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Bijnor News: महंगी किताबें और महंगी फीस डाल रही जेब पर बोझ

Sun, 09 Apr 2023 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sun, 09 Apr 2023 12:13 AM IST
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Burden on the pocket by putting expensive books and expensive fees
बिजनौर। निजी स्कूलों के कोर्स व फीस महंगी होने अभिभावकों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है। हालात यह है कि नर्सरी, केजी कक्षा की किताबों का सेट 1500 रुपये से लेकर 2500 रुपये, कक्षा चार के छात्र का कोर्स करीब 6307 रुपये में बिक रही है। जनपद के अधिकांश स्कूलों ने अपने कोर्स एक-एक दुकान पर ही रखवा रखे हैं।
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आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक यदि पुराना कोर्स लेकर अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते है, तो स्कूल हर साल किताबों के लेखक ही बदल देते हैं। कक्षा आठ व उससे ऊपर की कक्षाओं की एक किताब 13 सौ रुपये तक की है। अभिभावक सुरेंद्र सिंह, नृपेंद्र देशवाल का कहना है कि कोर्स की एक या दो किताबें लेना चाहे, तो दुकानदार नहीं देते हैं। पूरा कोर्स खरीदने पर ही दबाव बनाने हैं। अभिभावक संघ का आरोप है कि कई बार स्कूलों की मनमानी की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन शिक्षा और प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं। उनका कहना है कि हर दुकान पर कोर्स मिलना चाहिए, ताकि अभिभावक की जेब कटने से बच जाएं।
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कक्षा एक में आने पर होता दोबारा प्रवेश
जनपद के कई स्कूलों में यूकेजी पास करने के उपरांत कक्षा एक में प्रवेश के लिए दोबारा प्रवेश प्रक्रिया होती है। उसमें प्रवेश शुल्क लिया जाता है। अभिभावकों का कहना है कि जब नर्सरी में डोनेशन फीस दे दी गई थी, तो कक्षा एक में आने पर नया प्रवेश के नाम पर करीब 14000 रुपये लिए जा गए हैं। इसमें करीब तीन माह की फीस शामिल रहती है।
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- कोर्स के साथ कापी और पेंसिल व कलर के नाम पर वसूली
नया कोर्स खरीदने पर दुकानदार किताबों का पूरा सेट लगा रहे हैं। सेट में किताबों के साथ कापियों व पेंसिल, कलर आदि सामग्री जबरन लगा रहे हैं। आरोप है कि यह कॉपी, पेंसिल बॉक्स आदि अन्य दुकानों पर सस्ते हैं। कमीशन के फेर में अधिकांश स्कूलों यह खेल कर रहे हैं।


अभिभावकों की राय

पिछले शिक्षा सत्र के सापेक्ष इस बार किताबों के मूल्यों में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई। पहले गत्ते की कॉपियां दी जा रही थी। इस बार बारीक गत्ते की कॉपियां दी जा रही है। नर्सरी के छात्रों का कोर्स करीब 1300 रुपये में दिया जा रहा है। -नृपेंद्र देशवाल, जिलाध्यक्ष अभिभावक संघ


न्यायालय ने कोरोनाकाल की फीस में से 15 प्रतिशत फीस वापसी को निर्देश दिए है। फीस वापसी पर सभी स्कूल संचालक चुप्पी साधे हुए हैं। इस सत्र में नर्सरी के छात्र की नौ सौ रुपये फीस है। - मीनाक्षी शर्मा, उपाध्यक्ष अभिभावक संघ


शिक्षा को कारोबारियों ने व्यापार बना दिया है। ज्ञान देने के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है। फीस के साथ कोर्स, यूनिफार्म में भी कमीशन का खेल चल रहा है। कक्षा एक के छात्र का कोर्स तीन हजार रुपये में आया है। -जया अग्रवाल, सचिव अभिभावक संघ



अधिकांश स्कूल संचालक मोटा कमीशन के चक्कर में कोर्स हर साल बदल रहे हैं, जबकि नर्सरी क्लास के छात्र-छात्राओं की 1800 से 2000 रुपये प्रति माह फीस तथा करीब दो हजार रुपये की किताबें दी जा रही है। - रुचि चौधरी अभिभावक
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