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टूटी पटरी, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:48 PM IST
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गांव कमालपुर में नहर की पटरी टूटने से जलमग्न हुई गेहूं की फसल को देखता किसान।
- फोटो : अमर उजाला
जलीलपुर में गांव कमालपुर के जंगल से निकल रही सुल्तानपुर नहर की पटरी टूटने से दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। कुछ किसानों की खेतों में कटी पड़ी फसल में भी पानी भर गया। इससे किसानों का भारी नुकसान हो गया। फसल की बर्बादी को देख किसानों के चेहरे उतर गए।
शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे गांव कमालपुर के जंगल से निकल रही सुल्तानपुर नहर की पश्चिम दिशा की पटरी टूट गई। इस कारण दर्जनों किसानों नजरूल, महताब, हनीफ, हामिद, फिरोज, वीरसेन, कलवा सिंह, मकसूद आदि के खेतों में तैयार खड़ी सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल पानी में डूबने लगी। खेतों में पानी भरता देख किसानों ने अपनी मेहनत से तैयार की फसल को बचाने के लिए नहर का पानी रोकने की काफी कोशिशें की, लेकिन नाकाम रहे। किसानों ने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी। आरोप है कि सिंचाई विभाग कर्मचारियों ने कई घंटे बाद नहर के पानी को बंद किया। असलम, गुफरान, मेहरबान, गजंफर अली, शेर खां आदि ने बताया कि करीब छह माह पहले भी इसी नहर की पटरी टूट गई थी। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की। एसडीएम चांदपुर शिशिर कुमार ने बताया कि नहर की पटरी टूटने से होने वाला किसानों का नुकसान दैवीय आपदा में नहीं आता है। वे किसानों को राहत देने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात करेंगे। सिंचाई विभाग के जेई आनंद प्रकाश कोई उत्तर नहीं दे सके।
किसानों की फसल हो रही बर्बाद
नींदडू़ में सिंचाई विभाग द्वारा पिछले कई दिनों से निर्धारित सिंचाई समयचक्र के अनुसार नहटौर से क्षेत्र में आने वाली पूर्वी गांगन नहर की पोषक नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। किसानों का कहना है कि कई जगह से नहरों की पटरियां टूटी होने के अलावा कुछ किसानों ने नहर व सरकारी नाले को अपने स्वार्थ में बंद कर दिया है। जब नहर में पानी छोड़ा जाता है, वह नहर के अंतिम छोर तक नहीं पहुंचता तथा टूटी पटरियों से निकल कर खेतों घुस जाता है। सरकथल माइनर नहर में छोड़ा गया पानी गेहूं व गन्ने की पेड़ी में घुसने से किसान चिंतित हैं। सरकथल माधो स्थित जनता संतासन आश्रम के संतराम ने बताया कि आश्रम के छह बीघा खेत में खड़ा गेहूं नहर के पानी में डूबकर बर्बाद हो गया। इसी तरह इमरती देवी का 29 बीघा, विक्रम सिंह का 18 बीघा, मगनो देवी का छह बीघा, विनोद कुमार व हरस्वरूप का 03-03 बीघा तथा ओमप्रकाश व संतोष कुमारी का 02-02 बीघा में खड़ी गेहूं व गन्ने की पेड़ी नहर के पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है। पानी भरा रहने से पके गेहूं की जड़ें गल गई हैं तथा गन्ना भी नीचे से गलने लगा है। शुक्रवार को संतराम महाराज के नेतृत्व में आश्रम के पास किसानों ने नहर की साफ-सफाई कराने, बंद नहर खोलने व नहर के टूटे हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। ललिता देवी, विक्रम सिंह, धमेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, सुरेंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार, ईश्वरी देवी, बबीता देवी, प्रमिला देवी, शिव चौहान आदि शामिल रहे।
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एसडीएम के आश्वासन पर धरना खत्म
हल्दौर में गांव सुल्तानपुर में नहर की पटरी टूट कर पानी से बर्बाद हुई किसानों की फसल का उचित मुआवजा दिलाए जाने को लेकर आयोजित राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के धरने में पहुंचे एसडीएम ने किसानों की समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया। तीन दिनों से राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष विनोद कुमार की अगुवाई में नहर के पानी से टूटकर बर्बाद हुई किसानों की फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर गांव सुल्तानपुर के जंगल में नहर की पटरी पर बेमियादी धरने पर बैठे हुए थे। शुक्रवार की शाम एसडीएम सदर इंद्रजीत सिंह धरने पर पहुंचे। उन्होंने पानी से बर्बाद हुई फसल की पैमाइश कराकर मुआवजा दिलाए जाने के लिए इसकी रिपोर्ट शासन को भिजवाने, नहर की पटरी पक्की कराने , नहर में पानी छोड़े जाने के दौरान पतरावल की ड्यूटी लगाने समेत कई मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया। धरने में संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह ,राजपाल सिंह भगत, ग्राम प्रधान सतवीर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान चंद्रवीर सिंह, अंकुर कुमार, पुखराज सिंह, बिट्टू सिंह, मनीष कुमार, नरेंद्र सिंह, ठाकर सिंह, लाल बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे गांव कमालपुर के जंगल से निकल रही सुल्तानपुर नहर की पश्चिम दिशा की पटरी टूट गई। इस कारण दर्जनों किसानों नजरूल, महताब, हनीफ, हामिद, फिरोज, वीरसेन, कलवा सिंह, मकसूद आदि के खेतों में तैयार खड़ी सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल पानी में डूबने लगी। खेतों में पानी भरता देख किसानों ने अपनी मेहनत से तैयार की फसल को बचाने के लिए नहर का पानी रोकने की काफी कोशिशें की, लेकिन नाकाम रहे। किसानों ने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी। आरोप है कि सिंचाई विभाग कर्मचारियों ने कई घंटे बाद नहर के पानी को बंद किया। असलम, गुफरान, मेहरबान, गजंफर अली, शेर खां आदि ने बताया कि करीब छह माह पहले भी इसी नहर की पटरी टूट गई थी। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की। एसडीएम चांदपुर शिशिर कुमार ने बताया कि नहर की पटरी टूटने से होने वाला किसानों का नुकसान दैवीय आपदा में नहीं आता है। वे किसानों को राहत देने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात करेंगे। सिंचाई विभाग के जेई आनंद प्रकाश कोई उत्तर नहीं दे सके।
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किसानों की फसल हो रही बर्बाद
नींदडू़ में सिंचाई विभाग द्वारा पिछले कई दिनों से निर्धारित सिंचाई समयचक्र के अनुसार नहटौर से क्षेत्र में आने वाली पूर्वी गांगन नहर की पोषक नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। किसानों का कहना है कि कई जगह से नहरों की पटरियां टूटी होने के अलावा कुछ किसानों ने नहर व सरकारी नाले को अपने स्वार्थ में बंद कर दिया है। जब नहर में पानी छोड़ा जाता है, वह नहर के अंतिम छोर तक नहीं पहुंचता तथा टूटी पटरियों से निकल कर खेतों घुस जाता है। सरकथल माइनर नहर में छोड़ा गया पानी गेहूं व गन्ने की पेड़ी में घुसने से किसान चिंतित हैं। सरकथल माधो स्थित जनता संतासन आश्रम के संतराम ने बताया कि आश्रम के छह बीघा खेत में खड़ा गेहूं नहर के पानी में डूबकर बर्बाद हो गया। इसी तरह इमरती देवी का 29 बीघा, विक्रम सिंह का 18 बीघा, मगनो देवी का छह बीघा, विनोद कुमार व हरस्वरूप का 03-03 बीघा तथा ओमप्रकाश व संतोष कुमारी का 02-02 बीघा में खड़ी गेहूं व गन्ने की पेड़ी नहर के पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है। पानी भरा रहने से पके गेहूं की जड़ें गल गई हैं तथा गन्ना भी नीचे से गलने लगा है। शुक्रवार को संतराम महाराज के नेतृत्व में आश्रम के पास किसानों ने नहर की साफ-सफाई कराने, बंद नहर खोलने व नहर के टूटे हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। ललिता देवी, विक्रम सिंह, धमेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, सुरेंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार, ईश्वरी देवी, बबीता देवी, प्रमिला देवी, शिव चौहान आदि शामिल रहे।
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एसडीएम के आश्वासन पर धरना खत्म
हल्दौर में गांव सुल्तानपुर में नहर की पटरी टूट कर पानी से बर्बाद हुई किसानों की फसल का उचित मुआवजा दिलाए जाने को लेकर आयोजित राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के धरने में पहुंचे एसडीएम ने किसानों की समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया। तीन दिनों से राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष विनोद कुमार की अगुवाई में नहर के पानी से टूटकर बर्बाद हुई किसानों की फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर गांव सुल्तानपुर के जंगल में नहर की पटरी पर बेमियादी धरने पर बैठे हुए थे। शुक्रवार की शाम एसडीएम सदर इंद्रजीत सिंह धरने पर पहुंचे। उन्होंने पानी से बर्बाद हुई फसल की पैमाइश कराकर मुआवजा दिलाए जाने के लिए इसकी रिपोर्ट शासन को भिजवाने, नहर की पटरी पक्की कराने , नहर में पानी छोड़े जाने के दौरान पतरावल की ड्यूटी लगाने समेत कई मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया। धरने में संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह ,राजपाल सिंह भगत, ग्राम प्रधान सतवीर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान चंद्रवीर सिंह, अंकुर कुमार, पुखराज सिंह, बिट्टू सिंह, मनीष कुमार, नरेंद्र सिंह, ठाकर सिंह, लाल बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।