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Bijnor News: हैदरपुर वेटलैंड... प्राकृतिक नजारों और नाइट कैंपिंग के रोमांच का संगम
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बिजनौर में हैदरपुर वेटलैंड में तैयार हुए टिकट काउंटर व कैफेटेरिया व पीछे की ओर कैंप। संवाद
- फोटो : सदिकापुर गांव के पास खेताें में भरा नाले का पानी।
रजनीश त्यागी
बिजनौर। गंगा बैराज के दोनों ओर फैले हैदरपुर वेटलैंड (रामसर साइट) पर पक्षी विहार के साथ एडवेंचर भी मिलेगा। जहां वेटलैंड के किनारे रात में कैंपिंग शुरू होने जा रही है, वहीं गंगा किनारे शीशमहल के पीछे के बंदे (बंध) को पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी है। बिजनौर और मुजफ्फरनगर के वन अफसर इसमें जुटे हुए हैं। अगले माह से कैंपिंग शुरू हो जाएगी।
करीब पांच किमी से अधिक दूरी की सड़कों के साथ हैदरपुर वेटलैंड पक्षी प्रेमियों की पसंद बना हुआ है। अब जल्द ही बिजनौर की ओर शीशमहल के पीछे करीब 800 मीटर और रावली बंदे पर सात किलोमीटर तक पर्यटक प्रवासी पक्षियों को निहारने के साथ-साथ प्राकृतिक के सुंदर नजारों का आनंद ले पाएंगे।
हैदरपुर वेटलैंड पर रात्रि प्रवास के लिए कैंप तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा वहां कैफेटेरिया, टिकट हॉल, बिजली के लिए सोलर पैनल लग चुके हैं। जल्द ही सुरक्षा के लिए तारबाड़ कराकर यहां पर कैंपिंग कराई जाएगी।
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n बिजनौर गंगा बैराज के दोनों ओर फैला है हैदरपुर वेटलैंड : बिजनौर गंगा बैराज के 6,908 हेक्टेयर क्षेत्र में हैदरपुर वेटलैंड एक मानव निर्मित झील है। 1984 में मध्य गंगा बैराज के निर्माण के दौरान यह बनाई गई थी, ताकि बाढ़ आने पर ज्यादा पानी इस झील में चला जाए। वेटलैंड में हिरण सहित कई जानवरों, 30 से अधिक प्रजातियों पेड़-पौधे, पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां, 102 जलपक्षी, 40 से ज्यादा प्रजाति की मछली, दस से अधिक स्तनपायी प्रजातियां मिलती है। वेटलैंड को अप्रैल 2021 में देश की 47वीं रामसर साइट घोषित कर दिया गया। संवाद
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बिजनौर। गंगा बैराज के दोनों ओर फैले हैदरपुर वेटलैंड (रामसर साइट) पर पक्षी विहार के साथ एडवेंचर भी मिलेगा। जहां वेटलैंड के किनारे रात में कैंपिंग शुरू होने जा रही है, वहीं गंगा किनारे शीशमहल के पीछे के बंदे (बंध) को पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी है। बिजनौर और मुजफ्फरनगर के वन अफसर इसमें जुटे हुए हैं। अगले माह से कैंपिंग शुरू हो जाएगी।
करीब पांच किमी से अधिक दूरी की सड़कों के साथ हैदरपुर वेटलैंड पक्षी प्रेमियों की पसंद बना हुआ है। अब जल्द ही बिजनौर की ओर शीशमहल के पीछे करीब 800 मीटर और रावली बंदे पर सात किलोमीटर तक पर्यटक प्रवासी पक्षियों को निहारने के साथ-साथ प्राकृतिक के सुंदर नजारों का आनंद ले पाएंगे।
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हैदरपुर वेटलैंड पर रात्रि प्रवास के लिए कैंप तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा वहां कैफेटेरिया, टिकट हॉल, बिजली के लिए सोलर पैनल लग चुके हैं। जल्द ही सुरक्षा के लिए तारबाड़ कराकर यहां पर कैंपिंग कराई जाएगी।
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n बिजनौर गंगा बैराज के दोनों ओर फैला है हैदरपुर वेटलैंड : बिजनौर गंगा बैराज के 6,908 हेक्टेयर क्षेत्र में हैदरपुर वेटलैंड एक मानव निर्मित झील है। 1984 में मध्य गंगा बैराज के निर्माण के दौरान यह बनाई गई थी, ताकि बाढ़ आने पर ज्यादा पानी इस झील में चला जाए। वेटलैंड में हिरण सहित कई जानवरों, 30 से अधिक प्रजातियों पेड़-पौधे, पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां, 102 जलपक्षी, 40 से ज्यादा प्रजाति की मछली, दस से अधिक स्तनपायी प्रजातियां मिलती है। वेटलैंड को अप्रैल 2021 में देश की 47वीं रामसर साइट घोषित कर दिया गया। संवाद