Bijnor: मजार में तोड़फोड़ के आरोपी की उपचार के दौरान मौत, सात माह से जेल में था बंद
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जेल में बंद बंदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। मिर्गी के दौरे आने की वजह से 8 दिसंबर को जेल के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।बाद में उसे मेरठ रेफर कराया गया था।
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पिछले 7 महीनों से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जेल में बंद बंदी की शनिवार को मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोपी को शेरकोट में स्थित मजार में भगवा पगड़ी बांधकर तोड़फोड़ करने के आरोप में जेल भेजा गया था। जिस पर बाद में एनएसए के तहत भी कार्रवाई गई।
8 जनवरी को जिला कारागार में ही बंदी कमाल की तबीयत अचानक बिगड़ने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि उसे मिर्गी के दौरे उठते थे। 2 दिनों तक जिला कारागार के अस्पताल में रखने के बाद भी आराम नहीं हुआ तो जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए कमाल को मेरठ रेफर कर दिया था।
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शनिवार की सुबह मेरठ में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पिछले 4 दिनों से वह मेरठ अस्पताल में भर्ती था। बता दे कि 25 जुलाई को शेरकोट में दो सगे भाई आदिल और कमाल ने भगवा पगड़ी पहनकर भूरे शाह बाबा, जलालशाह बाबा और कुतुब शाह की मजार में तोड़फोड़ कर दी थी।
मजार में चढ़ाई गई चादरों को जला दिया गया था। दो पक्षों के बीच तनाव पैदा करने के लिए यह साजिश रची गई थी। जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कमाल और आदिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल अधीक्षक डॉक्टर अदिति श्रीवास्तव ने बताया कि तबीयत खराब होने पर उसे दो दिन जेल के अस्पताल में रखा गया। हालत में सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल भेज दिया गया था, जहां से मेरठ रेफर कर दिया गया। हार्ट अटैक की वजह से उसकी मौत हुई है।