Bijnor News: ठंड में जमा खून, बुजुर्गो को दे रहा हार्ट अटैक
ठंड में खून गाढ़ा होने से हार्ट अटैक आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल रोजाना दो से चार मरीज हार्ट अटैक के पहुंच रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने से मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर रेफर किया जा रहा है। चिकित्सक लोगों को ठंड चिकनाई की चीजें नहीं खाने की सलाह दे रहे हैं।
सर्दी के दिनों में शरीर से सोडियम नहीं निकल पाता है। जिसके चलते शरीर में सोडियम की मात्रा अधिक होने से ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। ब्लडप्रेशर बढ़ने से ही सर्दियों में हार्ट अटैक ज्यादा आ रहा है। जिला अस्पताल में अब तक पांच ब्रोकडेड मरीज आए हैं। जिनके लक्षण हार्ट अटैक के बताए जा रहे हैं। हालांकि हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
सर्दी में 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएम वर्मा का कहना है कि सर्दी के दिनों में व्यक्ति जितना खाता है, उतनी कैलोरी बर्न नहीं हो रही हैं। यही वजह है कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ रही है। जिसके चलते खून गाढ़ा हो रहा है। रक्त गाढ़ा होने से शरीर में थक्का बन जाता है। जिसकी वजह से हृदय तक रक्त का सही प्रवाह नहीं होता है। रक्त नहीं मिलने पर ह्दय काम करना बंद कर देता है।
हार्ट अटैक के लक्षण
-ज्यादा पसीना आना
-सांस लेने में दिक्कत होना
-घबराहट होना
-सीने में भारीपन होना
-सीने में दर्द होना
-नींद आने में दिक्कत
हार्ट अटैक के कारण
-कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
-डायबिटिज
-हाई बीपी
-अधिक चिकनाई का उपयोग करना
-धुम्रपान और शराब का अधिक सेवन करना
हार्ट अटैक से बचाव
-संतुलित आहार लें
-डायबिटिज नियंत्रित रखें
-धूप निकलने पर व्यायाम करें
-कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखना
-चिकनाई वाले पदार्थो का सेवन न करें
-नींद पूरी लें
-ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें
सर्दियों में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ठंड से बचाव करें और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें। हार्ट अटैक के मरीजों का प्राथमिक उपचार कर मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में हार्ट अटैक से किसी की मौत नहीं हुई है। -डॉ. मनोज सैन, सीएमएस