फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Bijnor Lok Sabha seat: Chandan Chauhan fight for legacy, Vijendra Singh will struggle to save reputation

बिजनौर लोकसभा सीट: मैदान में तीन योद्धा, चंदन चौहान को विरासत तो विजेंद्र सिंह के सामने साख बचाने की चुनौती

Wed, 20 Mar 2024 11:16 AM IST
Dimple Sirohi रजनीश त्यागी, अमर उजाला, बिजनौर
रजनीश त्यागी, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 20 Mar 2024 11:16 AM IST
सार

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। बिजनौर लोकसभा सीट पर चुनावी दंगल में तीन योद्धा मैदान में नजर आ रहे हैं। चंदन चौहान के सामने अपने पिता और दादा की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।

विज्ञापन
Bijnor Lok Sabha seat: Chandan Chauhan fight for legacy, Vijendra Singh will struggle to save reputation
चंदन चौहान, यशवीर धोबी, विजेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। बिजनौर लोकसभा सीट के चुनावी दंगल में अब तक मुख्य रूप से तीन योद्धा ही नजर आ रहे हैं। इनमें से भाजपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी चंदन चौहान के सामने अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की, वहीं बसपा से टिकट पाने वाले चौधरी विजेंद्र सिंह के सामने साख बनाने की चुनौती रहेगी। सपा के प्रत्याशी पूर्व सांसद यशवीर सिंह धोबी इस बार बिजनौर में अपनी किस्मत आजमाने को मैदान में उतरे हैं। 

विज्ञापन


चुनावी मैदान में भाजपा-रालोद गठबंधन से चंदन चौहान, सपा से पूर्व सांसद यशवीर धोबी, बसपा से चौधरी विजेंद्र सिंह ताल ठोक रहे हैं। हालांकि नामांकन तक इसी सीट पर प्रत्याशियों की संख्या बढ़ जाएगी। चंदन चौहान के सामने अपने पिता और दादा की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP: गन्ने के सियासी रस की कौन लेगा मिठास, क्या लोस चुनाव में बड़ा प्रभाव डालेगा ये मुद्दा? पढ़ें खास रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन

उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं चंदन चौहान के दादा
चंदन चौहान के दादा चौधरी नारायण सिंह आपातकाल के बाद 1977 में मुख्यमंत्री बाबू बनारसीदास की सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसके बाद नारायण सिंह के बेटे संजय चौहान अपने पिता की सीट से ही विधायक बने। 

बाद में वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में बिजनौर सीट पर भाजपा-रालोद गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में संजय चौहान को 244,587 वोट मिले और विजेता रहे। दूसरे नंबर पर रहे बसपा से शाहिद सिद्दकी को 216,157 वोट ही मिले थे। इस बार भी बिजनौर लोकसभा सीट पर भाजपा-रालोद का गठबंधन है। 
 
संजय चौहान के बेटे चंदन चौहान के सामने दादा की प्रतिष्ठा और पिता की विरासत को आगे बढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। उधर बसपा में शामिल हुए चौधरी विजेंद्र सिंह के सामने राजनीति में अपनी साख बनाने की चुनौती है। वह इससे पहले लोकदल से चुनावी मैदान में उतरने का दावा कर रहे थे, लेकिन कुछ दिन पहले ही उन्होंने बसपा ज्वाइन की और बिजनौर से टिकट भी लिया।

यह भी पढ़ें:  कौन बनेगा BJP का चेहरा: गाजियाबाद से जनरल वीके की दावेदारी, मेरठ सीट पर पेच फंसा, सपा के दावेदार लखनऊ में डटे

उधर पूर्व सांसद यशवीर सिंह धोबी वर्ष 2009 में ही सपा के टिकट पर नगीना से जीत हासिल की थी। दूसरे नंबर पर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े राम किशन सिंह रहे थे। उन्हें 1,75,127 वोट मिले थे।

इस बार भी यशवीर धोबी नगीना से ही टिकट मांग रहे थे, लेकिन उन्हें सपा ने बिजनौर से टिकट दिया। ऐसे में यशवीर धोबी के सामने अचानक हुए बदलाव के साथ-साथ इस सीट के समीकरण को समझकर सबको साधने की चुनौती रहेगी।  

बिजनौर : वर्ष 2019 का चुनाव परिणाम
विजेता : बसपा के मलूक नागर 561,045
उपविजेता : भाजपा के भारतेंद्र सिंह 491,104

बिजनौर : वर्ष 2009 का चुनाव परिणाम
विजेता : रालोद के संजय चौहान 244,587
उपविजेता : बसपा के शाहिद सिद्दकी 216,157

नगीना लोकसभा वर्ष 2009 का चुनाव परिणाम
विजेता :
सपा के यशवीर सिंह 2,34,815
उपविजेता : बसपा के राम किशन सिंह 1,75,127

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed