बिजनौर किसान महापंचायत: सिक्कों से तौलकर किया राकेश टिकैत स्वागत; गन्ने का भाव और बकाया भुगतान का उठा मुद्दा
बिजनौर के नुमाइश ग्राउंड में किसान महापंचायत में राकेश टिकैत पहुंचे। पदाधिकारियों ने सिक्कों से तौलकर उनका स्वागत किया। पंचायत में गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, बकाया भुगतान और जमीन के मुआवजे समेत कई मुद्दे उठे।
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बिजनौर जनपद के नुमाइश ग्राउंड में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत पहुंचे। उनके पहुंचने पर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान उन्हें सिक्कों से तौला गया। महापंचायत में इससे पहले किसान नेताओं ने बढ़ती महंगाई के मद्देनजर गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कराने, बकाया भुगतान, हाईवे में जाने वाली जमीन के सर्किल रेट और औद्योगिक गलियारे से जुड़े मुद्दे उठाए। इसके अलावा फसलों के मुआवजे की मांग भी पंचायत में रखी गई।
नुमाइश ग्राउंड में किसान महापंचायत, राकेश टिकैत का स्वागत
बिजनौर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित किसान महापंचायत में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत पहुंचे। उनके आगमन पर संगठन के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उन्हें सिक्कों से तौला।
महापंचायत में किसान संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पंचायत में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी। राकेश टिकैत के पहुंचने के बाद स्वागत का कार्यक्रम जारी रहा।
राकेश टिकैत के पहुंचने से पहले पंचायत को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान, वीरेंद्र सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए। वक्ताओं ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कराने की मांग रखी।
इसके साथ ही गन्ने के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों को समय पर भुगतान मिलने की मांग पंचायत में प्रमुखता से रखी गई। वक्ताओं ने कहा कि किसानों से जुड़े आर्थिक मुद्दों पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
महापंचायत में हाईवे निर्माण के लिए ली जाने वाली जमीन के सर्किल रेट का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा औद्योगिक गलियारे से जुड़े मामलों पर भी वक्ताओं ने अपनी बात रखी। पंचायत में फसलों के मुआवजे की मांग भी शामिल रही।
किसान नेताओं ने इन मुद्दों को किसानों की समस्याओं से जोड़ते हुए उठाया। महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष विजेंद्र यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। पंचायत में गन्ने के भाव, भुगतान, जमीन के सर्किल रेट, औद्योगिक गलियारे और फसलों के मुआवजे जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे।