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फर्जी अभिलेख मिलने पर 56 किसानों के आवेदन निरस्त
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फर्जी अभिलेख मिलने पर 56 किसानों के आवेदन निरस्त
धामपुर। धामपुर गन्ना समिति के 56 किसानों के ऑनलाइन नए सट्टा चलाने के लिए किए प्रत्यावेदनों में शामिल राजस्व व अन्य अभिलेखों के जांच में फर्जी पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया है। अभी भी जांच जारी है। अधिकारियों को संबंधित किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुछ किसानों ने गन्ने के नए सट्टों को चलाने के लिए फर्जी तौर पर राजस्व व अन्य अभिलेखों को ऑनलाइन कर आवेदन किया था। अब विभाग की ओर से बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में अब तक करीब 56 किसानों के ऑनलाइन आवेदन में अभिलेख फर्जी मिले हैं। संबंधित किसानों के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने के आरोप में कार्रवाई करने के लिए गन्ना समिति के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उधर, मामले के उजागर होने से संबंधित किसानों में हड़कंप मचा है।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि प्रदेश के गन्ना आयुक्त के आदेश पर गन्ना विभाग में किसानों को अबकी बार नए गन्ना सट्टा चलाने को स्वयं घोषणा पत्रों के साथ ऑनलाइन प्रत्यावेदन मांगे गए थे। धामपुर गन्ना समिति में करीब तीन हजार से ज्यादा किसानों ने गन्ना सट्टा चलाने को स्वयं ऑनलाइन आवेदन किया। अब विभाग की ओर से आवेदनों में शामिल किए अभिलेखों की जांच की जा रही है। बताया कि तीन हजार आवेदनों में से अब तक करीब 80 प्रतिशत आवेदनों में शामिल अभिलेेेखों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 56 किसानों के अभिलेख जांच में फर्जी मिले हैं।
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20 किसानों ने तो राजस्व अभिलेखों को ही फर्जी लगा दिया : एससीडीआई
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ने बताया कि जांच में फर्जी पाए गए किसानों में से 21 किसान ऐसे हैं जो बाहरी क्षेत्र के निवासी हैं। इन किसानों ने अपने को धामपुर गन्ना समिति क्षेत्र का बताकर फर्जी अभिलेखों को तैयार कर गन्ना सट्टा चलाने को आवेदन किया था। 20 किसानों के राजस्व अभिलेख पूरी तरह से फजी है। इन अभिलेखों की तहसील से जांच कराने के बाद यह पता लगा। 15 ऐसे किसान हैं कि जिनके पास खेती की जमीन कम है और उन्होंने खसरा खतौनी में छेड़छाड़ कर अपनी जमीन को बढ़ाकर सट्टे को चालू कराने को आवेदन कर दिया। इन सभी किसानों के आवेदनों को निरस्त कर इनके खिलाफ कार्रवाई करने को गन्ना समिति को विशेष सचिव मनोज कुमार को निर्देशित किया गया है।
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धामपुर। धामपुर गन्ना समिति के 56 किसानों के ऑनलाइन नए सट्टा चलाने के लिए किए प्रत्यावेदनों में शामिल राजस्व व अन्य अभिलेखों के जांच में फर्जी पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया है। अभी भी जांच जारी है। अधिकारियों को संबंधित किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुछ किसानों ने गन्ने के नए सट्टों को चलाने के लिए फर्जी तौर पर राजस्व व अन्य अभिलेखों को ऑनलाइन कर आवेदन किया था। अब विभाग की ओर से बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में अब तक करीब 56 किसानों के ऑनलाइन आवेदन में अभिलेख फर्जी मिले हैं। संबंधित किसानों के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने के आरोप में कार्रवाई करने के लिए गन्ना समिति के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उधर, मामले के उजागर होने से संबंधित किसानों में हड़कंप मचा है।
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ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि प्रदेश के गन्ना आयुक्त के आदेश पर गन्ना विभाग में किसानों को अबकी बार नए गन्ना सट्टा चलाने को स्वयं घोषणा पत्रों के साथ ऑनलाइन प्रत्यावेदन मांगे गए थे। धामपुर गन्ना समिति में करीब तीन हजार से ज्यादा किसानों ने गन्ना सट्टा चलाने को स्वयं ऑनलाइन आवेदन किया। अब विभाग की ओर से आवेदनों में शामिल किए अभिलेखों की जांच की जा रही है। बताया कि तीन हजार आवेदनों में से अब तक करीब 80 प्रतिशत आवेदनों में शामिल अभिलेेेखों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 56 किसानों के अभिलेख जांच में फर्जी मिले हैं।
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20 किसानों ने तो राजस्व अभिलेखों को ही फर्जी लगा दिया : एससीडीआई
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ने बताया कि जांच में फर्जी पाए गए किसानों में से 21 किसान ऐसे हैं जो बाहरी क्षेत्र के निवासी हैं। इन किसानों ने अपने को धामपुर गन्ना समिति क्षेत्र का बताकर फर्जी अभिलेखों को तैयार कर गन्ना सट्टा चलाने को आवेदन किया था। 20 किसानों के राजस्व अभिलेख पूरी तरह से फजी है। इन अभिलेखों की तहसील से जांच कराने के बाद यह पता लगा। 15 ऐसे किसान हैं कि जिनके पास खेती की जमीन कम है और उन्होंने खसरा खतौनी में छेड़छाड़ कर अपनी जमीन को बढ़ाकर सट्टे को चालू कराने को आवेदन कर दिया। इन सभी किसानों के आवेदनों को निरस्त कर इनके खिलाफ कार्रवाई करने को गन्ना समिति को विशेष सचिव मनोज कुमार को निर्देशित किया गया है।