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शिक्षकों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया

Fri, 10 Jan 2020 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 12:54 AM IST
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Boycotted teaching work for demands
बिजनौर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतननारायण ग्रुप) के प्रांतीय आह्वान पर जिले भर के शिक्षकों ने धारा 18 और 21 के विरोध में शिक्षण कार्य का बहिष्कार दिया और मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा।
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बृहस्पतिवार को मंडलीय मंत्री सुधीर अग्रवाल, जिलाध्यक्ष सोमदेव सिंह के नेतृत्व में शिक्षक कलक्ट्रेट में एकत्र हुए और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिए ज्ञापन में जिलाध्यक्ष सोमदेव सिंह ने बताया कि धारा 18 शिक्षकों को सेवा शर्तों को कमजोर करती है। शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक सेवा चयन बोर्ड इलाहाबाद को भंग न करने, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग विधेयक-2019 की धारा 18 को संशोधित करने, वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय स्वीकृत करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था शीघ्र ही बहाल करने, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण करने, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कैशलैस मेडिक्लेम सुविधा देने, टास्क फोर्स द्वारा कराई गई जनशक्ति निर्धारण प्रक्रिया को वापस करने, व्यवसायिक एवं कंप्यूटर अनुदेशकों को शिक्षक पदों पर समायोजित करने, परिवार कल्याण योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले भत्ते को पुन: शुरू करने आदि मांगें की गई।
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ज्ञापन देने वालों में जिला मंत्री पंकज कुमार, जिला मीडिया प्रभारी एस.एस. त्यागी, महेंद्र सिंह त्यागी, दीपक गर्ग, वीर मलखान सिंह, अमित वर्मा, नसीमुद्दीन सुहैल, नरपाल सिंह, लवलेश कुमार, अखलेश कुमार, ईश्वर सिंह, अमित कुमार, दिलशाद हुसैन, जावेद हुसैन, रामकुमार, पंकज गुप्ता, सुनील त्यागी, घनश्याम सिंह आदि शामिल रहे।
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फोटो-
शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया
चांदपुर। बृहस्पतिवार को हिंदू इंटर कॉलेज चांदपुर में संघ से जुड़े शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा अधिनियम की धारा 21 को समाप्त कर नई शिक्षक विरोधी धारा 18 जोड़ने पर भारी रोष व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष चेतनारायण सिंह व संरक्षक राजबहादुर चंदेल ने विधान परिषद में भी इस धारा का विरोध किया है। संघ ने सरकार से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को भंग कर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग विधेयक की धारा 18 को संशोधित किए जाने, वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय, कैशलेश चिकित्सा सुविधा, पुरानी पेंशन बहाल करने आदि की मांग की। मंडलीय मंत्री सुधीर अग्रवाल ने कहा कि सरकार विद्यालय प्रबंधकों को शिक्षकों के साथ मनमानी करने व उनकी सेवा शर्तों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। इसमें जिलामंत्री पंकज कुमार, नसीमुद्दीन मदनी, दीपक गर्ग, महेंद्र सिंह त्यागी, नरपाल सिंह, वेदपाल गंगवार, सुहैल आबिद, पुनीत कुमार, वीर मलखान सिंह, वेदप्रकाश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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