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कलक्ट्रेट में महात्मा विदुर के नाम पर बनेगा सभागार
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कलक्ट्रेट में महात्मा विदुर के नाम पर बनेगा सभागार
बिजनौर। यूं तो कलक्ट्रेट के सभागार में प्रशासनिक अफसर नीतियां और कार्ययोजनाओं पर मंथन करते हैं, लेकिन अब यह महात्मा विदुर की नीतियों का संवाहक भी बनेगा। कलक्ट्रेट के नए भवन का नाम महात्मा विदुर के नाम पर किए जाने की तैयारी चल रही है। सिर्फ नाम ही नहीं बल्कि सभागार की दीवारों पर विदुर नीति के संदेश लिखे जाएंगे।
बिजनौर जिला खुद में एतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए है। महाभारत काल से जिले का सीधा संबंध रहा है। महाभारत के वक्त हस्तिनापुर राजसभा में हुई उथल पुथल के बाद महात्मा विदुर ने हस्तिनापुर को छोड़ बिजनौर को ही चुना था। यहीं पर विदुरकुटी में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण से महात्मा विदुर के यहां भोज किया। गंगा किनारे विदुरकुटी आज भी महाभारत काल के इतिहास को ताजा करती है। हालांकि अब तक महात्मा विदुर का नाम सिर्फ दारानगर गंज के पास विदुरकुटी तक ही सिमटा हुआ था। प्रदेश सरकार के मुखिया सीएम योगी ने मेडिकल कॉलेज का नाम महात्मा विदुर रखा। अब जिला प्रशासन ने इस दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। अब कलक्ट्रेट में बनाए गए नए सभागार का नामकरण महात्मा विदुर के नाम पर करने का। नया सभागार अब महात्मा विदुर सभागार कहलाएगा।
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि महात्मा विदुर विश्व के पहले नीतिकार हैं। यह जिले के लिए गौरव का विषय है कि महात्मा विदुर का जुड़ाव यहां से रहा। कलक्ट्रेट सभागार को महात्मा विदुर का नाम दिया जा रहा है। उनकी तस्वीर के साथ-साथ उनकी नीति भी सभागार में लिखवाई जाएगी।
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बिजनौर। यूं तो कलक्ट्रेट के सभागार में प्रशासनिक अफसर नीतियां और कार्ययोजनाओं पर मंथन करते हैं, लेकिन अब यह महात्मा विदुर की नीतियों का संवाहक भी बनेगा। कलक्ट्रेट के नए भवन का नाम महात्मा विदुर के नाम पर किए जाने की तैयारी चल रही है। सिर्फ नाम ही नहीं बल्कि सभागार की दीवारों पर विदुर नीति के संदेश लिखे जाएंगे।
बिजनौर जिला खुद में एतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए है। महाभारत काल से जिले का सीधा संबंध रहा है। महाभारत के वक्त हस्तिनापुर राजसभा में हुई उथल पुथल के बाद महात्मा विदुर ने हस्तिनापुर को छोड़ बिजनौर को ही चुना था। यहीं पर विदुरकुटी में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण से महात्मा विदुर के यहां भोज किया। गंगा किनारे विदुरकुटी आज भी महाभारत काल के इतिहास को ताजा करती है। हालांकि अब तक महात्मा विदुर का नाम सिर्फ दारानगर गंज के पास विदुरकुटी तक ही सिमटा हुआ था। प्रदेश सरकार के मुखिया सीएम योगी ने मेडिकल कॉलेज का नाम महात्मा विदुर रखा। अब जिला प्रशासन ने इस दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। अब कलक्ट्रेट में बनाए गए नए सभागार का नामकरण महात्मा विदुर के नाम पर करने का। नया सभागार अब महात्मा विदुर सभागार कहलाएगा।
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डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि महात्मा विदुर विश्व के पहले नीतिकार हैं। यह जिले के लिए गौरव का विषय है कि महात्मा विदुर का जुड़ाव यहां से रहा। कलक्ट्रेट सभागार को महात्मा विदुर का नाम दिया जा रहा है। उनकी तस्वीर के साथ-साथ उनकी नीति भी सभागार में लिखवाई जाएगी।
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