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निकाय चुनाव आरक्षण : आरक्षण में बदलाव से बिगड़ गए दावेदारों के समीकरण
Fri, 31 Mar 2023 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 31 Mar 2023 12:44 AM IST
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बिजनौर में अब परिवार की महिला को चुनाव मैदान में उतार सकते हैं दावेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अभी निकाय चुनाव की तारीख तय नहीं हो सकी लेकिन शासन ने बृहस्पतिवार को आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी। जिले की छह पालिकाओं और चार नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के आरक्षण में बदलाव ने दावेदारों के समीकरण बिगाड़ कर रख दिए हैं।
बिजनौर नगर पालिका की बात करें तो पहले जारी हुई अधिसूचना में यह अनारक्षित थी, अब बदलाव करते हुए महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इससे चेयरमैन बनने का ख्वाब देख कर रहे कई दावेदारों के समीकरण ही बिगड़ गए हैं। हालांकि अब महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होने से कई अन्य चेहरे भी सामने आ जाएंगे। सूत्रों की मानें तो कई दावेदारों ने पार्टी से टिकट पक्का करा लिया था लेकिन अब इन्हें अपनी पत्नी या परिवार की अन्य महिला को टिकट दिलाने के लिए फिर से भागदौड़ करनी पड़ेगी। कुछ नेता पत्नियों को चुनाव में उतारना नहीं चाहते हैं, वे चुनाव से बाहर हो गए हैं।
शहर ही नहीं बल्कि अन्य पालिकाओं और नगर पंचायतों में आरक्षण में हुए बदलाव से यही स्थिति बन रही है। किरतपुर को एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था, अब यह अनारक्षित कर दी गई है। बता दें कि पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर मामला हाईकोर्ट में जाने की वजह से सरकार को फिर से अधिसूचना जारी करनी पड़ी है।
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बिजनौर। अभी निकाय चुनाव की तारीख तय नहीं हो सकी लेकिन शासन ने बृहस्पतिवार को आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी। जिले की छह पालिकाओं और चार नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के आरक्षण में बदलाव ने दावेदारों के समीकरण बिगाड़ कर रख दिए हैं।
बिजनौर नगर पालिका की बात करें तो पहले जारी हुई अधिसूचना में यह अनारक्षित थी, अब बदलाव करते हुए महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इससे चेयरमैन बनने का ख्वाब देख कर रहे कई दावेदारों के समीकरण ही बिगड़ गए हैं। हालांकि अब महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होने से कई अन्य चेहरे भी सामने आ जाएंगे। सूत्रों की मानें तो कई दावेदारों ने पार्टी से टिकट पक्का करा लिया था लेकिन अब इन्हें अपनी पत्नी या परिवार की अन्य महिला को टिकट दिलाने के लिए फिर से भागदौड़ करनी पड़ेगी। कुछ नेता पत्नियों को चुनाव में उतारना नहीं चाहते हैं, वे चुनाव से बाहर हो गए हैं।
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शहर ही नहीं बल्कि अन्य पालिकाओं और नगर पंचायतों में आरक्षण में हुए बदलाव से यही स्थिति बन रही है। किरतपुर को एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था, अब यह अनारक्षित कर दी गई है। बता दें कि पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर मामला हाईकोर्ट में जाने की वजह से सरकार को फिर से अधिसूचना जारी करनी पड़ी है।
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