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बिना अनुमति खेल किट खरीद रहे बीईओ
Mon, 13 May 2019 11:59 PM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Mon, 13 May 2019 11:59 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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बिजनौर में परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए खेलने के सामान की खरीदारी में भी जिले के कई खंड शिक्षा अधिकारियों ने खेल करना शुरू कर दिया है। ठेकेदारों के माध्यम से स्कूलों में पांच से लेकर 10 हजार रुपये तक की खेल किट जबरन भिजवाई जा रही है। जबकि यह सामान विद्यालय की प्रबंध समिति को खरीदना था। बीईओ की ठेकेदारी से शिक्षक परेशान हैं। शिक्षक संगठनों ने अधिकारियों से खेल किट की जांच कराने की मांग की है।
परिषदीय स्कूलों में राज्य परियोजना ने खेल प्रतियोगिता कराने के लिए खेलों का सामान भेजने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई है। जिसमें प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में पांच-पांच हजार रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 10-10 हजार रुपये से खेल का सामान खरीदा जाना है।
सामान खरीदारी में व्यायाम शिक्षकों का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए थे। लेकनि जिले के कई खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में खेल किट के नाम से स्कूलों में खेलों का सामान ठेकेदारों के माध्यम से जबरन भिजवाना शुरू कर दिया है। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षक बताते हैं कि बीईओ द्वारा भिजवाया जा रहा सामान बेहद घटिया है। जो शिक्षक खेल किट नहीं ले रहे हैं उन पर दबाव बनाया जा रहा है। खेल किट में सामान की गुणवत्ता और मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है। ऐसे में शिक्षक भी परेशान है। मामले की जांच हुई तो जिले के कई बीईओ खेल किट में फंसे नजर आएंगे।
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खेल किट की हो जांच
उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने स्कूलों में जबरन डलवाई जा रही खेल किट की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि संघ इस मामले में चुप नहीं बैठेगा। उधर, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र राणा ने बताया कि एसोसिएशन खेल किट की खरीदारी का मामला राज्य परियोजना को जांच कराने के लिए भेजेगा। उन्होंने बीएसए से बीईओ द्वारा भेजी जा रही खेल किट की जांच करा कर कार्रवाई की मांग की है।
शासन तक पहुंचा मामला
राज्य परियोजना के यूनिट प्रभारी गुणवत्ता अजय कुमार सिंह ने खेलकूद सामग्री विद्यालय स्तर पर क्रय करने की बात कही है। ब्लॉक स्तर पर खेल किट के नाम से भेजा जा रहा सामान की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के मामले में स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई करने को कहा है। मामला शासन तक पहुंचा है, इससे अब अफसरों में भी बेचैनी बढ़ी है।
खेल किट में ये है सामान
खेल किट में वॉलीबाल, हैंड बॉल, बैडमिंटन रैकेट, नेट, क्रिकेट बल्ला, रस्सी, डिस्क, गेंद आदि सामान है। क्रिकेट के बल्ले बेहद घटिया बताए जा रहे हैं। शासन के आदेश की माने तो सामान की खरीदारी विद्यालय प्रबंध समिति को करनी थी। सामान विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार खरीदा जाना था। लेकिन आदेश को ताक पर रख कर मनमानी की जा रही है। जिला बेसिक महेश चंद ने कहा कि सामान विद्यालय प्रबंध समिति को खरीदना है। अगर बीईओ सामान सप्लाई कर रहे हैं तो गलत है, मामले की जांच कराई जाएगी।
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परिषदीय स्कूलों में राज्य परियोजना ने खेल प्रतियोगिता कराने के लिए खेलों का सामान भेजने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई है। जिसमें प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में पांच-पांच हजार रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 10-10 हजार रुपये से खेल का सामान खरीदा जाना है।
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सामान खरीदारी में व्यायाम शिक्षकों का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए थे। लेकनि जिले के कई खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में खेल किट के नाम से स्कूलों में खेलों का सामान ठेकेदारों के माध्यम से जबरन भिजवाना शुरू कर दिया है। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षक बताते हैं कि बीईओ द्वारा भिजवाया जा रहा सामान बेहद घटिया है। जो शिक्षक खेल किट नहीं ले रहे हैं उन पर दबाव बनाया जा रहा है। खेल किट में सामान की गुणवत्ता और मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है। ऐसे में शिक्षक भी परेशान है। मामले की जांच हुई तो जिले के कई बीईओ खेल किट में फंसे नजर आएंगे।
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खेल किट की हो जांच
उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने स्कूलों में जबरन डलवाई जा रही खेल किट की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि संघ इस मामले में चुप नहीं बैठेगा। उधर, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र राणा ने बताया कि एसोसिएशन खेल किट की खरीदारी का मामला राज्य परियोजना को जांच कराने के लिए भेजेगा। उन्होंने बीएसए से बीईओ द्वारा भेजी जा रही खेल किट की जांच करा कर कार्रवाई की मांग की है।
शासन तक पहुंचा मामला
राज्य परियोजना के यूनिट प्रभारी गुणवत्ता अजय कुमार सिंह ने खेलकूद सामग्री विद्यालय स्तर पर क्रय करने की बात कही है। ब्लॉक स्तर पर खेल किट के नाम से भेजा जा रहा सामान की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के मामले में स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई करने को कहा है। मामला शासन तक पहुंचा है, इससे अब अफसरों में भी बेचैनी बढ़ी है।
खेल किट में ये है सामान
खेल किट में वॉलीबाल, हैंड बॉल, बैडमिंटन रैकेट, नेट, क्रिकेट बल्ला, रस्सी, डिस्क, गेंद आदि सामान है। क्रिकेट के बल्ले बेहद घटिया बताए जा रहे हैं। शासन के आदेश की माने तो सामान की खरीदारी विद्यालय प्रबंध समिति को करनी थी। सामान विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार खरीदा जाना था। लेकिन आदेश को ताक पर रख कर मनमानी की जा रही है। जिला बेसिक महेश चंद ने कहा कि सामान विद्यालय प्रबंध समिति को खरीदना है। अगर बीईओ सामान सप्लाई कर रहे हैं तो गलत है, मामले की जांच कराई जाएगी।