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औषधीय पौधों से गुलजार होंगे आयुष अस्पताल

Thu, 29 Jul 2021 11:10 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 11:10 PM IST
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Ayush Hospital will be buzzing with medicinal plants
औषधीय पौधों से गुलजार होंगे आयुष अस्पताल
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बिजनौर। आयुष विभाग के अस्पताल में हर्बल पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद पौधों की खासियत के बारे में मरीजों को विस्तार से जानकारी दी जाएगी, जिससे मरीज इन पौधों का लाभ उठा सकें। अफसरों की मानें तो प्रत्येक जिले की 42 डिस्पेंसरियों में पौधे लगेंगे। प्रत्येक डिस्पेंसरी में अलग-अलग किस्म के पांच-पांच पौधे रोपित किये जाएंगे।
जिले के आयुष अस्पताल औषधियों पौधों से गुलजार होंगे। अगले माह से अस्पतालों में पौधारोपण का कार्य शुरू होगा। जनपद में आयुष के कुल 42 चिकित्सालय हैं। इनमें आयुर्वेद के 20, होम्योपैथी के 13 तथा यूनानी के नौ चिकित्सालय शामिल हैं। अफसरों की मानें तो इन सभी चिकित्सालयों मेें तुलसी, नीम, बबूल, बृजकुमारी, ऐलोविरा, अर्जुन, हरसिंगार, कांचनार, सुदर्शन, गिलोय, पीपल, पत्थरचटा, बकायन आदि औषधीय पौधे रोपित किए जाने की योजना है। शासन स्तर से हर चिकित्सालय पर प्रत्येक किस्म के पांच-पांच पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद मरीजों को इनके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा, जिससे मरीज इनका लाभ उठा सकें। चिकित्सकों का दावा है कि इन औषधीय पौधों से कान, दंत, खांसी, सांस एवं अन्य कई बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. इसमपाल सिंह ने बताया कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का हिस्सा हैं, अन्य लोगों को भी पौधरोपण करना चाहिए। इसके अलावा पौधों से कई औषधियां तैयार होती हैं, जो हमारे जीवन को बचाने के काम आती हैं। पौधरोपण कर मरीजों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाएगा।
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हर रोग को मात देती हैं आयुर्वेदिक औषधियां
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बिजनौर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. विमल कुमार ने बताया कि गिलोय ज्वर को हरने के साथ साथ कई अन्य रोगों को समूल नष्ट करने का काम करती है, जबकि कांचनार मोटापा घटाने में काम आती है। तुलसी सांस फूलने से राहत दिलाने में रामबाण औषधि है। यह सर्दी, खांसी बहुत अच्छा काम करती है। इसके अलावा सौंठ, पिप्पली आदि को पीसकर बराबर मात्रा में लेने से खांसी, नजला, जुकाम आदि से छुटकारा मिल जाता है। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाकर लेने से हृदय संबंधी बीमारियों को दूर कर देती है।
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