बिजनौर: फोन पर बात करने के बाद मजदूर ने गुरुद्वारे में फांसी लगाकर की आत्महत्या, 15 दिन पहले ही घर से लौटा था वापस
बिजनौर जनपद में गुरुवार को एक युवक ने गुरुद्वारे में फोन पर बात करते हुए फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में बेगावाला थानाक्षेत्र में फोन पर बात करने के बाद मजदूर ने बुधवार रात को बिजली के केबिल का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया। मजदूर के साथी ने पुलिस में तहरीर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गांव दिया निवासी पूरन सिंह पुत्र भगई सिंह (27) व इसके साथी पिछले काफी समय से गुरुद्वारा व मंदिर बनाने का काम करते हैं। बुधवार की रात पूरन ने बिजली के केबिल का फंदा लगाकर आत्म हत्या कर ली। पुलिस के अनुसार पूरन काफी से गुरुद्वारे में काम कर रहा था। उसका गजरौला शिव के एक गुरुद्वारे में भी काम चल रहा था।
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बताया कि 15 दिन पहले वह घर गया था। अब लौटा था। पहले वह गजरौला गया। वहां से वह शाम को अपने साथियों के पास ब्रहपुरी में आया था। सभी ने एक खाना खाया। मृतक कानों में ईयर फोन लगाकर किसी महिला से बात करने लगा। बाकी सभी सो गए।
आज सुबह जब चाय बनाने के लिए एक लड़का अमन गुरुद्वारे में गया। वहां पूरन नही मिला, तो वह ऊपर छत पर गया। उसमें पूरन का शव निर्माणाधीन पिलर से लटका मिला। जिसकी सूचना उसने कमेटी को दी। कमेटी ने तुरंत फोन द्वारा सूचना मंडावर थाने में दी।
पुलिस ने शव को उतरवाकर उसका पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। मजदूर के साथी ने पुलिस को तहरीर दी है। और पूरन के घरवालों को फोन द्वारा सूचना दी गई।
गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य हीरा सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे में पांच मजदूर काम करते थे। ये लोग केवल गुरुद्वारा और मंदिर ही बनाते हैं। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है।