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गांवों में अमान्य मदरसों को चिह्नित करेगी ब्लॉक टीम
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गांवों में अमान्य मदरसों को चिह्नित करेगी ब्लॉक टीम
बिजनौर। अमान्य मदरसों का पता लगाने के लिए 2500 से अधिक गांवों की छानबीन शुरू हो गई है। ब्लॉक स्तरीय टीम गांवों का पता लगाने में जुटी है। टीमों में तीन विभाग के 50 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। मदरसों के चिह्नित होने के बाद शासन से नामित जिला स्तरीय टीम भौतिक सत्यापन कर जानकारी जुटाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन के अनुसार शासन के निर्देश पर अमान्य मदरसों को चिह्नित करने के लिए 11 बिंदुओं पर सर्वे होना है। टीम में बीएसए, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल हैं। पहले ब्लॉक टीम गांव-गांव जाकर संचालित अमान्य मदरसों का पता लगा रही है। इसके लिए ब्लॉक वार 11 टीम बनी हैं। हर टीम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के दो, बेसिक शिक्षा विभाग के दो तथा राजस्व विभाग से लेखपाल शामिल हैं। इस प्रकार ब्लॉक की टीम में कुल पांच सदस्य हैं। 11 टीम जिले के 2500 से अधिक गांवों में जाएंगी। पता लगाएंगी कि अमान्य मदरसे किन गांवों में संचालित हैं। गांव का नाम, संचालक का नाम, मदरसा कब से संचालित हैं, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं आदि विवरण इकट्ठा करेंगी।
ब्लॉक टीम की सूची में चिह्नित मदरसों का शासन की नामित जिला टीम भौतिक सत्यापन करेगी। तय 11 बिंदु पर जानकारी हासिल करेगी। ब्लॉक टीम ने यह काम शुरू कर दिया है। साथ ही एसडीएम भी रैंडम चेकिंग कर रहे हैं। फाइनल रिपोर्ट एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपी जाएगी। इसके बाद जिले की जांच रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
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बिजनौर। अमान्य मदरसों का पता लगाने के लिए 2500 से अधिक गांवों की छानबीन शुरू हो गई है। ब्लॉक स्तरीय टीम गांवों का पता लगाने में जुटी है। टीमों में तीन विभाग के 50 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। मदरसों के चिह्नित होने के बाद शासन से नामित जिला स्तरीय टीम भौतिक सत्यापन कर जानकारी जुटाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन के अनुसार शासन के निर्देश पर अमान्य मदरसों को चिह्नित करने के लिए 11 बिंदुओं पर सर्वे होना है। टीम में बीएसए, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल हैं। पहले ब्लॉक टीम गांव-गांव जाकर संचालित अमान्य मदरसों का पता लगा रही है। इसके लिए ब्लॉक वार 11 टीम बनी हैं। हर टीम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के दो, बेसिक शिक्षा विभाग के दो तथा राजस्व विभाग से लेखपाल शामिल हैं। इस प्रकार ब्लॉक की टीम में कुल पांच सदस्य हैं। 11 टीम जिले के 2500 से अधिक गांवों में जाएंगी। पता लगाएंगी कि अमान्य मदरसे किन गांवों में संचालित हैं। गांव का नाम, संचालक का नाम, मदरसा कब से संचालित हैं, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं आदि विवरण इकट्ठा करेंगी।
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ब्लॉक टीम की सूची में चिह्नित मदरसों का शासन की नामित जिला टीम भौतिक सत्यापन करेगी। तय 11 बिंदु पर जानकारी हासिल करेगी। ब्लॉक टीम ने यह काम शुरू कर दिया है। साथ ही एसडीएम भी रैंडम चेकिंग कर रहे हैं। फाइनल रिपोर्ट एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपी जाएगी। इसके बाद जिले की जांच रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
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