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विदुर कुटी के सामने नहीं बनेगा बायो डायवर्सिटी पार्क

Fri, 07 Feb 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Feb 2020 12:06 AM IST
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Bio Diversity Park will not be built in front of Vidur Kuti
विदुर कुटी के सामने नहीं बनेगा बायो डायवर्सिटी पार्क
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बिजनौर। गंगा क्षेत्र में बरसात में होने वाले जलभराव व बाढ़ की स्थिति से बायोडायवर्सिटी पार्क बनने को ग्रहण लग गया है। बायोडायवर्सिटी पार्क अब विदुर कुटी के सामने नहीं बनाया जाएगा। वजह है हर साल बरसात में विदुर कुटी के आसपास रहने वाली बाढ़ की स्थिति। अब वन विभाग बायोडायवर्सिटी पार्क के लिए किसी दूसरी जगह जमीन तलाशेगा।
नदियों के किनारे जैव विविधता की खान हैं। पशु-पक्षियों के अलावा यहां पर जलीय जीवों की भरमार है। पर्यावरण में इन सबका भी अपना अलग योगदान है। सूबे के 27 जिले गंगा किनारे बसे हैं। इन सभी जिलों में गंगा किनारे बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने के लिए शासन ने कवायद शुरू की थी। उत्तराखंड से यूपी की सीमा में गंगा जिले में ही प्रवेश करती है। यह सूबे में गंगा की धारा का मुख्य जिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पिछले महीने गंगा यात्रा के शुभारंभ के लिए जिले को ही चुना था। बिजनौर में भी बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने के लिए विदुर कुटी के सामने वाले स्थान को चुना था। बायोडायवर्सिटी पार्क का प्रस्ताव भी बनाकर शासन को भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई थी, लेकिन अब वन विभाग ने बायोडायवर्सिटी पार्क के लिए चयनित जमीन को रिजेक्ट कर दिया है। वजह हर साल बरसात में गंगा किनारे रहने वाली बाढ़ की स्थिति। विदुर कुटी के सामने अगर बायोडायवर्सिटी पार्क बनाया जाता है तो बाढ़ के समय यह नष्ट हो जाएगा। इसलिए अब बायोडायवर्सिटी पार्क के लिए दूसरी जमीन तलाशी जा रही है।
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जैव विविधता का रहेगा ध्यान
बायोडायवर्सिटी पार्क में जैव विविधता का ध्यान रखा जाएगा। इसमें कई प्रजातियों के सुंदर व औषधीय गुणों वाले पौधे लगाए जाएंगे। गंगा किनारे पक्षियों की भी भरमार रहेगी। ऐसे पार्कों में पर्यावरण प्रेमी भी बड़ी तादाद में आएंगे।
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विदुर कुटी का है अलग महत्व
विदुर कुटी का जिले में अलग महत्व है। महात्मा विदुर की कुटी में आकर भगवान कृष्ण ने भी बथुए का साग खाया था। इस क्षेत्र को विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग की मंशा थी कि अगर विदुर कुटी के पास ही बायोडायवर्सिटी पार्क बनेगा तो इससे विदुर कुटी पर आने वाले सभी श्रद्धालु प्रकृति के सौंदर्य का भी आनंद ले सकेंगे।

गंगा किनारे ही बनेगा बायोडायवर्सिटी पार्क
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक बायोडायवर्सिटी पार्क के लिए नए सिरे से जमीन की तलाश की जा रही है। पार्क बनाने में जनता का टैक्स में दिया गया पैसा ही लगना है। इसे ऐसे ही कहीं भी नहीं बना सकते हैं। गंगा किनारे ही बायोडायवर्सिटी पार्क बनाया जाएगा।
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