए। इस 134 एयर के अंश को पहले आबादी घोषित किया जा चुका था।
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इसके अलावा अब्दुल कदीर को भी पक्षकार बनाया और उसकी जमीन भी कम हो गई। अब्दुल कदीर की काफी समय पहले मृत्यु हो चुकी थी। खतौनी में उसके वारिशों के नाम थे, जिन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी। इसमे कमाल बात यह भी रही कि इनका कोई विवाद भी नहीं था।
इसी तरह आसमा खातून की चार बीघा और इरफान अहमद अंसारी की एक बीघा जमीन कम हो गई। इस आदेश से गांव के ही दो लोगों को लाभ मिला और उनके अंश बढ़ा दिए गए। यह मामला जब डीडीसी चकबंदी के पास पहुंचा तो उन्होंने इस आदेश पर तत्काल रोक लगा दी। वहीं चकबंदी विभाग में यह प्रकरण अब चर्चा का विषय बन गया है।