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गंगा में समाई प्राथमिक स्कूल की बाउंड्री
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मंडावर के गांव सिमली के पास खेतों का कटान करती गंगा।
- फोटो : BIJNOR
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गंगा में समाई प्राथमिक स्कूल की बाउंड्री
मंडावर(बिजनौर)। कटान करते हुए गंगा की लहरें गांव फतेहपुर सभाचंद तक पहुंच गई है। सीमली की ओर भी गंगा तेजी से कटान कर रही है। कटान रोकने के लिए लगाई जा रही बल्लियों को गंगा कुछ ही देर में तिनकों की तरह बहा देती है। शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री और शौचालय गंगा की तेज लहरों में कट भी गए हैं। कटान न रुकने से गांव वाले खौफजदा हैं।
गांव फतेहपुर सभाचंद और सीमली की ओर गंगा पिछले कई दिन से कटान कर रही है। कुछ दिन पहले तक गंगा की धारा गांव फतेहपुर सभाचंद के बाहर की ओर बने प्राथमिक विद्यालय से काफी दूर थी। शुक्रवार को गंगा ने प्राथमिक विद्यालय को चपेट में ले लिया है। प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री और शौचालय गंगा की तेज लहरों में कट भी गए हैं। स्कूल को आने वाली सड़क तो कई दिन पहले ही गंगा काट चुकी है। कटान रोकने के लिए दिन-रात प्रयास किए जा रहे हैं। तटों के पास बल्लियां गाड़कर उनके बीच में रेत से भरी बोरी फंसाई जा रही हैं, लेकिन ये बल्लियां भी कुछ ही घंटों में गंगा की लहरों में तिनकों की तरह बह रही हैं। गंगा के कटान से गांव वाले खौफजदा हैं। उनका कहना है कि आधे से ज्यादा गांव कई साल पहले पलायन कर चुका है। वे हिम्मत करके रुक गए थे लेकिन अब रुकना खतरे से खाली नहीं है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन राकेश कुमार के अनुसार गंगा की लहरें जमीन से काफी नीची हैं। वहां की मिट्टी कमजोर होती है और लहरों में एकदम कट रही है। किसी तरह बल्ली गाड़ी जा रही हैं, लेकिन वे तेज लहरों के सामने नहीं टिक रही हैं।
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मंडावर(बिजनौर)। कटान करते हुए गंगा की लहरें गांव फतेहपुर सभाचंद तक पहुंच गई है। सीमली की ओर भी गंगा तेजी से कटान कर रही है। कटान रोकने के लिए लगाई जा रही बल्लियों को गंगा कुछ ही देर में तिनकों की तरह बहा देती है। शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री और शौचालय गंगा की तेज लहरों में कट भी गए हैं। कटान न रुकने से गांव वाले खौफजदा हैं।
गांव फतेहपुर सभाचंद और सीमली की ओर गंगा पिछले कई दिन से कटान कर रही है। कुछ दिन पहले तक गंगा की धारा गांव फतेहपुर सभाचंद के बाहर की ओर बने प्राथमिक विद्यालय से काफी दूर थी। शुक्रवार को गंगा ने प्राथमिक विद्यालय को चपेट में ले लिया है। प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री और शौचालय गंगा की तेज लहरों में कट भी गए हैं। स्कूल को आने वाली सड़क तो कई दिन पहले ही गंगा काट चुकी है। कटान रोकने के लिए दिन-रात प्रयास किए जा रहे हैं। तटों के पास बल्लियां गाड़कर उनके बीच में रेत से भरी बोरी फंसाई जा रही हैं, लेकिन ये बल्लियां भी कुछ ही घंटों में गंगा की लहरों में तिनकों की तरह बह रही हैं। गंगा के कटान से गांव वाले खौफजदा हैं। उनका कहना है कि आधे से ज्यादा गांव कई साल पहले पलायन कर चुका है। वे हिम्मत करके रुक गए थे लेकिन अब रुकना खतरे से खाली नहीं है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन राकेश कुमार के अनुसार गंगा की लहरें जमीन से काफी नीची हैं। वहां की मिट्टी कमजोर होती है और लहरों में एकदम कट रही है। किसी तरह बल्ली गाड़ी जा रही हैं, लेकिन वे तेज लहरों के सामने नहीं टिक रही हैं।

मंडावर के गांव फतेहपुर सभाचंद में कटान करती हुई प्राथमिक विद्यालय तक पहुंची गंगा की धारा।- फोटो : BIJNOR
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