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शीतलहर और कड़ाके की ठंड में सावधान रहें हृदय रोगी

Sat, 28 Dec 2019 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2019 11:12 PM IST
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Be careful in cold heart patients
शीतलहर और कड़ाके की ठंड में सावधान रहें हृदय रोगी
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बिजनौर। पिछले दो दिन से जिले का न्यूनतम पारा दो डिग्री सेल्सियस पर चल रहा है। ऐसे में भीषण सर्दी में सबसे ज्यादा परेशानी हृदय रोगियों को होती है। चिकित्सकों की सलाह है कि ठंड से पर्याप्त बचाव न करने पर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। ऐसी रोगी और सामान्य व्यक्ति भी इन परेशानियों से बचने के लिए सुबह और शाम की सैर बंद कर दें, अन्यथा यह ऐसे रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। तापमान की अधिक गिरावट हृदय को सबसे ज्यादा नुकसान देती है।
लगभग 20 दिन से जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। भीषण सर्दी हृदय रोगियों की सेहत के लिए परेशानी का सबब बनती है। पिछले तीन दिन से लगातार जिले का तापमान दो डिग्री सेल्सियस चल रहा है। ऐसे में इस भीषण ठंड से बचकर रहने की जरूरत है। सभी हृदय रोगियों को अधिक ठंड में सुबह और शाम की सैर करने से बचना चाहिए। साथ ही सभी को फास्ट फूड और धूम्रपान से दूर रहने को कहा है। वर्तमान में जिले में हृदय रोगियों की संख्या 40 से 45 प्रतिशत तक पहुंच गई है। लाइफ लाइन हॉस्पिटल के कॉर्डियोलॉजिस्ट डा. अशोक कुमार चाहल के अनुसार वर्तमान में फास्ट फूड का सेवन ज्यादा लोग कर रहे हैं, जो सही नहीं है। सबसे अहम बात ये है कि इसके शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चलने से सीने और भुजाओं में दर्द होना, सीने के बीच में अथवा दायीं तथा बायीं ओर दर्द होना आदि इसके प्रमुख शुरुआती लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि यदि पसीने के साथ सीने में दर्द होता है, तो लगभग 90 प्रतिशत हृदय संबंधी परेशानी है। ऐसा होने पर तुरंत कॉडियोलॉजिस्ट से सलाह लें।
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होते हैं पांच रिस्क सेक्टर
पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल हॉस्पिटल के डायरेक्टर छाती एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डा. अवधेश वशिष्ठ बताते हैं कि हृदय संबंधी बीमारी के मुख्यत: पांच रिस्क सेक्टर होते हैं। इनमें डायबिटिज, ब्लड प्रेशर, एल्कोहल का सेवन, मोटापा बढ़ना और धूम्रपान करना मुख्य रूप से शामिल हैं। इन पांच कारणों से हृदय रोगी बढ़ रहे हैं। वर्तमान में भागदौड़ तो अधिक है, लेकिन शारीरिक श्रम न के बराबर रह गया है। मशीनीकरण के कारण खाद्य और पेय पदार्थों से मिलने वाली कैलोरी नष्ट नहीं हो पाती। जबकि मनुष्य के शरीर से कैलोरी का बर्न होना भी बेहद जरूरी है। डा. अवधेश ने बताया कि खानपान अनियमित हो रहा है।
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जिले में नहीं है एंजियोग्राफी की सुविधा
जिले की आबादी करीब 40 लाख है। इसके बावजूद यहां पर एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टि आदि कराने के लिए रोगियों को हायर सेंटर जाना पड़ता है। यहां पर संसाधनों का काफी अभाव है। लोगों का कहना है कि सरकार को जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में और अधिक सुधार करना चाहिए। जिला अस्पताल में ये सुविधाएं मिलें तो बेहतर रहेगा।

12 साल से जिला अस्पताल में नहीं कार्डियोलॉजिस्ट
जिला अस्पताल में करीब 12 साल से कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है। सीएमएस ज्ञानचंद ने बताया कि इसके अलावा अन्य विशेषज्ञों की भी कमी है। इसके लिए वे कई बार प्रस्ताव बनाकर भेज चुके हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिले।
क्या करें
1. प्रतिदिन अन्य कार्यों की तरह व्यायाम के लिए भी समय निकालें।
2. शरीर के वजन को नियंत्रित रखें।
3. रिफाइंड की जगह सरसों के तेल का प्रयोग करें।
4. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें।
5. नियमित रूप से दवाइयां लें, इसमें लापरवाही न करें।
6. ताजे फल और सब्जियां आहार में शामिल करें।
7. स्वस्थ शरीर और दिल के लिए भरपूर नींद लें।
8. भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम करें।
क्या न करें
1. पेट की चर्बी न बढ़ने दें।
2. किसी भी तरह का धूम्रपान बिल्कुल भी न करें।
3. जंक फूड और फास्टफूड का सेवन न करें।
4. तनावग्रस्त जीवन न जिएं। इससे हार्ट अटैक आने खतरा रहता है।
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