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Bijnor News: ज्योति के संघर्ष से जल रही महिलाओं के रोजगार की ‘ज्योति’
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ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे-मील, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में बनने वाले भोजन में विदुर ब्रांड मशालों का तड़का लग रहा है। यह मसाले ज्योति स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तैयार कर रही हैं। सभी मानकों पर पास विदुर ब्रांड मसाले दाल और सब्जियों का स्वाद बढ़ा रहे हैं।
ग्राम जलालपुर हसना निवासी ज्योति पत्नी आशीष कुमार ने महिलाओं को साथ लेकर स्वयं सहायता समूह बनाया है। समूह अध्यक्ष ज्योति ने बताया कि ब्लाॅक अधिकारियों की मदद से उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर मसाले बनने का कार्य किया। वह कच्चा सामान गाजियाबाद आदि महानगरों से मंगा रही हैं और यहां मसालों को बनाकर विदुर ब्रांड के नाम से पैकिंग कर बेचना शुरू किया। कुछ मसालों की उन्होंने अपने यहां खेती करने की पहल भी की है। वह और उनके साथ वाली महिलाएं रोजगार पाकर आत्मनिर्भर बनी हैं।
सीडीओ की मदद से स्कूलों के मिले ऑर्डर : समूह अध्यक्ष ज्योति ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी अजय पाल की मदद से उनके मसाले सीडीओ पूर्ण बोरा के पास पहुंचे। मसालों की जांच हुई और मानक पर सही निकलें। उन्होंने मसालों को विदुर ब्रांड के तहत पैकिंग कराया। उनके निर्देश पर परिषदीय स्कूलों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों, प्रेमधाम और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में ऑर्डर मिलने लगे हैं। संवाद
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बिजनौर। परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे-मील, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में बनने वाले भोजन में विदुर ब्रांड मशालों का तड़का लग रहा है। यह मसाले ज्योति स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तैयार कर रही हैं। सभी मानकों पर पास विदुर ब्रांड मसाले दाल और सब्जियों का स्वाद बढ़ा रहे हैं।
ग्राम जलालपुर हसना निवासी ज्योति पत्नी आशीष कुमार ने महिलाओं को साथ लेकर स्वयं सहायता समूह बनाया है। समूह अध्यक्ष ज्योति ने बताया कि ब्लाॅक अधिकारियों की मदद से उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर मसाले बनने का कार्य किया। वह कच्चा सामान गाजियाबाद आदि महानगरों से मंगा रही हैं और यहां मसालों को बनाकर विदुर ब्रांड के नाम से पैकिंग कर बेचना शुरू किया। कुछ मसालों की उन्होंने अपने यहां खेती करने की पहल भी की है। वह और उनके साथ वाली महिलाएं रोजगार पाकर आत्मनिर्भर बनी हैं।
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सीडीओ की मदद से स्कूलों के मिले ऑर्डर : समूह अध्यक्ष ज्योति ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी अजय पाल की मदद से उनके मसाले सीडीओ पूर्ण बोरा के पास पहुंचे। मसालों की जांच हुई और मानक पर सही निकलें। उन्होंने मसालों को विदुर ब्रांड के तहत पैकिंग कराया। उनके निर्देश पर परिषदीय स्कूलों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों, प्रेमधाम और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में ऑर्डर मिलने लगे हैं। संवाद
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